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UP: हाथियों की जान बचाने के लिए एआई सिस्टम से लैस होगा रेलवे ट्रैक, इज्जतनगर मंडल ने उठाया अहम कदम
Sat, 07 Feb 2026 02:00 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 07 Feb 2026 02:00 PM IST
सार
इज्जतनगर रेल मंडल के 99.18 किलोमीटर के रेलखंड को एआई सिस्टम से लैस किया जाएगा। यह सिस्टम रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौजूदगी की सूचना तुरंत लोको पायलट, स्टेशन मास्टर व कंट्रोल रूम को देगा, जिससे हाथियों की जान बच सकेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
इज्जतनगर रेल मंडल ने हाथियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हाथी सुरक्षा प्रणाली पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत जंगलों से गुजरने वाले मंडल के 99.18 किलोमीटर के रेलखंड को एआई आधारित इनेबल्ड इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम से लैस किया जाएगा। पहले चरण में 24 किलोमीटर लंबे रेलखंड को लिया गया है। यह सिस्टम रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौजूदगी की सूचना तुरंत लोको पायलट, स्टेशन मास्टर व कंट्रोल रूम को देगा।
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पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि एआई-इनेबल्ड इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौजूदगी का आसानी से पता लगा सकता है। यह सिस्टम ऑप्टिकल फाइबर और पहले से फीड हाथियों की चाल के सिग्नेचर के आधार पर काम करता है और लोको पायलट, स्टेशन मास्टर एवं कंट्रोल रूम के लिए तुरंत संदेश भेजता है, ताकि समय रहते ट्रेन रोकी जा सके और हाथियों को बचाया जा सके। पहले चरण में इज्जतनगर मंडल के 24 किलोमीटर रेलखंडों पर काम शुरू हो गया है।
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इसके तहत लालकुआं-गुलरभोज 15.8 किलोमीटर, छतरपुर-हल्दी रोड 1.2, हल्दी रोड-लालकुआं, पंतनगर-लालकुआं 1.2, लालकुआं- हल्द्वानी 3.2 किलोमीटर के साथ काशीपुर-रामनगर व खटीमा-बनबसा रेलखंड को इस सुरक्षा प्रणाली से लैस किया जा रहा है। रेलवे और वन विभाग की टीमें हाथियों को बचाने के लिए स्पीड लिमिट, साइन बोर्ड, अंडरपास, बाड़, हनी बी बजर डिवाइस व थर्मल कैमरों जैसे कई अन्य उपयोग पर भी काम कर रहे हैं।
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