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पुराने मामले खंगाल रहा खुफिया विभाग
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बरेली। दो दिन पहले स्टेशन अधीक्षक को चिट्ठी भेजकर जंक्शन को उड़ाने की धमकी देने वाले की तलाश में कई एजेंसियां जुटी हैं, लेकिन शुक्रवार देर शाम तक इस मामले में कोई सफलता हाथ नहीं लगी। खुफिया विभाग पुराने मामलों के आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के बारे में छानबीन कर रहा है।
जंक्शन स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर को मंगलवार दोपहर एक धमकी भरी चिट्ठी मिली थी। साधारण डाक से स्टेशन अधीक्षक को भेजे गए पत्र में आईएम के एरिया कमांडर मुन्ने खां उर्फ मुल्ला की ओर से धमकी दी गई कि कांवड़ यात्रा किसी भी दशा में मुस्लिम बहुल बस्तियों से नहीं गुजरनी चाहिए। कांवड़ यात्रा को मुस्लिम इलाकों में न रोका गया तो वह जंक्शन को बम लगाकर उड़ा देगा। इसकी जानकारी प्रशासन और पुलिस को मिली तो खलबली मच गई। आरपीएफ, जीआरपी, पुलिस और खुफिया विभाग की टीमों ने जाकर घंटों जंक्शन पर छानबीन की। उसी दिन से सभी टीमें चिट्ठी भेजने वाले व उससे जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हैं। बुधवार को एडीजी अविनाश चंद्र ने जंक्शन पर जाकर मौका मुआयना किया था और आरपीएफ, जीआरपी व पुलिस साथ बैठक की थी। गुरुवार को भी जांच एजेंसियां जांच में जुटी रहीं, हालांकि कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
पूर्व में हुई आतंकी घटनाओं में शामिल होने का आरोप जिले के कई लोगों पर लगा है। रामपुर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी अमले का आरोपी बहेड़ी निवासी गुलाब खां और उसके कई साथी सेंट्रल जेल में बंद हैं। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गुलाबनगर मोहल्ला निवासी चांद मोहम्मद को तालिबानी पंपलेट और विस्फोटक पदार्थ रखने के आरोप में इज्जतनगर पुलिस ने जेल भेजा गया था। क्योलड़िया के चांद मियां को अक्षरधाम हमले के आरोप में जेल भेजा गया था। हालांकि कोर्ट ने चांद मियां को दोष मुक्त करार दिया था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक सेंट्रल जेल में बंद गुलाब खां और उसके साथियों से कौन-कौन मिलने आता है। जेल के अंदर उनकी गतिविधियां क्या हैं। इन सब पर नजर रखी जा रही है। चांद मोहम्मद और चांद मियां कहां हैं, वे क्या कर रहे हैं। उनके पास कौन-कौन आता है। इस सबकी छानबीन चल रही है। हालांकि इस मामले में पुलिस अभी तक किसी की शरारत मान रही है।
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कमजोर हुआ पुलिस का मुखबिर तंत्र
सूत्रों के मुताबिक बदले दौर में पुलिस अपराधियों को पकड़ने के मामले में सर्विलांस पर निर्भर हो गई हैं। पुलिस का मुखबिर तंत्र ध्वस्त हो चुका है। पुलिस से जुड़े लोग अपराधियों के बारे में जानकारी जुटाने के बजाय दूसरे धंधे में लगे रहते हैं। चूंकि जंक्शन स्टेशन अधीक्षक को धमकी साधारण चिट्ठी भेजकर दी गई है। इस मामले किसी मोबाइल का प्रयोग नहीं किया गया। इस कारण जांच टीमें हताश हैं।
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जंक्शन स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर को मंगलवार दोपहर एक धमकी भरी चिट्ठी मिली थी। साधारण डाक से स्टेशन अधीक्षक को भेजे गए पत्र में आईएम के एरिया कमांडर मुन्ने खां उर्फ मुल्ला की ओर से धमकी दी गई कि कांवड़ यात्रा किसी भी दशा में मुस्लिम बहुल बस्तियों से नहीं गुजरनी चाहिए। कांवड़ यात्रा को मुस्लिम इलाकों में न रोका गया तो वह जंक्शन को बम लगाकर उड़ा देगा। इसकी जानकारी प्रशासन और पुलिस को मिली तो खलबली मच गई। आरपीएफ, जीआरपी, पुलिस और खुफिया विभाग की टीमों ने जाकर घंटों जंक्शन पर छानबीन की। उसी दिन से सभी टीमें चिट्ठी भेजने वाले व उससे जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हैं। बुधवार को एडीजी अविनाश चंद्र ने जंक्शन पर जाकर मौका मुआयना किया था और आरपीएफ, जीआरपी व पुलिस साथ बैठक की थी। गुरुवार को भी जांच एजेंसियां जांच में जुटी रहीं, हालांकि कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
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पूर्व में हुई आतंकी घटनाओं में शामिल होने का आरोप जिले के कई लोगों पर लगा है। रामपुर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी अमले का आरोपी बहेड़ी निवासी गुलाब खां और उसके कई साथी सेंट्रल जेल में बंद हैं। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गुलाबनगर मोहल्ला निवासी चांद मोहम्मद को तालिबानी पंपलेट और विस्फोटक पदार्थ रखने के आरोप में इज्जतनगर पुलिस ने जेल भेजा गया था। क्योलड़िया के चांद मियां को अक्षरधाम हमले के आरोप में जेल भेजा गया था। हालांकि कोर्ट ने चांद मियां को दोष मुक्त करार दिया था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक सेंट्रल जेल में बंद गुलाब खां और उसके साथियों से कौन-कौन मिलने आता है। जेल के अंदर उनकी गतिविधियां क्या हैं। इन सब पर नजर रखी जा रही है। चांद मोहम्मद और चांद मियां कहां हैं, वे क्या कर रहे हैं। उनके पास कौन-कौन आता है। इस सबकी छानबीन चल रही है। हालांकि इस मामले में पुलिस अभी तक किसी की शरारत मान रही है।
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कमजोर हुआ पुलिस का मुखबिर तंत्र
सूत्रों के मुताबिक बदले दौर में पुलिस अपराधियों को पकड़ने के मामले में सर्विलांस पर निर्भर हो गई हैं। पुलिस का मुखबिर तंत्र ध्वस्त हो चुका है। पुलिस से जुड़े लोग अपराधियों के बारे में जानकारी जुटाने के बजाय दूसरे धंधे में लगे रहते हैं। चूंकि जंक्शन स्टेशन अधीक्षक को धमकी साधारण चिट्ठी भेजकर दी गई है। इस मामले किसी मोबाइल का प्रयोग नहीं किया गया। इस कारण जांच टीमें हताश हैं।