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Railways: वेटिंग टिकट, निरस्तीकरण या तत्काल, रेलवे हो रहा मालामाल; यात्रियों को महंगा पड़ रहा रेल सफर

Thu, 14 Dec 2023 02:02 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 14 Dec 2023 02:02 PM IST
सार

ट्रेन में टिकट बुक कराने पर आईआरसीटीसी प्रति नॉन एसी टिकट पर 20 और एसी श्रेणी के टिकट की बुकिंग पर 40 रुपये सर्विस चार्ज लेता है। इसके अलावा 18 फीसदी जीएसटी भी वसूला जाता है।

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Waiting ticket cancellation or Tatkal Railways is getting rich
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लंबी दूरी की यात्रा के लिए ट्रेन की सवारी सबसे मुफीद मानी जाती है। आम आदमी के लिए यह किसी लाइफ लाइन से कम नहीं है, पर मौजूदा हालात इससे अलग हैं। रेलवे का जोर यात्री सुविधाओं पर कम और कमाई पर ज्यादा है। ट्रेनों में जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोच घटाकर एसी श्रेणी के कोच बढ़ाए जा रहे हैं। नतीजतन यात्रा महंगी हो गई है। 

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वहीं, एसी व जनरल श्रेणी के कोच में क्षमता से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। टिकट बुकिंग से लेकर रिफंड तक के लिए यात्रियों से कटौती की जा रही है। वेटिंग टिकट लेकर सफर करने वाले यात्रियों को दुर्दशा झेलनी पड़ती है, वहीं दूसरी ओर रेलवे अपनी तिजोरी भर रहा है।
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रेलवे ने 22 कोच की ज्यादातर ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या चार और छह से घटाकर दो कर दी है। कुछ ट्रेनों में तो एक ही जनरल कोच लगाया जा रहा है। मजबूरन जरनल श्रेणी के यात्रियों को स्लीपर कोच में सफर करना पड़ रहा है। एसी श्रेणी के कोचों की भी यही स्थिति है। इस कारण कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। 
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ट्रेन के स्लीपर कोच में सीटों की संख्या 72 से 80 तक होती है। एसी कोच में सीटों की संख्या 42 से 48 के बीच होती है। जनरल कोच में 250-300 यात्री बैठ सकते हैं। इन दिनों ट्रेनों के जनरल कोचों में 500-600 और एक स्लीपर कोच में 250-300 यात्री सफर कर रहे हैं। जनरल श्रेणी के कोच घटाए जाने से यह समस्या बढ़ी है।

डायवर्जन ने बढ़ाई मुश्किल
ट्रेनों के डायवर्जन ने इन दिनों यात्रियों की मुश्किलों को कई गुना बढ़ा दिया है। बरेली से हरदोई, संडीला, बालामऊ, बाराबंकी, लखनऊ होते हुए पूर्वांचल और बिहार की ओर जाने वाली 22 ट्रेनों को इन दिनों रोजा से बाया सीतापुर, बुढ़वल, गोंडा होते हुए चलाया जा रहा है। 

ऐसे में लखनऊ रूट के यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाराबंकी और लखनऊ में एक माह के मेगा ब्लॉक के दौरान आठ ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में निरस्त भी कर दिया गया है। कोहरे की वजह से 56 जोड़ी ट्रेनों को पहले ही तीन माह के लिए निरस्त कर दिया गया है।

इतना लगता है सर्विस चार्ज 
ट्रेन में टिकट बुक कराने पर आईआरसीटीसी प्रति नॉन एसी टिकट पर 20 और एसी श्रेणी के टिकट की बुकिंग पर 40 रुपये सर्विस चार्ज लेता है। इसके अलावा 18 फीसदी जीएसटी भी वसूला जाता है। अगर टिकट कंफर्म नहीं होता तो तीन से चार दिन में रिफंड कर दिया जाता है, लेकिन जीएसटी और सर्विस चार्ज की कटौती हो जाती है। इसके अलावा कुल किराये की 10 फीसदी कटौती कर ली जाती है। 

अगर टिकट कंफर्म है और कोई यात्री 48 घंटे पहले अपना टिकट कैंसिल कराता है तो एसी फर्स्ट क्लास और एग्जीक्यूटिव क्लास के टिकट पर रेलवे 240 रुपये की कटौती करता है। इसी तरह अगर आपका टिकट सेकंड एसी का है तो इसके लिए रेलवे 200 रुपये वसूलता है। तत्काल टिकट लेने पर रेलवे कुल किराये का दोगुना वसूल करता है।

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