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राधेश्याम इंक्लेव के अवैध निर्माण को बीडीए ने किया ध्वस्त
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:07 AM IST
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राधेश्याम इंक्लेव के बाहर बन रहे दीक्षा इंटरप्राइजेज के निर्माणाधीन अपार्टमेंट के अवैध हिस्से को बीडीए ने ध्वस्त कर दिया। यहा पर पिछले डेढ़ साल से निर्माण चल रहा था। विवाद के कारण शासन की ओर से निर्माण रोकने को निर्देश भी मिले थे। बीडीए ने रविंद्र अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
मंगलवार को बीडीए की टीम दल बल के साथ निर्माण ध्वस्त कराने पहुंच गई। टीम को देखकर भारी तादात में लोग जुटे रहे । ध्वस्तीकरण के दौरान प्राइवेट लोग इस कार्रवाई को मोबाइल में कैद कर रहे थे। वहां तैनात एसीएम तथा पुलिस बल ने उनके मोबाइल अपने कब्जे में लेकर वीडियो क्लीपिंग को डिलिट करा दिया।
पुलिस और अपर नगर मजिस्ट्रेट भी एहतियात के तौर पर तैनात रहे। नक्शे के विपरीत बने निर्माण को धन से तोड़ दिया गया। यह निर्माण राजनैतिक विवादों में भी रहा था। शासन ने पहले दीक्षा इंटरप्राइजेज को नोटिस जारी कर निर्माण रोकने को कहा था, लेकिन निर्माण जारी रहा। बीडीए ने दबाव के चलते इस पर रोक नहीं लगाई।
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इस बारे में दीक्षा इंटरप्राइजेज की मोनिका अग्रवाल का कहना है कि बीडीए से नक्शा पास होने के बाद भी यह कार्रवाई की गई जो स्वागत योग्य है। लेकिन बीडीए यह बताए कि उसके पास 53 हजार फाइलें ध्वस्तीकरण की पड़ी हुई हैं उसका क्या होगा।
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मंगलवार को बीडीए की टीम दल बल के साथ निर्माण ध्वस्त कराने पहुंच गई। टीम को देखकर भारी तादात में लोग जुटे रहे । ध्वस्तीकरण के दौरान प्राइवेट लोग इस कार्रवाई को मोबाइल में कैद कर रहे थे। वहां तैनात एसीएम तथा पुलिस बल ने उनके मोबाइल अपने कब्जे में लेकर वीडियो क्लीपिंग को डिलिट करा दिया।
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पुलिस और अपर नगर मजिस्ट्रेट भी एहतियात के तौर पर तैनात रहे। नक्शे के विपरीत बने निर्माण को धन से तोड़ दिया गया। यह निर्माण राजनैतिक विवादों में भी रहा था। शासन ने पहले दीक्षा इंटरप्राइजेज को नोटिस जारी कर निर्माण रोकने को कहा था, लेकिन निर्माण जारी रहा। बीडीए ने दबाव के चलते इस पर रोक नहीं लगाई।
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इस बारे में दीक्षा इंटरप्राइजेज की मोनिका अग्रवाल का कहना है कि बीडीए से नक्शा पास होने के बाद भी यह कार्रवाई की गई जो स्वागत योग्य है। लेकिन बीडीए यह बताए कि उसके पास 53 हजार फाइलें ध्वस्तीकरण की पड़ी हुई हैं उसका क्या होगा।