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कुतुबखाना: जिला अस्पताल के फुटओवर ब्रिज के ऊपर से गुजरेगा वाईशेप फ्लाईओवर
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एसपी यातायात से मुलाकात करते कुतुबखाना क्षेत्र के व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद पुल बनाने की योजना में फिर बदलाव, सर्वे कराकर दो सप्ताह के अंदर दोबारा डीपीआर बनाने के निर्देश
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बरेली। कुतुबखाना बाजार पर फ्लाईओवर बनाने की योजना एक बार फिर पूरी तरह पलट गई है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के हस्तक्षेप के बाद इस पुल को दोबारा वाईशेप में बनाने की कोशिश की जाएगी। जिला पंचायत के सामने जहां सड़क को तंग बताकर वाई शेप पुल का एक सिरा यहां उतारना नामुमकिन बताया गया था, अब पुल के इस सिरे को जिला पंचायत से और आगे उतारकर इसका समाधान तलाश करने को मंथन किया जाएगा। यह भी तय हुआ है कि शहर के सबसे ऊंचे इस पुल पर हल्के वाहनों को ही गुजरने की इजाजत दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के साथ मेयर और शहर विधायक की मौजूदगी में स्मार्ट सिटी के अफसरों की बैठक में लंबे मंथन के बाद अब कुतुबखाना फ्लाईओवर का डिजायन तय करने के लिए नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है। दरअसल पहले कुतुबखाना फ्लाईओवर को वाईशेप में ही बनाने का निर्णय लिया गया था लेकिन जिला पंचायत के सामने सड़क तंग होने की वजह से पुल का एक सिरा यहां उतारना मुमकिन न होना मानते हुए वाईशेप पुल बनाने का इरादा छोड़ दिया गया था। रविवार को हुई बैठक में मेयर ने फ्लाईओवर के बजाय अंडरपास बनाने का सुझाव रखा लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी।
सेतु निगम अफसरोें ने प्रोजेक्ट की सर्वे रिपोर्ट दिखाई तो केंद्रीय मंत्री ने चौपुला पुल की मिसाल देते हुए कहा कि यह पुल भी वाईशेप बनना था लेकिन उसे सीधा बना दिया गया। अब जनता मुसीबत झेल रही है। इसलिए कुतुबखाना पर पुल वाईशेप ही बनाने पर विचार किया जाए। डिजायन भी ऐसा बनाया जाए ताकि कारोबार प्रभावित न हो। स्मार्ट सिटी के अफसरों के यह कहने पर कि जिला पंचायत के सामने पुल उतारने लायक चौड़ी जगह नहीं है, इस पर तय हुआ कि पुल का यह सिरा और आगे बढ़ा दिया जाए। मेयर उमेश गौतम और भाजपा शहर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा ने सुभाषनगर रेलवे पुलिया पर भी ओवरब्रिज बनाने का मुद्दा रखा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दो साल पहले ही यह प्रोजेक्ट बना था। उन्होंने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को इसे भी प्राथमिकता पर रखने को कहा।
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केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के साथ मेयर और शहर विधायक की मौजूदगी में स्मार्ट सिटी के अफसरों की बैठक में लंबे मंथन के बाद अब कुतुबखाना फ्लाईओवर का डिजायन तय करने के लिए नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है। दरअसल पहले कुतुबखाना फ्लाईओवर को वाईशेप में ही बनाने का निर्णय लिया गया था लेकिन जिला पंचायत के सामने सड़क तंग होने की वजह से पुल का एक सिरा यहां उतारना मुमकिन न होना मानते हुए वाईशेप पुल बनाने का इरादा छोड़ दिया गया था। रविवार को हुई बैठक में मेयर ने फ्लाईओवर के बजाय अंडरपास बनाने का सुझाव रखा लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी।
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सेतु निगम अफसरोें ने प्रोजेक्ट की सर्वे रिपोर्ट दिखाई तो केंद्रीय मंत्री ने चौपुला पुल की मिसाल देते हुए कहा कि यह पुल भी वाईशेप बनना था लेकिन उसे सीधा बना दिया गया। अब जनता मुसीबत झेल रही है। इसलिए कुतुबखाना पर पुल वाईशेप ही बनाने पर विचार किया जाए। डिजायन भी ऐसा बनाया जाए ताकि कारोबार प्रभावित न हो। स्मार्ट सिटी के अफसरों के यह कहने पर कि जिला पंचायत के सामने पुल उतारने लायक चौड़ी जगह नहीं है, इस पर तय हुआ कि पुल का यह सिरा और आगे बढ़ा दिया जाए। मेयर उमेश गौतम और भाजपा शहर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा ने सुभाषनगर रेलवे पुलिया पर भी ओवरब्रिज बनाने का मुद्दा रखा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दो साल पहले ही यह प्रोजेक्ट बना था। उन्होंने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को इसे भी प्राथमिकता पर रखने को कहा।
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