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Bareilly News: भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई पर उठे सवाल, छह अफसर लखनऊ तलब

Thu, 12 Oct 2023 02:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 12 Oct 2023 02:05 AM IST
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Questions raised on action against corruption, six officers summoned to Lucknow
बरेली। राष्ट्रीय आजीविका मिशन और ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के तीन मामलों ने तूल पकड़ लिया है। इन मामलों में जिलास्तरीय अधिकारियों की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। छह अधिकारियों को 16 अक्तूबर को लखनऊ में तलब किया गया है।
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पहला व दूसरा मामला ग्राम विकास अधिकारी के भ्रष्टाचार का है। इन मामलों में कार्रवाई में देरी की वजह से मुख्य विकास अधिकारी को विधान परिषद की समिति ने तलब किया है। वहीं तीसरा मामला राष्ट्रीय आजीविका मिशन से संबंधित है। इस मामले में भोजीपुरा ब्लाॅक की ब्लाॅक मिशन मैनेजर कविता गंगवार भ्रष्टाचार में नामजद हुई थीं। उन्होंने अफसरों की जांच पर सवाल उठाते हुए मानवाधिकार आयोग में दस्तक दी है। इसलिए उपायुक्त श्रम एवं रोजगार रहे गंगाराम, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के उपायुक्त बलवंत सिंह, लेखाधिकारी रामआसरे व खंड विकास अधिकारी कमल श्रीवास्तव को मानवाधिकार आयोग लखनऊ ने तलब किया है।
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विस्तार से जानिए, क्या हैं तीनों प्रकरण
1. ग्राम विकास अधिकारी विपिन पांडेय के पिता के नाम पर फर्म बनाई गई और पत्नी को प्रोपराइटर बनाकर भुगतान निकाला गया। उन ग्राम पंचायतों के लिए सामग्री की खरीद की गई थी, जहां पर वे तैनात थे। सगे-संबंधियों की फर्म से सामग्री न खरीदने का शासनादेश है, जिसे धता बताकर वित्तीय अनियमितता की गई। जांच में 25 मई 2023 को आरोप की पुष्टि हुई हुई, लेकिन राजनीतिक दबाव में अफसरों ने तत्काल ग्राम विकास अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की।
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2. ग्राम पंचायत केसरपुर की प्रधान अस्पताल में भर्ती थीं। ग्राम विकास अधिकारी विपिन पांडेय उनके डोंगल का इस्तेमाल करते रहे और ग्राम पंचायत के खजाने से 7,76,426 रुपये निकाल लिए, लेकिन अफसरों ने विपिन पांडेय पर रहमदिली दिखाई। शासन ने संज्ञान लिया तो अपर जिला पंचायत राज अधिकारी रिजवान अहमद ने बिथरी थाने में 8 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन निलंबित नहीं किया। निदेशक पंचायती राज और ग्राम विकास आयुक्त ने संज्ञान लिया तब 14 सितंबर को आरोपी निलंबित हुआ।
3. राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 19 क्लस्टर लेवल फेडरेशन के स्थान पर 22 फेडरेशन के लिए 22.86 हजार रुपये भेजे गए। तीन फेडरेशन ऐसे थे जिन्होंने मानदेय के लिए कोई काम नहीं किया था। 11 फेडरेशन ऐसे थे जिन्हें देय भुगतान से कम या ज्यादा भेजा गया था। हेराफेरी का आरोप लगाते हुए जांच के बाद ब्लाॅक मिशन मैनेजर कविता गंगवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

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जिम्मेदारों के बयान
महिला आयोग में भी कविता गंगवार ने शिकायत की थी। जांच समिति गठित हुई थी, जांच में कविता गंगवार को वित्तीय अनियमितता के लिए जिम्मेदार माना गया है। मानवाधिकार आयोग को तथ्यों से अवगत कराया जाएगा। - बलवंत सिंह, उपायुक्त राष्ट्रीय आजीविका मिशन

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