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रामगंगा नगर में 26353 आवासों में बसेगी सवा लाख की आबादी
बरेली
Updated Sun, 13 Dec 2015 02:06 AM IST
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बरेली। राज्य की हाईपावर कमेटी ने बरेली के जिस स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है उसके मुताबिक रामगंगा नगर में बीडीए की 670 एकड़ जमीन पर 4158.33 करोड़ की लागत से सवा करोड़ से अधिक लोगों के रहने लायक एक नया शहर बसना है। इसमें एरिया बेस्ट डेवलपमेंट पर 4043.47 करोड़ और पेन सिटी पर 114.87 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्र सरकार की देखरेख में, नगर निगम और बीडीए मिलकर एक कंपनी (एसपीवी)के तौर पर पीपीपी मोड से विभिन्न मदों में 3508.03 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। नगर निगम स्मार्ट सिटी से पूरे खर्च निकालने के बाद 411 करोड़ का लाभ कमाया जाएगा।
यूपी के 12 शहरों सेे ग्रीन फील्ड विकल्प से 670 एकड़ जमीन पर स्मार्ट सिटी बसाने का विकल्प बरेली नगर निगम की ओर से ही रखा गया। अधिकांश शहरों ने रेट्रोफिटिंग और रिडवलपमेंट विकल्प चुने हैं। मेयर और नगर आयुक्त की मानें तो इस विकल्प से बरेली का चयन प्रथम चरण में होने वाले 20 शहरों में होने के प्रबल आसार हैं। 15 दिसंबर को प्रोजेक्ट शहरी विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंत्रालय देश भर के शहरों से आए स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट की समीक्षा करेगा। उसमें से 20 शहर चयनित किए जाएंगे। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने बताया कि प्रथम चरण में चुने जाने वाले 20 शहरों की घोषणा 26 जनवरी को होगी।
क्या होगा स्मार्ट सिटी में
स्मार्ट सिटी में 670 एकड़ जमीन पर एर्फोडेबिल हाउसिंग, एलआईजी, एमआईजी हाउसिंग वन, एमआईजी हाउसिंग टू, एचआईजी हाउसिंग वन और एचआईजी हाउसिंग टू को मिलाकर 146250 स्क्वायर मीटर एरिया में 26353 आवास बनाए जाएंगे। जिनमें सवा लाख से ज्यादा की आबादी बसाने का इरादा है। हाउसिंग और कामर्शियल काम्पलैक्स बनाने में प्राइवेट पार्टनर निवेश करेंगे। इसी तरह शहर को स्मार्ट बनाने में भी प्राइवेट पार्टनर होंगे जो यूजर चार्जेज के रूप में अपना पैसा वापस लेंगे। स्मार्ट सिटी में एलईडी बेस्ड स्ट्रीट लाइट, वाई-फाइ जोन, सोलर एनर्जी, स्मार्ट मेटरिंग, पर्याप्त वाटर सप्लाई, सीसीटीवी कैमरे, सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोल रूम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कूड़ा उठान और निस्तारण, आईटी कनेक्टिविटी एंड डिजीटलाइजेशन, कम्यूनिटी सेंटर, साइकिल ट्रैक, स्मार्ट पार्किंग, टहलने के लिए फुटपाथ, नान विहाइकिल स्ट्रीट जोन, अर्बन हेल्थ सेंटर, इनडोर और आउटडोर स्पोर्टस एरिया, बच्चों और महिलाओं के लिए स्पेशल सुरक्षित पार्क डिजीटल साइनेज और सूचनायुक्त स्ट्रीटलाइट वाले बोर्ड समेत अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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ये भी होगा--
जोन एक को प्राइवेट सेक्टर की मदद से पांच साल में इनकम बेस्ट एरिया बनाया जाएगा। जोन दो स्पेशल यूटीलिटी के रूप में विकसित होगा। जोन तीन में काशीराम आवास योजना समेत जनता की सुविधा के लिए अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे।
मोटा खर्च ----
एरिया वेस्ट डेवलपमेंट 4043.47
पेन सिटी इनीसिएटिव 114.87
कुल 4158.33
स्मार्टनेस का खर्चा ( करोड़ में)
एलईडी लाइट - 82.00 करोड़
सीसीटीवी कैमरा - 4.10 करोड़
सीसीटीवी कंट्रोल सेंटर 5.00 करोड़
डिजिटल इनफारमेंशन
साइनेज 9.84 करोड़
रेन वाटर हार्वेस्टिंग 26.00 करोड़
फुटपाथ (52 किमी) 33.80 करोड़
सीवरेज (26 किमी) 89.70 करोड़
वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम 40.95 करोड़
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट 17.55 करोड़
आईटी कनेक्टिविटी 5.00 करोड़
नान मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट
(30 किमी) 15.00 करोड़
महिला एवं बच्चों की सुरक्षा 0.30 करोड़
खुले एरिया के बेहतर प्रयोग 33.00 करोड़
वाटर सप्लाई 2.285 करोड़
411.70 करोड़ कमाने का अनुमान
स्मार्ट सिटी से पहले साल 327.60 करोड़, दूसरे साल 360.36 करोड़ तीसरे साल 339.77 करोड़ रुपये की आय होगी। यहां पहले रेजीडेंसियल और कामर्शियल एरिया की जमीन की बिक्री की जाएगी। वर्तमान में रेजीडेंसियल एरिया की जमीन की कीमत 12 हजार और कामर्शियल एरिया की जमीन की कीमत 24 हजार प्रति स्क्वायर मीटर लगायी गयी है। स्मार्ट सिटी पर कुल 3508.03 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद 411.70 करोड़ का लाभ कमाने का अनुमान है।
गांव ऐसे ही रहेंगे
रामगंगा नगर में विकसित स्मार्ट शहर के बीच में तीन गांव भी पड़ रहे हैं। कंसल्टेंट एजेंसी ने इनको अभी अपने प्रोजेक्ट में शामिल नहीं किया है। एजेंसी प्रतिनिधियों का कहना है कि ये उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इन पर निर्णय प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बाद लिया जा सकता है।
‘हाई पॉवर कमेटी के समक्ष स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट का बेहतर प्रजेंटेशन हुआ है। बरेली का प्रोजेक्ट अन्य शहरों से अलग है। ग्रीन फील्ड डेवलपमेंट का विकल्प केवल हमने ही चुना है। बाकी शहरों ने अन्य दो विकल्पों पर काम किया है। उम्मीद है कि बरेली का चयन 20 शहरों में हो जाएगा।’
शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त
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यूपी के 12 शहरों सेे ग्रीन फील्ड विकल्प से 670 एकड़ जमीन पर स्मार्ट सिटी बसाने का विकल्प बरेली नगर निगम की ओर से ही रखा गया। अधिकांश शहरों ने रेट्रोफिटिंग और रिडवलपमेंट विकल्प चुने हैं। मेयर और नगर आयुक्त की मानें तो इस विकल्प से बरेली का चयन प्रथम चरण में होने वाले 20 शहरों में होने के प्रबल आसार हैं। 15 दिसंबर को प्रोजेक्ट शहरी विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंत्रालय देश भर के शहरों से आए स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट की समीक्षा करेगा। उसमें से 20 शहर चयनित किए जाएंगे। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने बताया कि प्रथम चरण में चुने जाने वाले 20 शहरों की घोषणा 26 जनवरी को होगी।
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क्या होगा स्मार्ट सिटी में
स्मार्ट सिटी में 670 एकड़ जमीन पर एर्फोडेबिल हाउसिंग, एलआईजी, एमआईजी हाउसिंग वन, एमआईजी हाउसिंग टू, एचआईजी हाउसिंग वन और एचआईजी हाउसिंग टू को मिलाकर 146250 स्क्वायर मीटर एरिया में 26353 आवास बनाए जाएंगे। जिनमें सवा लाख से ज्यादा की आबादी बसाने का इरादा है। हाउसिंग और कामर्शियल काम्पलैक्स बनाने में प्राइवेट पार्टनर निवेश करेंगे। इसी तरह शहर को स्मार्ट बनाने में भी प्राइवेट पार्टनर होंगे जो यूजर चार्जेज के रूप में अपना पैसा वापस लेंगे। स्मार्ट सिटी में एलईडी बेस्ड स्ट्रीट लाइट, वाई-फाइ जोन, सोलर एनर्जी, स्मार्ट मेटरिंग, पर्याप्त वाटर सप्लाई, सीसीटीवी कैमरे, सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोल रूम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कूड़ा उठान और निस्तारण, आईटी कनेक्टिविटी एंड डिजीटलाइजेशन, कम्यूनिटी सेंटर, साइकिल ट्रैक, स्मार्ट पार्किंग, टहलने के लिए फुटपाथ, नान विहाइकिल स्ट्रीट जोन, अर्बन हेल्थ सेंटर, इनडोर और आउटडोर स्पोर्टस एरिया, बच्चों और महिलाओं के लिए स्पेशल सुरक्षित पार्क डिजीटल साइनेज और सूचनायुक्त स्ट्रीटलाइट वाले बोर्ड समेत अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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ये भी होगा--
जोन एक को प्राइवेट सेक्टर की मदद से पांच साल में इनकम बेस्ट एरिया बनाया जाएगा। जोन दो स्पेशल यूटीलिटी के रूप में विकसित होगा। जोन तीन में काशीराम आवास योजना समेत जनता की सुविधा के लिए अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे।
मोटा खर्च ----
एरिया वेस्ट डेवलपमेंट 4043.47
पेन सिटी इनीसिएटिव 114.87
कुल 4158.33
स्मार्टनेस का खर्चा ( करोड़ में)
एलईडी लाइट - 82.00 करोड़
सीसीटीवी कैमरा - 4.10 करोड़
सीसीटीवी कंट्रोल सेंटर 5.00 करोड़
डिजिटल इनफारमेंशन
साइनेज 9.84 करोड़
रेन वाटर हार्वेस्टिंग 26.00 करोड़
फुटपाथ (52 किमी) 33.80 करोड़
सीवरेज (26 किमी) 89.70 करोड़
वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम 40.95 करोड़
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट 17.55 करोड़
आईटी कनेक्टिविटी 5.00 करोड़
नान मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट
(30 किमी) 15.00 करोड़
महिला एवं बच्चों की सुरक्षा 0.30 करोड़
खुले एरिया के बेहतर प्रयोग 33.00 करोड़
वाटर सप्लाई 2.285 करोड़
411.70 करोड़ कमाने का अनुमान
स्मार्ट सिटी से पहले साल 327.60 करोड़, दूसरे साल 360.36 करोड़ तीसरे साल 339.77 करोड़ रुपये की आय होगी। यहां पहले रेजीडेंसियल और कामर्शियल एरिया की जमीन की बिक्री की जाएगी। वर्तमान में रेजीडेंसियल एरिया की जमीन की कीमत 12 हजार और कामर्शियल एरिया की जमीन की कीमत 24 हजार प्रति स्क्वायर मीटर लगायी गयी है। स्मार्ट सिटी पर कुल 3508.03 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद 411.70 करोड़ का लाभ कमाने का अनुमान है।
गांव ऐसे ही रहेंगे
रामगंगा नगर में विकसित स्मार्ट शहर के बीच में तीन गांव भी पड़ रहे हैं। कंसल्टेंट एजेंसी ने इनको अभी अपने प्रोजेक्ट में शामिल नहीं किया है। एजेंसी प्रतिनिधियों का कहना है कि ये उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इन पर निर्णय प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बाद लिया जा सकता है।
‘हाई पॉवर कमेटी के समक्ष स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट का बेहतर प्रजेंटेशन हुआ है। बरेली का प्रोजेक्ट अन्य शहरों से अलग है। ग्रीन फील्ड डेवलपमेंट का विकल्प केवल हमने ही चुना है। बाकी शहरों ने अन्य दो विकल्पों पर काम किया है। उम्मीद है कि बरेली का चयन 20 शहरों में हो जाएगा।’
शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त