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Bareilly News: आठ माह में दो बार भेजा प्रस्ताव, कुत्तों के शेल्टर होम को नहीं मिल पाया बजट
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जौनपुर। नगर निगम की ओर से लावारिस कुत्तों के लिए नंदोसी में प्रस्तावित डॉग शेल्टर का काम बजट की कमी के चलते आगे नहीं बढ़ पा रहा। इसके लिए आठ माह में दो बार प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा गया पर अब तक बजट नहीं मिल पाया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में बेसहारा कुत्तों की संख्या करीब 56 हजार है। ये आए दिन लोगों पर हमला कर देते हैं। कुत्तों के हमले में अब तक कई लोग जख्मी हो चुके हैं। इन्हें पकड़कर रखने के लिए डॉग शेल्टर प्रस्तावित है। यहां इनके भोजन व पानी के साथ सुरक्षा की भी व्यवस्था की जाएगी।
शेल्टर होम बनाने के लिए निगम की तरफ से सीबीगंज के नदोसी में ही 5.50 एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है। इसमें एक हजार कुत्तों को रखा जा सकता है। निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये चाहिए। इसके लिए जनवरी में प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसे मंजूरी न मिलने पर जुलाई में दोबारा प्रस्ताव दिया गया। अब भी बजट का इंतजार हो रहा है।
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बंदरों को पकड़ने व एबीसी सेंटर के संचालन के लिए टेंडर फाइनल नहीं :
कुत्तों को पकड़कर रखने के लिए परसाखेड़ा में 1.6 करोड़ रुपये से एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर बनकर तैयार है। टेंडर फाइनल न होने के कारण इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। वहीं, बंदरों को पकड़कर शाहजहांपुर व पीलीभीत के जंगल में छोड़ना है। इसकी टेक्निकल बिड खोली गई है जबकि फाइनेंशियल बिड अभी तक नहीं खोली गई है।
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पांच साल में चार मासूमों की मौत
शहर की सघन बस्तियों से लेकर पॉश इलाकों तक में खूंखार कुत्तों का आतंक है। कुत्तों के हमले में पांच साल में चार मासूमों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2022 में बंडिया निवासी मोरपाल (आठ), दो फरवरी 2023 को ट्यूलिया निवासी परी (दो), वर्ष 2023 में बंडिया निवासी रोहणी (छह), 16 अगस्त 2026 को गांव लटूरी निवासी इनाया (छह) की मौत हुई। इसी दौरान 12 लोग रेबीज की चपेट में आकर जान गवां चुके हैं। इसके अलावा सीबीगंज, किला, स्वालेनगर, पुराना शहर, सुभाषनगर, साहूकारा, कालीबाड़ी, सिविल लाइंस, बिहारीपुर, कटरा चांद खां, पुराना शहर में भी कुत्तों का आतंक है।
वर्जन :
टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सबसे कम दर डालने वाली फर्म को निविदा दी जाएगी। बजट स्वीकृति का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। - डाॅ. हरपाल सिंह, पशु कल्याण अधिकारी, नगर निगम
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नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में बेसहारा कुत्तों की संख्या करीब 56 हजार है। ये आए दिन लोगों पर हमला कर देते हैं। कुत्तों के हमले में अब तक कई लोग जख्मी हो चुके हैं। इन्हें पकड़कर रखने के लिए डॉग शेल्टर प्रस्तावित है। यहां इनके भोजन व पानी के साथ सुरक्षा की भी व्यवस्था की जाएगी।
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शेल्टर होम बनाने के लिए निगम की तरफ से सीबीगंज के नदोसी में ही 5.50 एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है। इसमें एक हजार कुत्तों को रखा जा सकता है। निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये चाहिए। इसके लिए जनवरी में प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसे मंजूरी न मिलने पर जुलाई में दोबारा प्रस्ताव दिया गया। अब भी बजट का इंतजार हो रहा है।
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बंदरों को पकड़ने व एबीसी सेंटर के संचालन के लिए टेंडर फाइनल नहीं :
कुत्तों को पकड़कर रखने के लिए परसाखेड़ा में 1.6 करोड़ रुपये से एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर बनकर तैयार है। टेंडर फाइनल न होने के कारण इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। वहीं, बंदरों को पकड़कर शाहजहांपुर व पीलीभीत के जंगल में छोड़ना है। इसकी टेक्निकल बिड खोली गई है जबकि फाइनेंशियल बिड अभी तक नहीं खोली गई है।
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पांच साल में चार मासूमों की मौत
शहर की सघन बस्तियों से लेकर पॉश इलाकों तक में खूंखार कुत्तों का आतंक है। कुत्तों के हमले में पांच साल में चार मासूमों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2022 में बंडिया निवासी मोरपाल (आठ), दो फरवरी 2023 को ट्यूलिया निवासी परी (दो), वर्ष 2023 में बंडिया निवासी रोहणी (छह), 16 अगस्त 2026 को गांव लटूरी निवासी इनाया (छह) की मौत हुई। इसी दौरान 12 लोग रेबीज की चपेट में आकर जान गवां चुके हैं। इसके अलावा सीबीगंज, किला, स्वालेनगर, पुराना शहर, सुभाषनगर, साहूकारा, कालीबाड़ी, सिविल लाइंस, बिहारीपुर, कटरा चांद खां, पुराना शहर में भी कुत्तों का आतंक है।
वर्जन :
टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सबसे कम दर डालने वाली फर्म को निविदा दी जाएगी। बजट स्वीकृति का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। - डाॅ. हरपाल सिंह, पशु कल्याण अधिकारी, नगर निगम