UP News: आयकर छापे के बाद मुनाफाखोर हुए सक्रिय, इस शहर में पान मसाला की कीमतें बढ़ीं
लखनऊ और दिल्ली की आयकर टीमों ने दो प्रमुख पान मसाला डीलर भाइयों के यहां छापा मारा था। साथ ही, कानपुर में भी पान मसाला निर्माताओं के आवास, गोदाम पर टीमों ने सर्वे किया था। इसके चलते विभिन्न ब्रांड के पान मसालों की जिले में आवक प्रभावित रही।
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बरेली में बीते सप्ताह पान मसाला डीलर भाइयों के आवास और गोदाम पर आयकर छापा पड़ने से बाजार में मुनाफाखोर सक्रिय हो गए हैं। पान मसाला के भाव प्रति पैकेट 35-40 रुपये तक बढ़ गए हैं। विक्रेताओं का कहना है कि होलसेल बाजार में कीमतें बढ़ने की वजह से फुटकर में दाम बढ़े हैं।
लखनऊ और दिल्ली की आयकर टीमों ने दो प्रमुख पान मसाला डीलर भाइयों के यहां छापा मारा था। साथ ही, कानपुर में भी पान मसाला निर्माताओं के आवास, गोदाम पर टीमों ने सर्वे किया था। इसके चलते विभिन्न ब्रांड के पान मसालों की जिले में आवक प्रभावित रही। बताते हैं कि डीलर अमित भारद्वाज के बीमार होने और उनके बड़े भाई रामसेवक के शहर में मौजूद न होने से कई होलसेल कारोबारियों ने मुनाफाखोरी शुरू कर दी। पान मसाला शुक्रवार को 15, शनिवार को 25, रविवार को 35 और सोमवार को 40 रुपये प्रति पैकेट महंगा बिका।
जंक्शन रोड के पान मसाला विक्रेता राम अवतार के मुताबिक, रोज कीमतें बढ़ने से ग्राहकों से नोकझोंक की नौबत आ रही है। होलसेलर स्टॉक कम होने की बात कहकर बढ़ी कीमत में पैकेट लेने का दबाव बनाते हैं। इधर, नई कीमत सुन लोग भड़क जाते हैं। बहस के बाद चले जाते हैं।
ई-वे बिल पर सख्ती के दौरान भी बढ़ी कीमत
बीते वर्ष पान मसाला फैक्टरियों से ई-वे बिल के बगैर निकलने वाले ट्रकों की निगरानी बढ़ाई गई तो बरेली में पान मसाले की आपूर्ति थम गई थी। उस दौरान भी मुनाफाखोर सक्रिय रहे और करीब दस दिन तक ग्राहकों से बढ़ी कीमत वसूल की गई। अब छापा पड़ने के बाद एक बार फिर पान मसाले की आपूर्ति कम होने की बात कही जा रही है। जिनके पास स्टॉक है, वे महंगी कीमत वसूल रहे हैं।
कीमतें नहीं बढ़ीं, मौकापरस्त लोग कर रहे खेल
पान मसाला कारोबारी अमित भारद्वाज के मुताबिक, छापा के बाद कारोबार प्रभावित हुआ है पर पान मसाले की कीमत में कोई बदलाव नहीं है। कुछ मौकापरस्त कारोबारी और विक्रेता मुनाफाखोरी कर रहे हैं जो सही नहीं। हालांकि, दूसरी ओर चर्चा है कि छापे के बाद डीलरों ने ही माल का स्टॉक कर लिया है। आपूर्ति प्रभावित होने की बात कहकर महंगी कीमतों पर होलसेलर को उत्पाद बेच रहे हैं।