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Bareilly News: दबाव की रणनीति फेल, सर्वजीत को फिर भेजा जेल

Sat, 20 May 2023 01:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 20 May 2023 01:24 AM IST
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Pressure strategy failed, Sarvjeet sent to jail again
बरेली। भोजीपुरा थाने में दर्ज धोखधड़ी के मामले में ट्यूलिप टावर के मालिक सर्वजीत बख्शी उर्फ बिट्टू को पुलिस ने शुक्रवार को फिर से जेल भेज दिया। बृहस्पतिवार को सर्वजीत को कोर्ट ने जमानत दी थी, लेकिन पुलिस ने उसे जेल से रिहा होते गेट से ही गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार रात इज्जतनगर थाने का घेराव भी किया गया, लेकिन पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश काम नहीं आई।
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ट्यूलिप टावर के मालिक सर्वजीत उर्फ बिट्टू के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। एक मामले में पुलिस ने पिछले दिनों उसे जेल भेजा था। एक अन्य मामले में भोजीपुरा पुलिस को भी उसकी तलाश थी। धोखाधड़ी के अन्य मामले में पुलिस ने 15 मई को कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर सर्वजीत की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने रिमांड पर सुनवाई के लिए 20 मई तय कर दी। इससे पहले ही 18 मई को सर्वजीत को जमानत पर रिहा किया गया। जैसे ही पुलिस को रिहाई के बारे में पता लगा तो उसे बृहस्पतिवार रात जेल गेट से ही गिरफ्तार कर लिया और इज्जतनगर थाने लाया गया।
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सर्वजीत के करीबियों और सिख समाज के लोगों सर्वजीत की गिरफ्तारी पता चला तो उन्होंने रात में ही थाने का घेराव किया। थाने का घेराव करने वालों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई थी। कई पुलिस अधिकारी भी सर्वजीत के दोस्त बताए जाते हैं। पिछले महीनों उत्तराखंड के रामनगर में सर्वजीत के बेटे की शादी पार्टी में यह पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए थे। लेकिन पुलिस अफसरों से दोस्ती भी सर्वजीत के काम नहीं आई। पुलिस अब उसके बेटे इशान बख्शी की तलाश है।
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जमानतदारों के सत्यापन के बिना हो रही थी रिहाई

सर्वजीत बख्शी की जमानत कराने को लेकर इस कदर पैरोकार लगाए गए थे कि जमानत से संबंधित नियम कायदे ताक पर रख दिए गए। किसी आरोपी की जब कोर्ट जमानत अर्जी मंजूर करता है तो उसकी जमानत लेने वालों की तहसील प्रशासन से तस्दीक और हैसियत का सत्यापन कराया जाता है। मामले में ऐसा नहीं हुआ। कोर्ट ने बृहस्पतिवार दोपहर ही जमानत मंजूर की और सर्वजीत की रात में ही रिहाई हो गई। सब कुछ पैरोकारों के हिसाब से ही चल रहा था। सर्वजीत की गिरफ्तारी से पैरोकारों की रणनीति ढेर हो गई।
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पैरोकारों की हरकतों से फंसी रिहाई
पैरोकारों के अतिउत्साह और बयानबाजी की वजह से बख्शी का मामला फंसता चला गया। बता दें कि एलायंस बिल्डर ग्रुप के साथ भी कुछ ऐसे ही सलाहकार जुड़ गए थे जिन्होंने मामले को सुलझाने की बजाय बिगाड़ दिया। कई मुकदमे दर्ज होने के बाद ग्रुप के निदेशक भूमाफिया गैंग के सदस्य घोषित किए जा चुके हैं।

सर्वजीत सिंह का इस मुकदमे से कोई संबंध नहीं है, न तो उन्होंने प्लाट खरीदा और न ही बेचा है। सर्वजीत इस खरीद फरोख्त में गवाह भी नहीं हैं। उनको ब्लैकमेल करने के लिए फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने जानबूझकर इस मुकदमे में उनका वारंट जारी नहीं कराया, क्योंकि पुलिस चाहती थी कि वो जेल से जैसे ही बाहर आएं तो उन्हें फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाए। - गुरमीत सिंह बख्शी (सर्वजीत बख्शी के भाई)


सर्वजीत के मामले में पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी। उनकी पैरवी में भीड़ लगाने वालों को साफ बता दिया गया था कि अगर वह थाने से नहीं जाएंगे तो उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सर्वजीत इज्जतनगर थाने के मामले में आरोपी है, उसे जेल भेजा गया है। बाकी आरोपी भी जेल भेजे जाएंगे। - राहुल भाटी, एसपी सिटी
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