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दुकानें फ्री होल्ड करने को प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी
बरेली
Updated Fri, 22 Dec 2017 02:03 AM IST
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अयूब खां चौराहे से नावल्टी के बीच 10 एकड़ बेशकीमती जमीन पर प्रसाद फैमिली के कथित अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 35 दुकानदारों ने प्रशासन को दुकानों को फ्री होल्ड करने के लिए आवेदन दे रखा है। डीएम राघवेेंद्र विक्रम सिंह ने उनके प्रस्तावों का रिकार्ड एडीएम (वित्त एवं राजस्व) जगतपाल सिंह से मांगा है। रिकार्ड देखने के बाद दुकानों को फ्री होल्ड कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
सरकारी नजूल संख्या 108 मकरंदपुर सरकार की बेशकीमती जमीन को फ्री होल्ड कराने को लेकर प्रशासन बेहद संजीदा है। नगर निगम में यह जमीन 54, 55 और 56 सिविल लाइंस नाम से जानी जाती है। शहर के बीचोबीच इस 10 एकड़ जमीन पर प्रसाद टाकीज, गिरीश प्रसाद मेमोरियल स्कूल के अलावा 156 दुकानें बनी हैं। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक 18 अक्तूबर 1901 को यह जमीन प्रसाद फैमिली के पंडित हेतराम और पंडित द्वारिका प्रसाद को 80 रुपये सालाना कि राए पर तामियाद पट्टे पर मिली थी। नजूल संपत्ति रजिस्टर में भी यह जमीन दर्ज है जबकि दुकानदार प्रसाद फैमिली के वारिसों को किराया दे रहे हैं। डीएम का कहना है कि प्रसाद फैमिली के पट्टे की मियाद खत्म हो गई है। नए तरीके से कार्रवाई शुरू होने के बाद दुकानदार फिर से सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने प्रशासनिक अफसरों से दुकानों को फ्री होल्ड कराने को पैरवी करनी शुरू कर दी है। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि दुकानदार फ्री होल्ड के लिए आवेदन करते हैं तो उनका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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सरकारी नजूल संख्या 108 मकरंदपुर सरकार की बेशकीमती जमीन को फ्री होल्ड कराने को लेकर प्रशासन बेहद संजीदा है। नगर निगम में यह जमीन 54, 55 और 56 सिविल लाइंस नाम से जानी जाती है। शहर के बीचोबीच इस 10 एकड़ जमीन पर प्रसाद टाकीज, गिरीश प्रसाद मेमोरियल स्कूल के अलावा 156 दुकानें बनी हैं। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक 18 अक्तूबर 1901 को यह जमीन प्रसाद फैमिली के पंडित हेतराम और पंडित द्वारिका प्रसाद को 80 रुपये सालाना कि राए पर तामियाद पट्टे पर मिली थी। नजूल संपत्ति रजिस्टर में भी यह जमीन दर्ज है जबकि दुकानदार प्रसाद फैमिली के वारिसों को किराया दे रहे हैं। डीएम का कहना है कि प्रसाद फैमिली के पट्टे की मियाद खत्म हो गई है। नए तरीके से कार्रवाई शुरू होने के बाद दुकानदार फिर से सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने प्रशासनिक अफसरों से दुकानों को फ्री होल्ड कराने को पैरवी करनी शुरू कर दी है। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि दुकानदार फ्री होल्ड के लिए आवेदन करते हैं तो उनका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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