{"_id":"64cc0fa34dabf0d01d06fa77","slug":"preparation-to-increase-the-scope-of-e-invoice-businessmen-protest-bareilly-news-c-4-bly1005-220171-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: ई-इनवॉयस का दायरा बढ़ाने की तैयारी, विरोध में कारोबारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: ई-इनवॉयस का दायरा बढ़ाने की तैयारी, विरोध में कारोबारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। कर चोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्तावित पांच करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर पर व्यापारियों को ई-इनवॉयस बिल काटने होंगे। संबंधित आदेश की अभी अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इधर, व्यापार मंडल के पदाधिकारी नई व्यवस्था पर आपत्ति जताने लगे हैं।
जीएसटी डिप्टी कमिश्नर ब्रजेश के मुताबिक सरकार ने अब पांच करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए एक अगस्त से ई-इनवॉयस से बिल काटने के निर्देश हैं। अभी तक यह नियम सिर्फ उन व्यापारियों के लिए था, जिनका टर्नओवर दस करोड़ रुपये से अधिक था। हालांकि, पांच करोड़ टर्नओवर के संबंध में नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है।
नोटिफिकेशन होने पर कारोबारियों को हर दिन ई-इनवॉयस से बिल जेनरेट करने होंगे। सरकार को माल की बिक्री की जानकारी तत्काल मिलेगी। इसलिए चरणबद्ध ई-इनवॉयस लागू हो रहा है। नई व्यवस्था लागू होने पर पिछले तीन वर्ष में अगर किसी का कारोबार सालाना पांच करोड़ से ज्यादा रहा होगा तो उन्हें भी ई-इनवॉयस से बिल काटने होंगे।
विज्ञापन
कब, कितने टर्नओवर पर लागू हुआ ई-इनवॉयस
विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक अक्तूबर 2020 से पहले 500 करोड़ से अधिक के टर्नओवर पर ई-इनवॉयस से बिल काटने का नियम लागू हुआ। क्रमवार एक जनवरी, 2021 में इसे घटाकर सौ करोड़, एक अप्रैल, 2021 में 50 करोड़, एक अप्रैल, 2022 में 20 करोड़, एक अक्टूबर, 2022 में 10 करोड़ और अब पांच करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर पर ई-इनवॉयस से बिल काटना प्रस्तावित है।
करीब डेढ़ हजार कारोबारियों पर लागू होंगे नियम
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर महामंत्री सुदेश अग्रवाल के मुताबिक नए नियम के दायरे में जिले के करीब डेढ़ हजार कारोबारी आ सकते हैं। इन्हें ई-इनवॉयस कराने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ रखना होगा। बिल में गलती होने पर सुधार की गुंजाइश नहीं रहेगी, क्योंकि डाटा सीधे पोर्टल पर दर्ज होगा। सर्वर हैंग होने, ग्राहक अधिक होने से बिल जेनरेट होने में कठिनाई होगी।
सरकार को अपनी बात पर अडिग रहना चाहिए
प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक सरकार की ओर से लागू की जा रही नई व्यवस्था से छोटे व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी। कहा कि सरकार ने पूर्व में कहा था कि 100 करोड़ से ऊपर के टर्नओवर पर ही ई-इनवॉयस से बिल काटने होंगे। इसमें फेरबदल नहीं किया जाएगा। पर दायरा बढ़ाते हुए सरकार अब दस करोड़ तक पहुंची और अब पांच करोड़ की तैयारी है, जो सही नहीं है।
क्या है ई- इनवॉयस
ई-इनवॉयस इलेक्ट्रॉनिक चालान प्रक्रिया है। जैसे कोई जीएसटी पंजीकृत व्यवसायी सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते समय ई-वे बिल प्रयोग करता है। सीए अतुल अग्रवाल के मुताबिक शुरुआत में ई-इनवॉयस से बिल काटने में परेशानी होने और गलतियों की आशंका रहेगी, पर एक बार प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षित होने के बाद दिक्कत नहीं होगी।
विज्ञापन
जीएसटी डिप्टी कमिश्नर ब्रजेश के मुताबिक सरकार ने अब पांच करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए एक अगस्त से ई-इनवॉयस से बिल काटने के निर्देश हैं। अभी तक यह नियम सिर्फ उन व्यापारियों के लिए था, जिनका टर्नओवर दस करोड़ रुपये से अधिक था। हालांकि, पांच करोड़ टर्नओवर के संबंध में नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है।
विज्ञापन
नोटिफिकेशन होने पर कारोबारियों को हर दिन ई-इनवॉयस से बिल जेनरेट करने होंगे। सरकार को माल की बिक्री की जानकारी तत्काल मिलेगी। इसलिए चरणबद्ध ई-इनवॉयस लागू हो रहा है। नई व्यवस्था लागू होने पर पिछले तीन वर्ष में अगर किसी का कारोबार सालाना पांच करोड़ से ज्यादा रहा होगा तो उन्हें भी ई-इनवॉयस से बिल काटने होंगे।
विज्ञापन
कब, कितने टर्नओवर पर लागू हुआ ई-इनवॉयस
विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक अक्तूबर 2020 से पहले 500 करोड़ से अधिक के टर्नओवर पर ई-इनवॉयस से बिल काटने का नियम लागू हुआ। क्रमवार एक जनवरी, 2021 में इसे घटाकर सौ करोड़, एक अप्रैल, 2021 में 50 करोड़, एक अप्रैल, 2022 में 20 करोड़, एक अक्टूबर, 2022 में 10 करोड़ और अब पांच करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर पर ई-इनवॉयस से बिल काटना प्रस्तावित है।
करीब डेढ़ हजार कारोबारियों पर लागू होंगे नियम
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर महामंत्री सुदेश अग्रवाल के मुताबिक नए नियम के दायरे में जिले के करीब डेढ़ हजार कारोबारी आ सकते हैं। इन्हें ई-इनवॉयस कराने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ रखना होगा। बिल में गलती होने पर सुधार की गुंजाइश नहीं रहेगी, क्योंकि डाटा सीधे पोर्टल पर दर्ज होगा। सर्वर हैंग होने, ग्राहक अधिक होने से बिल जेनरेट होने में कठिनाई होगी।
सरकार को अपनी बात पर अडिग रहना चाहिए
प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक सरकार की ओर से लागू की जा रही नई व्यवस्था से छोटे व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी। कहा कि सरकार ने पूर्व में कहा था कि 100 करोड़ से ऊपर के टर्नओवर पर ही ई-इनवॉयस से बिल काटने होंगे। इसमें फेरबदल नहीं किया जाएगा। पर दायरा बढ़ाते हुए सरकार अब दस करोड़ तक पहुंची और अब पांच करोड़ की तैयारी है, जो सही नहीं है।
क्या है ई- इनवॉयस
ई-इनवॉयस इलेक्ट्रॉनिक चालान प्रक्रिया है। जैसे कोई जीएसटी पंजीकृत व्यवसायी सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते समय ई-वे बिल प्रयोग करता है। सीए अतुल अग्रवाल के मुताबिक शुरुआत में ई-इनवॉयस से बिल काटने में परेशानी होने और गलतियों की आशंका रहेगी, पर एक बार प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षित होने के बाद दिक्कत नहीं होगी।