फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   PPE kits and masks burnt on the banks of Badaun Road

बदायूं रोड किनारे जला दी गईं पीपीई किट और मास्क

Wed, 26 May 2021 01:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 26 May 2021 01:37 AM IST
विज्ञापन
PPE kits and masks burnt on the banks of Badaun Road
पीपीई किट। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

शहर में पहले भी कई जगह फेंका जा चुका है मेडिकल कचरा

विज्ञापन
बरेली। बड़ी संख्या में इस्तेमाल की गईं पीपीई किट, मास्क, ग्लब्स को बदायूं रोड किनारे इकट्ठा कर उनमें आग लगा दी गई। करीब एक घंटे से अधिक समय तक ढेर में आग लगी रही। शहर में पहले भी सड़क किनारे मेडिकल कचरा फेंकने और उसे जलाने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
सड़कों पर फेंका जाने वाला बायो मेडिकल वेस्ट पर्यावरण के लिए तो गंभीर खतरा है ही, इससे लोगों में भी संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। शहर में ऐसे कई इलाके हैं, जहां सड़कों पर बायो मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक यह गलत है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का नियम भी हैं। ऐसे कचरे को खुले में सड़क पर यूं ही नहीं फेंका जा सकता। भारत सरकार और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुसार यह लोगों की मौत का सामान है। ऐसे कचरे से बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है। साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी बहुत बड़ा संकट है।
विज्ञापन

‘बदायूं रोड पर काफी जगह में मेडिकल कचरा फेंका गया था। बाद में इसमें आग लगा दी गई। कचरा किसने फेंका इसकी तो जानकारी नहीं है लेकिन ऐसा आए दिन होता है। प्रशासन को इस पर सख्ती बरतनी चाहिए।’ - हरजीत सिंह, सुभाषनगर

विज्ञापन
विज्ञापन

‘शहर में कई डलावघरों के बाहर भी मेडिकल कचरा फेंके जाने के मामले सामने आ चुके हैं। कोरोना काल में यह मामले और अधिक बढ़ गए हैं। सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन को ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करनी चाहिए।’ - मुकेश अग्रवाल, राजेंद्रनगर।

पांच साल कैद और जुर्माने का है प्रावधान

एडवोकेट कीर्ति पाल सिंह यादव बताते हैं कि मेडिकल कचरे को खुले में फेंकना और जलाना पर्यावरण संरक्षण एक्ट 2016 के तहत अपराध है। दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की जेल या एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। इसके बावजूद कानून का पालन नहीं हो रहा है। खुले आम मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है।

संक्रमण का करण बन सकता बायो मेडिकल वेस्ट

डॉक्टर शक्ति कंसल बताती हैं कि अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल कचरा बेहद खतरनाक होता है। इसमें कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के उपयोग में लाए गए इंजेक्शन, आइवी सेट और बोतलें आदि होतीं हैं। जरूरत इस बात की है कि मेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण किया जाए। यदि खुले में कोई कचरा फेंक रहा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed