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Bareilly News: कांवड़ यात्रा से पहले अमेरिकी तकनीक से भरे जाएंगे सड़कों के गड्ढे
Sun, 21 Jun 2026 01:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 21 Jun 2026 01:22 AM IST
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बरेली। शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए नगर निगम अमेरिकी तकनीक का इस्तेमाल करेगा। अफसरों का दावा है कि इससे कम समय में ज्यादा टिकाऊ पैचवर्क किया जा सकेगा। इस आधुनिक प्रणाली को धरातल पर उतारने के लिए लखनऊ की कंपनी नगर निगम के साथ मिलकर काम कर रही है। हाल ही में नगर निगम के अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में इसकी कार्ययोजना तैयार की गई है। पहले पांच सड़कों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसका ट्रायल किया जाएगा।
नगर निगम इस तकनीक को मानसून और आगामी कांवड़ यात्रा से पहले अमल में लाने की तैयारी में है। अवर अभियंता वीर प्रताप सिंह पटेल ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है। राहगीरों की संख्या भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों की मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कांवड़ियों व आम नागरिकों को आवागमन में असुविधा न हो।
कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों का दावा है कि अमेरिकी तकनीक आधारित इस प्रणाली से सड़क की सतह आपस में बेहद मजबूती से जुड़ती है। पानी भरने पर भी गड्ढे दोबारा उभरने की आशंका बेहद कम हो जाती है। इस तकनीक से बेहद कम समय में पैचवर्क किया जा सकता है।
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वर्जन
फिलहाल पांच व्यस्ततम सड़कों को चुना जा रहा है। इन सड़कों की सूची और काम शुरू होने की तारीख जल्द ही घोषित कर दी जाएगी। यदि इन पांचों सड़कों पर सकारात्मक परिणाम मिले तो इस पायलट प्रोजेक्ट को विस्तार दिया जाएगा। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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नगर निगम इस तकनीक को मानसून और आगामी कांवड़ यात्रा से पहले अमल में लाने की तैयारी में है। अवर अभियंता वीर प्रताप सिंह पटेल ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है। राहगीरों की संख्या भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों की मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कांवड़ियों व आम नागरिकों को आवागमन में असुविधा न हो।
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कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों का दावा है कि अमेरिकी तकनीक आधारित इस प्रणाली से सड़क की सतह आपस में बेहद मजबूती से जुड़ती है। पानी भरने पर भी गड्ढे दोबारा उभरने की आशंका बेहद कम हो जाती है। इस तकनीक से बेहद कम समय में पैचवर्क किया जा सकता है।
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फिलहाल पांच व्यस्ततम सड़कों को चुना जा रहा है। इन सड़कों की सूची और काम शुरू होने की तारीख जल्द ही घोषित कर दी जाएगी। यदि इन पांचों सड़कों पर सकारात्मक परिणाम मिले तो इस पायलट प्रोजेक्ट को विस्तार दिया जाएगा। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम