फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   political

घिरीं शहला ताहिर, नामांकन के साथ दाखिल किया था पिता के बजाय पति की जांच के आधार पर बना प्रमाणपत्र

Thu, 19 Dec 2019 01:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 19 Dec 2019 01:17 AM IST
विज्ञापन
political
एडीएम सिटी ने पिछड़ा वर्ग आयोग को दी रिपोर्ट, आगरा के डीएम से पूछी शहला के पिता की जाति
विज्ञापन

बरेली। नामांकन पत्र के साथ दाखिल किया गया नवाबगंज नगर पालिका चेयरमैन शहला ताहिर का जाति प्रमाण पत्र गलत निकला है। प्रशासन की ओर से राज्य पिछड़ा आयोग को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक नियमानुसार शहला को पिता की जाति के आधार पर प्रमाण पत्र बनवाना चाहिए था जो उन्होंने पति की जाति के आधार पर बनवाया है। एडीएम सिटी ने शहला के पिता की जाति की तस्दीक के लिए आगरा के डीएम को पत्र लिखा है।
नवाबगंज के भाजपा नेता नीरेंद्र राठौर की शिकायत पर पिछड़ा वर्ग आयोग और शासन से जारी निर्देश पर प्रशासन शहला ताहिर के जाति प्रणाम पत्र की जांच करा रहा है। दरअसल शहला ने पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ा था। नीरेंद्र की शिकायत के मुताबिक शहला का जन्म उच्च जाति के सैयद परिवार में हुआ था और 13 वर्ष की आयु में उनकी पहली शादी प्यारे अली अंसारी से हुई थी। नीरेंद्र ने शहला पर जन्म प्रमाणपत्र में भी हेराफेरी करने और आरक्षित सीट पर चुनाव लड़कर पिछड़ी जाति के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है। हाल ही में इस मामले में एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह ने लखनऊ पहुंचकर आयोग को अपनी रिपोर्ट दे दी है। एडीएम ने आयोग को बताया कि तहसीलदार की जांच के मुताबिक शहला ने पिता के बजाय आने पति की जाति के आधार पर प्रमाण पत्र बनवाया है। शहला के पिता की जाति के बारे में आगरा के डीएम से सूचना मांगी गई है।
विज्ञापन


इस मामले की रिपोर्ट आयोग को दे दी है। शहला ने पहले 1995 में जाति प्रमाणपत्र बनवाया था। इसके बाद 2017 में दूसरी प्रमाण पत्र बनवाया है। तहसीलदार की जांच में उनके पिता के बजाय पति की जाति के आधार पर प्रमाणपत्र बनाए जाने की जानकारी आई है। अंतिम जांच होनी बाकी है। -महेंद्र कुमार सिंह, एडीएम सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन


मेरा जाति प्रमाण पत्र मेरे पिता की जाति मोमन अंसार के आधार पर ही बना है। उसी प्रमाणपत्र से मैंने नगर पालिका का चुनाव लड़ा है। जाति प्रमाण पत्र एक बार ही बनता है। इस बदला नहीं जा सकता। एसडीएम ने मेेरे पिता के यहां से जांच भी कराई है जिसकी रिपोर्ट प्रशासन को मिल चुकी है। -शहला ताहिर, चेयरमैन, नवाबगंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed