{"_id":"5de810538ebc3e54d50504b4","slug":"political-bareilly-news-bly386629096","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्री जी! ये सड़क नहीं हमारी गली देखो जहां बच्चे मछली पकड़ते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्री जी! ये सड़क नहीं हमारी गली देखो जहां बच्चे मछली पकड़ते हैं
Thu, 05 Dec 2019 06:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2019 06:42 PM IST
विज्ञापन
हरुनगला में महिलाओं ने प्रभारी मंत्री को घेरा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली के हरुनगला की मलिन बस्ती में भी प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के दौरे के दौरान नगर निगम अफसरों को शर्मिंदा होना पड़ा। अफसर जब उन्हें मलिन बस्ती में बनी सड़कें-नालियां दिखा रहे थे तभी महिलाओं ने मंत्री को घेर लिया।
विज्ञापन
कहा, ये सड़कें और नालियां तो अफसरों ने सोमवार को ही बनवाई हैं। देखना है तो हमारी गली में आओ जहां बरसात का पानी भरता है तो मोहल्ले भर के बच्चे मछलियां पकड़ने पहुंच जाते हैं।
विज्ञापन
महिलाओं ने कहा वे टूटी-फूटी सड़क और नालियों को ठीक कराने के लिए दो महीने से नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर रही थीं लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। उनके आने का कार्यक्रम बना तो वहां पैच वर्क रातोंरात करा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंत्री ने चेक किया तो वाकई पैच वर्क और नालियों को ठीक करने के दौरान लगाया गया सीमेंट तक नहीं सूख पाया था। गीला सीमेंट उनके जूतों तक में चिपक गया। प्रभारी मंत्री ने इस पर अधिकारियों से कारण पूछा तो उन्होंने नजरें झुका लीं।
मलिन बस्ती बेलावती देवी ने बताया कि बस्ती की सभी नालियां खुली और टूटी हुई हैं। प्रीति ने बताया कि सारी गलियां कच्ची हैं। नाली का पानी गलियों में बह रहा है, जिसकी वजह से बच्चे मछली पकड़ने उनकी गली में आते हैं।
ऊषा देवी और बालकराम कश्यप ने पीने के पानी और स्ट्रीट लाइट की दयनीय स्थिति की भी शिकायत की। प्रभारी मंत्री इस पर काफी नाराजगी दिखाई। उन्होंने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल से पूछा तो उन्होंने समस्याओं को जल्द दिखवाने को कहा।
प्रभारी मंत्री ने दिखवाने की बजाए उनका जल्द से जल्द समाधान करने को कहा। वहीं अन्य प्रश्नों के जवाब में नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों की नजरें झुकी नजर आईं।
विज्ञापन
कहा, ये सड़कें और नालियां तो अफसरों ने सोमवार को ही बनवाई हैं। देखना है तो हमारी गली में आओ जहां बरसात का पानी भरता है तो मोहल्ले भर के बच्चे मछलियां पकड़ने पहुंच जाते हैं।
विज्ञापन
महिलाओं ने कहा वे टूटी-फूटी सड़क और नालियों को ठीक कराने के लिए दो महीने से नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर रही थीं लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। उनके आने का कार्यक्रम बना तो वहां पैच वर्क रातोंरात करा दिया गया।
विज्ञापन
मंत्री ने चेक किया तो वाकई पैच वर्क और नालियों को ठीक करने के दौरान लगाया गया सीमेंट तक नहीं सूख पाया था। गीला सीमेंट उनके जूतों तक में चिपक गया। प्रभारी मंत्री ने इस पर अधिकारियों से कारण पूछा तो उन्होंने नजरें झुका लीं।
मलिन बस्ती बेलावती देवी ने बताया कि बस्ती की सभी नालियां खुली और टूटी हुई हैं। प्रीति ने बताया कि सारी गलियां कच्ची हैं। नाली का पानी गलियों में बह रहा है, जिसकी वजह से बच्चे मछली पकड़ने उनकी गली में आते हैं।
ऊषा देवी और बालकराम कश्यप ने पीने के पानी और स्ट्रीट लाइट की दयनीय स्थिति की भी शिकायत की। प्रभारी मंत्री इस पर काफी नाराजगी दिखाई। उन्होंने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल से पूछा तो उन्होंने समस्याओं को जल्द दिखवाने को कहा।
प्रभारी मंत्री ने दिखवाने की बजाए उनका जल्द से जल्द समाधान करने को कहा। वहीं अन्य प्रश्नों के जवाब में नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों की नजरें झुकी नजर आईं।