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पैर में चोट की वजह से मौका मुआयना टला तो अफसरों की टली बला
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बरेली। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के 19 सितंबर को बरेली के पहले भ्रमण के दौरान सख्त तेवर देखकर अलर्ट हुए अफसरों ने उनके दोबारा आने से पहले ज्यादातर शिकायतों को कागजों पर तो निपटा दिया था लेकिन फिर भी इस बात से सहमे हुए थे कि प्रभारी मंत्री अगर दोबारा शहर में निरीक्षण करने निकल पड़े तो क्या होगा। बृहस्पतिवार को पैर की चोट की वजह से प्रभारी मंत्री ने अपने निरीक्षण का कार्यक्रम टाला तो अफसरों की जान में जान आ गई। हालांकि प्रभारी मंत्री अफसरों को चेतावनी दे गए कि अब वह 24 अक्तूबर को आएंगे और शहर का निरीक्षण करने के साथ एक-एक समस्या और शिकायत का हिसाब भी लेंगे।
प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पिछले दौरे में जिला अस्पताल के साथ कालाबाड़ी का निरीक्षण किया था। दोनों जगह की हालत पर अफसरों को जवाब देते नहीं बना था और प्रभारी मंत्री से डांट भी खानी पड़ी थी। इसी वजह से अफसरों में इस बार भी इस बात का काफी डर था कि अगर प्रभारी मंत्री शहर में निरीक्षण करने निकले तो न जाने क्या खामी पकड़ लें और उस पर क्या एक्शन ले लें। हालांकि पैर की चोट की वजह से प्रभारी मंत्री ने विकास भवन में करीब सात घंटे तक विकास कार्यों की समीक्षा तो की लेकिन शहर में निरीक्षण के लिए निकलने से इनकार कर दिया। विकास भवन सभागार तक पहुंचने में उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में भी दिक्कत हुई।अफसरों को जब पता चला कि वह निरीक्षण के लिए कहीं नहीं जाएंगे तो उनके चेहरों पर राहत दिखने लगी। हालांकि प्रभारी मंत्री कह गए हैं कि वह 24 अक्तूबर को फिर आएंगे। तब पब्लिक की एक-एक समस्या और शिकायत का हिसाब लिया जाएगा।
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प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पिछले दौरे में जिला अस्पताल के साथ कालाबाड़ी का निरीक्षण किया था। दोनों जगह की हालत पर अफसरों को जवाब देते नहीं बना था और प्रभारी मंत्री से डांट भी खानी पड़ी थी। इसी वजह से अफसरों में इस बार भी इस बात का काफी डर था कि अगर प्रभारी मंत्री शहर में निरीक्षण करने निकले तो न जाने क्या खामी पकड़ लें और उस पर क्या एक्शन ले लें। हालांकि पैर की चोट की वजह से प्रभारी मंत्री ने विकास भवन में करीब सात घंटे तक विकास कार्यों की समीक्षा तो की लेकिन शहर में निरीक्षण के लिए निकलने से इनकार कर दिया। विकास भवन सभागार तक पहुंचने में उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में भी दिक्कत हुई।अफसरों को जब पता चला कि वह निरीक्षण के लिए कहीं नहीं जाएंगे तो उनके चेहरों पर राहत दिखने लगी। हालांकि प्रभारी मंत्री कह गए हैं कि वह 24 अक्तूबर को फिर आएंगे। तब पब्लिक की एक-एक समस्या और शिकायत का हिसाब लिया जाएगा।
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