{"_id":"5d7bffd78ebc3e016a181351","slug":"political-bareilly-news-bly376027560","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘जीएसटी है तो मंडी शुल्क का क्या काम’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘जीएसटी है तो मंडी शुल्क का क्या काम’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा है कि जब एक देश एक टैक्स व्यवस्था लागू है, तो मंडी शुल्क क्यों। उन्होंने यूपी में लागू मंडी शुल्क खत्म करने, बिजली दरों पर पुनर्विचार का आग्रह सरकार से किया है। उन्होंने कहा कि व्यापारी उत्पीड़न किसी स्तर पर बर्दास्त नहीं होगा।
सिविल लाइंस स्थित एक लॉन में हुए प्रांतीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बनवारी लाल कंछल ने कहा कि जीएसटी में टैक्स स्लैब ज्यादा हैं, इसके केवल तीन स्लैब ही होने चाहिए। उन्होंने बाटमाप, एफएसडीए, साहूकारी, श्रम आदि विभिन्न लाइसेंस आजीवन देने पर जोर दिया। कंछल ने नए यातायात नियमों में निर्धारित दस गुना से घटाकर जुर्माना दो गुना करने की मांग सरकार से की है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभाग व्यापारी संगठनों को विश्वास में लिए बगैर ही मनमानी छापे की कार्रवाई करते हैं। इस परंपरा पर अंकुश लगाया जाए, ऐसा नहीं होने पर टीम का घेराव होगा और जांच नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान शोभित सक्सेना, हरीश अरोरा, लोकेश अग्रवाल, अमरजीत सिंह, राजकुमार राजपूत आदि ने कंछल का स्वागत किया।
विज्ञापन
सिविल लाइंस स्थित एक लॉन में हुए प्रांतीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बनवारी लाल कंछल ने कहा कि जीएसटी में टैक्स स्लैब ज्यादा हैं, इसके केवल तीन स्लैब ही होने चाहिए। उन्होंने बाटमाप, एफएसडीए, साहूकारी, श्रम आदि विभिन्न लाइसेंस आजीवन देने पर जोर दिया। कंछल ने नए यातायात नियमों में निर्धारित दस गुना से घटाकर जुर्माना दो गुना करने की मांग सरकार से की है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभाग व्यापारी संगठनों को विश्वास में लिए बगैर ही मनमानी छापे की कार्रवाई करते हैं। इस परंपरा पर अंकुश लगाया जाए, ऐसा नहीं होने पर टीम का घेराव होगा और जांच नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान शोभित सक्सेना, हरीश अरोरा, लोकेश अग्रवाल, अमरजीत सिंह, राजकुमार राजपूत आदि ने कंछल का स्वागत किया।
विज्ञापन