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सेटेलाइट और चौपुला ब्रिज मानचित्र में होंगे बदलाव
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बरेली। निर्माणाधीन सेटेलाइट और चौपुला ओवरब्रिज शहर में यातायात व्यवस्था में बड़ी बाधा बनते जा रहे हैं। इसके लिए सेतु निगम जिम्मेदार माना जा रहा क्योंकि इसकी डिजाइन और प्लानिंग सही नहीं की गई है इसलिए दोनों प्रोजेक्ट के मानचित्र में जल्द ही बदलाव किया जाना संभव है। दोनों प्रोजेक्ट इस तरह से डिजाइन किए जाएंगे, जिससे यातायात सुगम रहे और आने वाले समय में भी कोई दिक्कत न हो।
सर्किट हाउस में हुई बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने सेतु निगम अफसरों से पूछा, सेटेलाइट और चौपुला पुल प्रोजेक्ट की डिजाइन और प्लानिंग सही है तो इससे यातायात क्यों बाधित हो रहा है। इस पर अफसर उन्हें कोई जवाब नहीं दे सके और बगलें झांकने लगे। उन्होंने कहा किसी भी प्रोजेक्ट को बार-बार बदला नहीं जा सकता, निर्माण से पहले ही उसमें बदलाव संभव है। इसका उदाहरण चौपुला ओवरब्रिज है, जिसका निर्माण जल्दबाजी में नहीं होता तो इसके विस्तार की जरूरत नहीं पड़ती। यही सब फिर से दोहराया जा रहा है, इसका जिम्मेदार कौन होगा। मैं अखबारों में बड़ी-बड़ी खबरें पढ़ता हूं कि कभी पीलीभीत दिशा में पुल घूमेगा तो कभी कोई बिल्डिंग तोड़ने की बात होती है। तरह-तरह की बातें और विचार सामने आते हैं लेकिन जनता की समस्या का समाधान होता नजर नहीं आ रहा। अफसरों से कहा, अभी कुछ नहीं बिगड़ा है इसकी प्लानिंग दुरुस्त कर ली जाए, अभी कोई नुकसान नहीं है। इस दौरान नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार भी मौजूद रहे।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगा
आईवीआरआई पुल का एक अंडरपास
पूर्वोत्तर रेलवे से आए अफसरों से जब केंद्रीय मंत्री ने पूछताछ शुरू की तो वे भी सही जवाब नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने पूछा कि आईवीआरआई प्रोजेक्ट क्यों पिछड़ रहा है। बताया गया कि ठेकेदार संबंधी कुछ दिक्कतें थीं, जिसके चलते निर्धारित समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका। मंत्री ने पूछा अंडरपास कब तक बनाकर देंगे। इस पर सहमति बनी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर पर पुल का एक अंडरपास हर हाल में शुरू कर दिया जाएगा और दूसरा अक्तूबर में शुरू करने की बात कही।
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लालफाटक क्रासिंग पर बनेगा वैकल्पिक मार्ग
निर्माणाधीन लालफाटक ओवरब्रिज को लेकर उन्होंने अफसरों से बात की। एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार ने बताया कि क्रॉसिंग के पास ही एक वैकल्पिक मार्ग बनाया जाना संभव है। वह इसका निरीक्षण भी चुके हैं, इस पर रेलवे अधिकारियों ने सहमति जताई। साथ ही रेलवे अफसरों ने कहा कि इस मामले में वह उच्च अधिकारियों तक लिखापढ़ी के बजाय अपने स्तर से प्रयास करेंगे। इससे पुल निर्माण के दौरान कोई दिक्कत भी नहीं आएगी और यातायात भी बंद नहीं करना पड़ेगा।
चौपुला-बदायूं मार्ग का होगा डायवर्जन
बैठक में निर्माणाधीन चौपुला पुल के विस्तारीकरण से होने वाली यातायात समस्या से निपटने के लिए सहमति बनी कि चौपुला-नेकपुर-मढ़ीनाथ पर मौजूदा रास्ते को डायवर्जन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही रामपुर दिशा में चौपुला ब्रिज उतरते ही यातायात जाम हो जाता है क्योंकि यहां पर वाहनों के घूमने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। यहां पर रेलवे की दीवार और आवास हैं, इस दीवार को पीछे हटाकर चौड़ीकरण किया जा सकता है। इस पर रेलवे अधिकारियाें ने उच्च स्तर पर तय करने की बात कही। बाकरगंज और सरायतल्फी की ओर जाने में भी जमा लग रहा है। क्रॉसिंग पर आरओबी बनाने को कहा था लेकिन कुछ अफसरों ने इसे अनफिट बता दिया। इस दौरान सहमति बनी कि क्रॉसिंग के पास ही एक वैकल्पिक मार्ग बना दिया ताकि क्रॉसिंग बंद होने के दौरान दिक्कत न हो। सुभाषनगर पुलिया पर प्रस्तावित आरओबी प्रोजेक्ट आगे न बढ़ने पर भी केंद्रीय मंत्री खिन्न दिखे। कहा, सेतु निगम के अफसर जनहित के प्रोजेक्ट को पूरा करने सकारात्मक रुख अपनाएं।
लक्कड़ वालों की बिल्डिंग बन गई
तुम लोग एक ईंट नहीं उखाड़ सके
केंद्रीय मंत्री पूर्वोत्तर रेलवे अफसरों के रवैया और मनमानी पर नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के प्रोजेक्ट में अड़ंगे तो लगाए जा रहे हैं लेकिन इज्जतनगर मंडल के अधिकारी शाहदाना से इज्जतनगर तक रेलवे जमीन पर पक्के और कच्चे निर्माण नहीं देख रहे। अफसरों से कहा, लक्कड़ वालों ने उस जमीन से कमाई करके इमारतें बना लीं और तुम लोग एक ईंट नहीं उखाड़ सके। उन्होंने कहा कि आरएलडीए शहर में जो प्रोजेक्ट ला रहा है, उससे शहर बदलेगा। इस मामले में सहयोग जरूरी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि अगली बैठक डीआरएम इज्जतनगर को भी बुलाया जाए।
नगर आयुक्त से बोले- आपसे तो मिलना चाहता था
बैठक के दौरान शहरी विकास एक मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्री नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. से बोले- मैं तो आपसे मिलना चाहता था। फिर तय हुआ कि अब मंगलवार दोपहर बाद नगर निगम के मुद्दों को लेकर बैठक की जाएगी। कुछ लोगों ने मंत्री से कहा कि शहर में बिछाई जा रही सीवर लाइन का साइज ठीक नहीं है और प्लानिंग भी गड़बड़ है।
यह अफसर रहे मौजूद
कमिश्नर रणवीर प्रसाद, डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन., एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार, सेतु निगम के सीपीएम देवेंद्र सिंह, डीपीएम विजयेंद्र कुमार, वीके सेन, इज्जतनगर रेलवे के सीनियर डीईएन अखिलेश त्रिपाठी, नगर निगम के एक्सईएन संजय चौहान।
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सर्किट हाउस में हुई बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने सेतु निगम अफसरों से पूछा, सेटेलाइट और चौपुला पुल प्रोजेक्ट की डिजाइन और प्लानिंग सही है तो इससे यातायात क्यों बाधित हो रहा है। इस पर अफसर उन्हें कोई जवाब नहीं दे सके और बगलें झांकने लगे। उन्होंने कहा किसी भी प्रोजेक्ट को बार-बार बदला नहीं जा सकता, निर्माण से पहले ही उसमें बदलाव संभव है। इसका उदाहरण चौपुला ओवरब्रिज है, जिसका निर्माण जल्दबाजी में नहीं होता तो इसके विस्तार की जरूरत नहीं पड़ती। यही सब फिर से दोहराया जा रहा है, इसका जिम्मेदार कौन होगा। मैं अखबारों में बड़ी-बड़ी खबरें पढ़ता हूं कि कभी पीलीभीत दिशा में पुल घूमेगा तो कभी कोई बिल्डिंग तोड़ने की बात होती है। तरह-तरह की बातें और विचार सामने आते हैं लेकिन जनता की समस्या का समाधान होता नजर नहीं आ रहा। अफसरों से कहा, अभी कुछ नहीं बिगड़ा है इसकी प्लानिंग दुरुस्त कर ली जाए, अभी कोई नुकसान नहीं है। इस दौरान नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार भी मौजूद रहे।
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पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगा
आईवीआरआई पुल का एक अंडरपास
पूर्वोत्तर रेलवे से आए अफसरों से जब केंद्रीय मंत्री ने पूछताछ शुरू की तो वे भी सही जवाब नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने पूछा कि आईवीआरआई प्रोजेक्ट क्यों पिछड़ रहा है। बताया गया कि ठेकेदार संबंधी कुछ दिक्कतें थीं, जिसके चलते निर्धारित समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका। मंत्री ने पूछा अंडरपास कब तक बनाकर देंगे। इस पर सहमति बनी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर पर पुल का एक अंडरपास हर हाल में शुरू कर दिया जाएगा और दूसरा अक्तूबर में शुरू करने की बात कही।
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लालफाटक क्रासिंग पर बनेगा वैकल्पिक मार्ग
निर्माणाधीन लालफाटक ओवरब्रिज को लेकर उन्होंने अफसरों से बात की। एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार ने बताया कि क्रॉसिंग के पास ही एक वैकल्पिक मार्ग बनाया जाना संभव है। वह इसका निरीक्षण भी चुके हैं, इस पर रेलवे अधिकारियों ने सहमति जताई। साथ ही रेलवे अफसरों ने कहा कि इस मामले में वह उच्च अधिकारियों तक लिखापढ़ी के बजाय अपने स्तर से प्रयास करेंगे। इससे पुल निर्माण के दौरान कोई दिक्कत भी नहीं आएगी और यातायात भी बंद नहीं करना पड़ेगा।
चौपुला-बदायूं मार्ग का होगा डायवर्जन
बैठक में निर्माणाधीन चौपुला पुल के विस्तारीकरण से होने वाली यातायात समस्या से निपटने के लिए सहमति बनी कि चौपुला-नेकपुर-मढ़ीनाथ पर मौजूदा रास्ते को डायवर्जन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही रामपुर दिशा में चौपुला ब्रिज उतरते ही यातायात जाम हो जाता है क्योंकि यहां पर वाहनों के घूमने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। यहां पर रेलवे की दीवार और आवास हैं, इस दीवार को पीछे हटाकर चौड़ीकरण किया जा सकता है। इस पर रेलवे अधिकारियाें ने उच्च स्तर पर तय करने की बात कही। बाकरगंज और सरायतल्फी की ओर जाने में भी जमा लग रहा है। क्रॉसिंग पर आरओबी बनाने को कहा था लेकिन कुछ अफसरों ने इसे अनफिट बता दिया। इस दौरान सहमति बनी कि क्रॉसिंग के पास ही एक वैकल्पिक मार्ग बना दिया ताकि क्रॉसिंग बंद होने के दौरान दिक्कत न हो। सुभाषनगर पुलिया पर प्रस्तावित आरओबी प्रोजेक्ट आगे न बढ़ने पर भी केंद्रीय मंत्री खिन्न दिखे। कहा, सेतु निगम के अफसर जनहित के प्रोजेक्ट को पूरा करने सकारात्मक रुख अपनाएं।
लक्कड़ वालों की बिल्डिंग बन गई
तुम लोग एक ईंट नहीं उखाड़ सके
केंद्रीय मंत्री पूर्वोत्तर रेलवे अफसरों के रवैया और मनमानी पर नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के प्रोजेक्ट में अड़ंगे तो लगाए जा रहे हैं लेकिन इज्जतनगर मंडल के अधिकारी शाहदाना से इज्जतनगर तक रेलवे जमीन पर पक्के और कच्चे निर्माण नहीं देख रहे। अफसरों से कहा, लक्कड़ वालों ने उस जमीन से कमाई करके इमारतें बना लीं और तुम लोग एक ईंट नहीं उखाड़ सके। उन्होंने कहा कि आरएलडीए शहर में जो प्रोजेक्ट ला रहा है, उससे शहर बदलेगा। इस मामले में सहयोग जरूरी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि अगली बैठक डीआरएम इज्जतनगर को भी बुलाया जाए।
नगर आयुक्त से बोले- आपसे तो मिलना चाहता था
बैठक के दौरान शहरी विकास एक मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्री नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. से बोले- मैं तो आपसे मिलना चाहता था। फिर तय हुआ कि अब मंगलवार दोपहर बाद नगर निगम के मुद्दों को लेकर बैठक की जाएगी। कुछ लोगों ने मंत्री से कहा कि शहर में बिछाई जा रही सीवर लाइन का साइज ठीक नहीं है और प्लानिंग भी गड़बड़ है।
यह अफसर रहे मौजूद
कमिश्नर रणवीर प्रसाद, डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन., एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार, सेतु निगम के सीपीएम देवेंद्र सिंह, डीपीएम विजयेंद्र कुमार, वीके सेन, इज्जतनगर रेलवे के सीनियर डीईएन अखिलेश त्रिपाठी, नगर निगम के एक्सईएन संजय चौहान।