Psycho Killer: तो क्या इन महिलाओं को भी साइको किलर ने मारा? खुल चुके मामलों की होगी नए सिरे से समीक्षा
Bareilly News: बरेली जिले में सिलसिलेवार तरीके से हुईं महिलाओं की हत्या के मामले में गिरफ्तार कुलदीप ने छह कत्ल कबूल किए हैं। इसी पैटर्न से तीन अन्य महिलाओं की भी हत्या हुई थी। जिनका पुलिस खुलासा कर चुकी है। साइको किलर की गिरफ्तारी के बाद अब इन मामलों की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी।
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बरेली जिले के शाही इलाके में पिछली साल शुरू हुई महिलाओं के कत्ल ही कहानी में अमर उजाला ने कई बार इसे किसी सनकी शख्स की करतूत बताया, मगर तब पुलिस अधिकारी मेहनत से बचने के लिए अलग-अलग दिशा में तफ्तीश करते रहे। अब नए एसएसपी अनुराग आर्य ने कुलदीप गंगवार को गिरफ्तार कर खुलासा किया तो उसके हाथों छह महिलाओं की हत्या के अलावा तीन अन्य मामलों में जेल भेजे गए आरोपियों के बेगुनाह होने की पूरी शंका हो गई है। जो छह वारदात कुलदीप ने कबूल की हैं, उनमें मारी गईं महिलाओं की तरह ही तीन अन्य का कत्ल हुआ था।
अब पुलिस मान रही है कि वे तीन वारदातें भी कुलदीप ने की हों या फिर खुलासे सही न हुए हों। एसएसपी ने कहा है कि पुराने सभी खुलासों की समीक्षा की जाएगी। पिछले साल मई माह से शाही इलाके में एक ही तरीके से महिलाओं की हत्या हो रही थी। सभी मामलों में महिलाओं की आयु 45 से 65 वर्ष के बीच थी। घटनास्थल गन्ने का खेत या निर्जन स्थान की झाड़ियां रहीं। सभी घटनाओं में साड़ी के पल्लू से गला घोंटा गया जबकि मकसूदन की हत्या उन्हीं की पहनी चुनरी से की गई। सभी की गांठ बांयीं तरफ ही लगाई गई थी।
अमर उजाला ने कई बार इन बिंदुओं पर सवाल उठाकर घटना को किसी सनकी शख्स की करतूत बताया, मगर घटनाएं एक-एक कर खोली जाती रहीं और आरोपी बताकर लोग जेल भेजे जाते रहे। तब पीड़ित परिवार के लोगों ने ही सवाल उठाए। नए एसएसपी के आने के बाद साइको किलर की दिशा में काम हुआ। घटना से प्रभावित क्षेत्र में आसपास तंत्र क्रिया करने वाले, झाड़फूंक व टोटका करने वालों की सूची पुलिस ने बनाई। संदिग्धों की निगरानी की गई व गहनता से पूछताछ की गई। पुलिस ने महाराष्ट्र, बरेली, अमरोहा समेत यूपी के कुछ अन्य जिलों की जेलों में जाकर दस साल पुरानी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे अपराधियों से भी पूछताछ की।
पुलिस ने नक्शा बनाकर किया चिह्नित
पुलिस ने शाही क्षेत्र व आसपास का नक्शा तैयार किया। इससे अधिकांश वारदातें शाही से 25 किमी के व्यास क्षेत्र में होने की पुष्टि हुई। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पता लगा कि उसकी दो बहनें और एक दूर के रिश्तेदार शाही इलाके के आसपास के इन गांवों में रहते हैं। वह उनके यहां सामान्य तरीके से रहता था। कभी-कभी आता था और कुछ समय रुककर चला जाता था। उसने उन लोगों की मौजूदगी में कभी ऐसी हिंसा या हरकत नहीं की तो उन्हें इन घटनाओं के बाद भी उस पर कोई शक नहीं हुआ। पुलिस का मानना है कि उन लोगों की संलिप्तता नहीं रही।
वीरावती हत्याकांड : जेल जाते वक्त रोया झोलाछाप
सेवा ज्वालापुर निवासी वीरावती की खेत से लौटते वक्त हत्या कर शव झाड़ियों में डाल दिया गया था। परिजनों ने अज्ञात में रिपोर्ट कराई थी। पुलिस प्रयास करती रही पर खुलासा नहीं हो सका। बाद में गांव के झोलाछाप को जेल भेजा गया। पुलिस का तर्क था कि यह शख्स महिला पर गलत नजर रखता था और विरोध पर हत्या कर दी। हालांकि, 65 साल के आरोपी ने जेल जाते वक्त पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। गांव में भी कई चर्चाएं रहीं।
शांति देवी की हत्या में बेटा गया जेल
शाही के मुबारकपुर गांव की शांति देवी का शव फतेहगंज पश्चिमी थाने के पनवड़िया के जंगल में मिला था। इसमें शांति देवी का बेटा तोताराम ही जेल गया था। पुलिस ने तब संपत्ति विवाद में हत्या मानी थी। तर्क था कि शांति देवी की हत्या के काफी समय बाद तक परिवार बेखबर रहा था।
कुसुमा की हत्या में नशेड़ी को बनाया आरोपी
खजुरिया निवासी कुसुमा देवी की हत्या भी खेत से लौटते वक्त हुई थी। साड़ी से गला कसा मिला था। परिजनों ने अज्ञात पर रिपोर्ट कराई थी। पुलिस ने काफी समय बाद नशेड़ी को जेल भेजा। तर्क था कि यह शख्स कुसुमा के खेत में सुल्फा पीने आता था। कुसुमा विरोध करती थीं। गांव में खुलासे को लेकर सवाल उठे थे।