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50 करोड़ के इस कारोबार पर हाथ डालने से कतरा रही पुलिस
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 15 Feb 2018 09:09 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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चायनीज मांझे (सिंथेटिक) का बरेली जनपद में सालाना 50 करोड़ का कारोबार होता है। बड़े कारोबार पर अब पुलिस भी हाथ डालने से कतरा रही है। शहामतगंज पुल पर महिला सिपाही की गर्दन पर गहरा घाव होने के बाद अचानक हरकत में आई पुलिस दो दिन में ही शांत हो गई। न किसी दुकान पर छापामारी की गई और न ही मांझे जब्त किये गए। जबकि दुकानों पर मांझा बेचा जा रहा है।
मांझा कारोबारियों ने बताया कि आगरा के एक बड़े डिस्ट्रीब्यूटर के जरिये बरेली, मथुरा, शाहजहांपुर सहित कई जनपदों में आपूर्ति होती है। बरेली में बंगलुरु, नोएडा, दिल्ली, पानीपत, लुधियाना से भी चायनीज मांझे का माल आता है। सबसे अहम बात यह कि इस माल पर कारोबारी बकायदा जीएसटी का भुगतान करते हैं। बीते दिनों छापामार कार्रवाईयों के बाद चायनीज मांझे पर निर्माता का नाम, उसका पता, यह चायना में बना या इंडिया में, इस बाबत जानकारी हटा दी गई है।
अनुबंधित बसों की कैविटी में रखकर आता है मांझा
बरेली में आने वाला चायनीज मांझे पर हीरो प्लस, मोनो बाइट, जम्बो, हीरो फाइटर, मोनो हीरो, आईबीके, मोना स्काई जैसे नामों के साथ बिक रहा है। एक मांझा कारीगर ने बताया कि इस मांझे पर अब ओनली इंडस्ट्रीयल यूज लिखकर आने लगा है। अनुबंधित बसों से आने वाली मांझा की खेप बसों की कैविटी में रखकर लाई जाती है। यह खेप किला, चौपुला, मानसिक चिकित्सालय, नगर निगम के सामने उतारा जाता है।
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225 बाक्स मांझा पकड़ा, लेकिन सेटिंग से छोड़ा
बातचीत के दौरान एक पतंग कारीगर ने बताया कि बीते महीने में किला पुलिस ने बांसमंडी के बड़े दुकानदार के यहां छापामार कर 225 बाक्स चायनीज मांझा पकड़ा था। जिस माल की कीमत 14 लाख बताई जा रही थी। इस मामले में थाने से सेटिंग होने के बाद पूरा माल छूट गया था।
आपूर्ति रोक दें तो बात बने
सदफ काईट सेंटर के मालिक ईनाम भाई का कहना है कि पुलिस छापामारी कर रही है, लेकिन बरेली के अंदर चायनीज मांझा की आपूर्ति नहीं रोक पा रही है। अगर चायनीज मांझे की एंट्री ही रोक दी जाए तो समस्या खत्म हो सकती है। मौजूदा समय में पतंग और मांझा का काम करने वाले दहशत में हैं।
दुकान बंद होने पर चलाया था सर्च अभियान
बीते दो दिनों में चायनीज मांझे पर पुलिस के शांत रवैया के बाद लोगों में चर्चा है कि पहले की तरह कुछ नहीं होगा। मंगलवार रात भी चायनीज मांझे का सर्च अभियान तब चलाया गया, जबकि अधिकांश दुकान बंद हो चुकी थी। खानापूर्ति करने के बाद थानों की पुलिस शांत हो गई।
घटना होने के बाद एसएसपी के निर्देश पर शहर की दुकानों पर चायनीज मांझे का सर्च अभियान चलाया गया। लेकिन कहीं भी मांझा नहीं मिला था। अब समय समय पर यह अभियान चलाकर चायनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई की जाएंगी।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
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मांझा कारोबारियों ने बताया कि आगरा के एक बड़े डिस्ट्रीब्यूटर के जरिये बरेली, मथुरा, शाहजहांपुर सहित कई जनपदों में आपूर्ति होती है। बरेली में बंगलुरु, नोएडा, दिल्ली, पानीपत, लुधियाना से भी चायनीज मांझे का माल आता है। सबसे अहम बात यह कि इस माल पर कारोबारी बकायदा जीएसटी का भुगतान करते हैं। बीते दिनों छापामार कार्रवाईयों के बाद चायनीज मांझे पर निर्माता का नाम, उसका पता, यह चायना में बना या इंडिया में, इस बाबत जानकारी हटा दी गई है।
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अनुबंधित बसों की कैविटी में रखकर आता है मांझा
बरेली में आने वाला चायनीज मांझे पर हीरो प्लस, मोनो बाइट, जम्बो, हीरो फाइटर, मोनो हीरो, आईबीके, मोना स्काई जैसे नामों के साथ बिक रहा है। एक मांझा कारीगर ने बताया कि इस मांझे पर अब ओनली इंडस्ट्रीयल यूज लिखकर आने लगा है। अनुबंधित बसों से आने वाली मांझा की खेप बसों की कैविटी में रखकर लाई जाती है। यह खेप किला, चौपुला, मानसिक चिकित्सालय, नगर निगम के सामने उतारा जाता है।
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225 बाक्स मांझा पकड़ा, लेकिन सेटिंग से छोड़ा
बातचीत के दौरान एक पतंग कारीगर ने बताया कि बीते महीने में किला पुलिस ने बांसमंडी के बड़े दुकानदार के यहां छापामार कर 225 बाक्स चायनीज मांझा पकड़ा था। जिस माल की कीमत 14 लाख बताई जा रही थी। इस मामले में थाने से सेटिंग होने के बाद पूरा माल छूट गया था।
आपूर्ति रोक दें तो बात बने
सदफ काईट सेंटर के मालिक ईनाम भाई का कहना है कि पुलिस छापामारी कर रही है, लेकिन बरेली के अंदर चायनीज मांझा की आपूर्ति नहीं रोक पा रही है। अगर चायनीज मांझे की एंट्री ही रोक दी जाए तो समस्या खत्म हो सकती है। मौजूदा समय में पतंग और मांझा का काम करने वाले दहशत में हैं।
दुकान बंद होने पर चलाया था सर्च अभियान
बीते दो दिनों में चायनीज मांझे पर पुलिस के शांत रवैया के बाद लोगों में चर्चा है कि पहले की तरह कुछ नहीं होगा। मंगलवार रात भी चायनीज मांझे का सर्च अभियान तब चलाया गया, जबकि अधिकांश दुकान बंद हो चुकी थी। खानापूर्ति करने के बाद थानों की पुलिस शांत हो गई।
घटना होने के बाद एसएसपी के निर्देश पर शहर की दुकानों पर चायनीज मांझे का सर्च अभियान चलाया गया। लेकिन कहीं भी मांझा नहीं मिला था। अब समय समय पर यह अभियान चलाकर चायनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई की जाएंगी।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी