फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Police kept on wringing their hands, cyber fraudster Vicky's associates fled to Nepal.

Bareilly News: पुलिस मलती रही हाथ, साइबर ठग विक्की के साथी भागे नेपाल

Sun, 26 Oct 2025 03:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 26 Oct 2025 03:04 AM IST
विज्ञापन
Police kept on wringing their hands, cyber fraudster Vicky's associates fled to Nepal.
बरेली। झारखंड के जामताड़ा में बैठे साइबर ठगों का दोस्त सीबीगंज निवासी विक्की साहू भले ही जेल चला गया हो, लेकिन उसके चारों साथियों का सुराग पुलिस को नहीं मिल सका है। सूत्र बताते हैं कि विक्की के बरेली निवासी चारों साथी नेपाल भाग गए हैं। टीम उनकी तलाश में दबिश दे रही है। करीबियों के नंबर भी सर्विलांस पर लगाए हैं।
विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक, विक्की साहू स्थानीय स्तर पर साइबर ठगी का संगठित गिरोह चला रहा था। देश के विभिन्न राज्यों खासकर पश्चिम बंगाल, बिहार व हरियाणा में हुए साइबर ठगी के मामले में बरेली के खाते और मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए गए थे। खातों से लिंक मोबाइल नंबर ट्रेस करते हुए बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीन दिन पहले विक्की साहू को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि विक्की को जामताड़ा के ठगों से मिलवाने में शहर निवासी उसके साथी की प्रमुख भूमिका थी। उसके अलावा तीन अन्य साथी भी उत्तराखंड के रास्ते नेपाल निकल गए हैं।
विज्ञापन

दरअसल विक्की साहू की गिरफ्तारी की भनक लगते ही उसके साथी शहर छोड़ गए। सभी आरोपी जामताड़ा में बैठे साइबर ठगों को ठगी के लिए खाते उपलब्ध कराते थे और उन खातों से लिंक मोबाइल नंबर लेकर साइबर ठगों को देते थे। इससे खाते का संचालन साइबर ठग अपने हाथ में ले लेते थे। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग पैंतरे अपनाकर साइबर ठग इन खातों में रुपये डाल रहे थे। साइबर क्राइम पुलिस ने जब खातों की छानबीन शुरू की तो विक्की साहू और उसके गैंग के बारे में पता चला। अब पुलिस जेल में जाकर विक्की से पूछताछ कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शराब की दुकान पर सस्ते में खोज लेते थे खाताधारक
साइबर क्राइम थाना पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि विक्की के साथी शराब की दुकानों पर खड़े होकर नशे के आदी लोगों से मेलजोल बढ़ाते थे। उन्हें नशा कराकर और कमीशन का झांसा देते थे। आधार कार्ड व अन्य आईडी लेकर उनके खाते खुलवाते थे। उन्हीं लोगों की आईडी से सिम खरीदते थे। फिर खाता खुलने के बाद उसकी पासबुक, डेबिट कार्ड व खाते से जुड़ा सिम कार्ड जामताड़ा में बैठे साइबर ठग विशाल और उसके साथियों तक पहुंचाते थे। जामताड़ा के साइबर ठग इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए करते थे। फिर क्यूआर कोड, डेबिट कार्ड और यूपीआई का इस्तेमाल कर खातों से रकम निकाल लेते थे। शिकायत होने पर पुलिस जिस खाते को फ्रीज करती थी, साइबर ठग उससे संबंधित सभी दस्तावेज व सिम नष्ट कर देते थे। इसलिए पुलिस असली साइबर ठगों तक पहुंच ही नहीं पाती थी। अब विक्की से पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की जांच में कई खातों की जानकारी मिली है, जिनकी जांच की जा रही है।

यूपी का जामताड़ा बना था धंतिया, साइबर ठगों ने बदनाम किया था गांव
फतेहगंज पश्चिमी के गांव धंतिया की पहचान कुछ साल पहले तक यूपी के जामताड़ा के रूप होती थी। धंतिया निवासी शातिरों और हवाला धंधेबाजों ने देश के विभिन्न राज्यों में गांव को बदनामी का दाग दिया था। अब धंतिया के शातिर आसपास के इलाके में फैल गए हैं। ये लोग बड़े पैमाने पर सीधे-सादे लोगों के खाते परसाखेड़ा और सीबीगंज क्षेत्र के बैंकों में खुलवाकर उनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन में करते हैं। शहर में बड़े पैमाने पर ऐसे खाते संचालित हो रहे हैं, जिनका संचालन दूसरे संदिग्ध लोगों के पास है। ब्यूरो

--
विक्की साहू के चारों साथियों की तलाश की जा रही है। उनके नेपाल भागने की चर्चा है। उनके स्थानीय नेटवर्क की जानकारी की जा रही है। जल्दी ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। सही इनपुट मिला तो टीम जामताड़ा भी जा सकती है। - नीरज सिंह, इंस्पेक्टर साइबर थाना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed