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Bareilly News: खून के सौदागरों का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
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- ब्लड बैंक के कर्मचारियों से सांठगांठ की आशंका में हो रही जांच
बरेली। खून की सौदेबाजी में धरे गए कल्याण सिंह यादव के जरिये पुलिस अब रैकेट को खंगालने में जुट गई है। रविवार को पूछताछ का सिलसिला जारी रहा। ब्लड बैंक के कर्मचारियों से खून के सौदागरों की सांठगांठ की आशंका में जांच की जा रही है।
शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती पत्नी को खून की जरूरत पड़ने पर विजयपाल आईएमए ब्लड बैंक पहुंचे थे। हीमोग्लोबिन कम होने पर ब्लड बैंक कर्मियों ने उनका खून लेने से मना कर दिया था। इसके थोड़ी देर बाद ही वह एक व्यक्ति को साथ लेकर आ गया। संदेह पर हुई पूछताछ में खून की सौदेबाजी का खुलासा हुआ। चिकित्सकों ने छह लाेगों को पकड़ा था। कटरा चांद खां निवासी कल्याण सिंह यादव ही बीसलपुर रोड स्थित अड्डे से मजदूरों को बुलाकर रुपये के बदले रक्तदान करवाता था।
तब पुलिस ने कल्याण सिंह यादव को हिरासत में लेकर अन्य पांच लोगों को छोड़ दिया था। मामला सुर्खियों में आया तो रविवार को पुलिस ने सभी को तलब कर मुचलका भरवाकर छोड़ा। पुलिस को आशंका है कि जिले में संचालित अन्य ब्लड बैंकों के बाहर भी खून का सौदा करने वाला रैकेट सक्रिय होगा।
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इंस्पेक्टर बोले- आईएमए ने नहीं दी तहरीर
इंस्पेक्टर डीके शर्मा का कहना है कि आईएमए ब्लड बैंक या आईएमए बरेली शाखा की ओर से अब तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। विधिक कार्रवाई के लिए तहरीर मिलना जरूरी है। फिलहाल, पुलिस प्रकरण की छानबीन कर रही है।
आईएम अध्यक्ष ने कहा- स्वत: संज्ञान लें
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव गोयल के मुताबिक कई बार इस मामले को अधिकारियों के समक्ष रखा गया। जब उन्होंने कोई एक्शन नहीं किया तो ब्लड बैंक कर्मियों ने खून के सौदागरों को दबोचकर पुलिस को सौंपा। अब पुलिस को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली। खून की सौदेबाजी में धरे गए कल्याण सिंह यादव के जरिये पुलिस अब रैकेट को खंगालने में जुट गई है। रविवार को पूछताछ का सिलसिला जारी रहा। ब्लड बैंक के कर्मचारियों से खून के सौदागरों की सांठगांठ की आशंका में जांच की जा रही है।
शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती पत्नी को खून की जरूरत पड़ने पर विजयपाल आईएमए ब्लड बैंक पहुंचे थे। हीमोग्लोबिन कम होने पर ब्लड बैंक कर्मियों ने उनका खून लेने से मना कर दिया था। इसके थोड़ी देर बाद ही वह एक व्यक्ति को साथ लेकर आ गया। संदेह पर हुई पूछताछ में खून की सौदेबाजी का खुलासा हुआ। चिकित्सकों ने छह लाेगों को पकड़ा था। कटरा चांद खां निवासी कल्याण सिंह यादव ही बीसलपुर रोड स्थित अड्डे से मजदूरों को बुलाकर रुपये के बदले रक्तदान करवाता था।
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तब पुलिस ने कल्याण सिंह यादव को हिरासत में लेकर अन्य पांच लोगों को छोड़ दिया था। मामला सुर्खियों में आया तो रविवार को पुलिस ने सभी को तलब कर मुचलका भरवाकर छोड़ा। पुलिस को आशंका है कि जिले में संचालित अन्य ब्लड बैंकों के बाहर भी खून का सौदा करने वाला रैकेट सक्रिय होगा।
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इंस्पेक्टर बोले- आईएमए ने नहीं दी तहरीर
इंस्पेक्टर डीके शर्मा का कहना है कि आईएमए ब्लड बैंक या आईएमए बरेली शाखा की ओर से अब तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। विधिक कार्रवाई के लिए तहरीर मिलना जरूरी है। फिलहाल, पुलिस प्रकरण की छानबीन कर रही है।
आईएम अध्यक्ष ने कहा- स्वत: संज्ञान लें
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव गोयल के मुताबिक कई बार इस मामले को अधिकारियों के समक्ष रखा गया। जब उन्होंने कोई एक्शन नहीं किया तो ब्लड बैंक कर्मियों ने खून के सौदागरों को दबोचकर पुलिस को सौंपा। अब पुलिस को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। अमर उजाला ब्यूरो