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दर्दनाक: बंद ताले में छिपा पांच मौतों का राज... अपनी बुनी कहानी में उलझी पुलिस; इन सवालों के नहीं मिले जवाब
Tue, 30 Jan 2024 09:23 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 30 Jan 2024 09:23 AM IST
सार
बरेली में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस अपनी बुनी कहानी में उलझ गई है। पांच मौतों का राज बंद दरवाजे के पीछे छिपा है। पुलिस को कई सवालों के जवाब नहीं मिल पाए हैं।
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Bareilly fire news
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली के फरीदपुर कस्बे के मोहल्ला फर्रखपुर में आग से पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस अपनी बुनी कहानी में ही उलझ गई है। कमरे के दरवाजे पर बाहर से ताला किसने और क्यों लगाया? इस अहम सवाल का जवाब न तो पुलिस दे पा रही है, न ही परिजन।
सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने कमरे को अंदर से बंद करने का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। ताला लगाने के बाद दरवाजे को खोलने का प्रयास किया तो वह खुला भी नहीं। ऐसे में पुलिस का हादसे का दावा कमजोर पड़ गया।
परिजनों को भी हत्या का यकीन है। अजय की बहन शिवानी, मकान मालिक राजकुमारी, अजय के छोटे भाई की पत्नी अंशुल पुलिस से चीख-चीखकर कह रही थीं कि अजय व उसके परिवार की मौत हादसे में नहीं हुई। हत्या ही की गई है। कहा कि कमरे के दरवाजे पर लगा ताला बाहर से ही गेट बंद कर लगाया जा सकता है, अंदर से यह किसी हाल में संभव नहीं है।
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उन्होंने पुलिस से मांग की कि वह हादसा समझकर नहीं, हत्या की तरह जांच करे। आरोप लगाया कि पुलिस घटना को हादसा बता कर अपराधियों का मनोबल बढ़ा रही है। पुलिस सारे पहलुओं को दरकिनार कर केवल हादसा मान रही है। परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाया। इसके अलावा सवाल और भी हैं, पर बंद दरवाजे का राज खुले तो इन पांच मौतों के रहस्य से भी पर्दा उठ जाएगा।
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सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने कमरे को अंदर से बंद करने का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। ताला लगाने के बाद दरवाजे को खोलने का प्रयास किया तो वह खुला भी नहीं। ऐसे में पुलिस का हादसे का दावा कमजोर पड़ गया।
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परिजनों को भी हत्या का यकीन है। अजय की बहन शिवानी, मकान मालिक राजकुमारी, अजय के छोटे भाई की पत्नी अंशुल पुलिस से चीख-चीखकर कह रही थीं कि अजय व उसके परिवार की मौत हादसे में नहीं हुई। हत्या ही की गई है। कहा कि कमरे के दरवाजे पर लगा ताला बाहर से ही गेट बंद कर लगाया जा सकता है, अंदर से यह किसी हाल में संभव नहीं है।
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उन्होंने पुलिस से मांग की कि वह हादसा समझकर नहीं, हत्या की तरह जांच करे। आरोप लगाया कि पुलिस घटना को हादसा बता कर अपराधियों का मनोबल बढ़ा रही है। पुलिस सारे पहलुओं को दरकिनार कर केवल हादसा मान रही है। परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाया। इसके अलावा सवाल और भी हैं, पर बंद दरवाजे का राज खुले तो इन पांच मौतों के रहस्य से भी पर्दा उठ जाएगा।
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महिलाओं का आरोप- जेवरों की डिब्बी खाली मिली
अजय के परिवार की महिलाओं ने सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में जले हुए घर का जायजा लिया तो सेफ में रखे जेवरों की डिब्बी खाली मिली। अजय की भाभी व बहन पुलिसकर्मियों के साथ घर में गईं तो देखा कि ब्लोअर की ओर आधे कमरे का सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था, जबकि गेट की ओर का सामान काफी हद तक सुरक्षित मिला। जिस सोफे पर जलकर अजय की मौत हुई, उसके नीचे रखे चावल सुरक्षित मिले।
अजय के परिवार की महिलाओं ने सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में जले हुए घर का जायजा लिया तो सेफ में रखे जेवरों की डिब्बी खाली मिली। अजय की भाभी व बहन पुलिसकर्मियों के साथ घर में गईं तो देखा कि ब्लोअर की ओर आधे कमरे का सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था, जबकि गेट की ओर का सामान काफी हद तक सुरक्षित मिला। जिस सोफे पर जलकर अजय की मौत हुई, उसके नीचे रखे चावल सुरक्षित मिले।
सेफ लॉक नहीं थी तो आसानी से खुल गई। इसमें दो लॉकर थे। इनमें से एक बंद था, जबकि दूसरा खुल गया। महिलाओं ने देखा कि उसमें एक थैली में आर्टिफिशियल ज्वैलरी रखी थी। जबकि जेवरों की कुछ डिब्बियां खुली पड़ी थीं। उन्होंने कयास लगाया कि हो सकता है हत्यारे कुछ जेवर भी ले गए हों। परिवार व पड़ोस के अन्य लोग भी घर का हाल देखने पहुंचे। कमरे में कुछ आपत्तिजनक चीजें पड़ी होने की भी चर्चा रही।
बड़ा सवाल : घर में खड़ी बाइकों के पेट्रोल पाइप किसने और क्यों काटे
घर में खड़ी तीनों बाइकों के पेट्रोल पाइप किसने और किस उद्देश्य से काटे, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है। पुलिस ने भी इस सवाल पर चुप्पी साध रखी है।
घर में खड़ी तीनों बाइकों के पेट्रोल पाइप किसने और किस उद्देश्य से काटे, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है। पुलिस ने भी इस सवाल पर चुप्पी साध रखी है।
परिवारवालों के अनुसार ये तीनों बाइकें अजय के घर में रोज आती-जाती थीं और ऐसा भी नहीं है कि वे काफी समय से घर में खड़ी रही हों। रोज आने-जाने वाली बाइकों की पेट्रोल की टंकी खाली कैसे हो सकती है, अभी तक यह सवाल भी अनुत्तरित है। परिजनों ने यह मामला उठाया तो पुलिस ने इसे नकार दिया।
इन सवालों के नहीं मिले जवाब
- कमरा बंद कर बाहर से ताला किसने और क्यों डाला?
- आग लगने के दौरान किसी ने बिस्तर से उठने की कोशिश क्यों नहीं की?
- अगर परिजनों को नशीला पदार्थ दिया गया या फिर हत्या के बाद शव बिस्तर पर रखकर आग लगाई गई तो ये बातें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्यों नहीं आईं?
- बाहर से अगर कोई व्यक्ति घर में आया था तो उसे किसी ने आते-जाते देखा क्यों नहीं?
- आग से कमरे में रखा बाकी सामान क्यों नहीं जला?
- अगर बाइकों से पेट्रोल लेकर उसे डालकर शव जलाए गए तो घर से पेट्रोल की दुर्गंध क्यों नहीं आई?
- कमरा बंद कर बाहर से ताला किसने और क्यों डाला?
- आग लगने के दौरान किसी ने बिस्तर से उठने की कोशिश क्यों नहीं की?
- अगर परिजनों को नशीला पदार्थ दिया गया या फिर हत्या के बाद शव बिस्तर पर रखकर आग लगाई गई तो ये बातें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्यों नहीं आईं?
- बाहर से अगर कोई व्यक्ति घर में आया था तो उसे किसी ने आते-जाते देखा क्यों नहीं?
- आग से कमरे में रखा बाकी सामान क्यों नहीं जला?
- अगर बाइकों से पेट्रोल लेकर उसे डालकर शव जलाए गए तो घर से पेट्रोल की दुर्गंध क्यों नहीं आई?