35 दिन... तीन हत्याएं: सीरियल किलर या है एक ही गैंग, इस आशंका से शाही में खौफ; महिलाओं ने खेत जाना छोड़ा
बरेली के शाही थाना क्षेत्र में 19 जून से 22 जुलाई के बीच तीन महिलाओं की हत्या कर दी गई थीं। अलग-अलग गांव की तीन महिलाओं के शव खेतों में मिले थे। वारदात में कई समानताएं थीं। डेढ़ महीने से अधिक का वक्त बीत चुका है, लेकिन पुलिस एक भी वारदात का आरोपी नहीं पकड़ पाई है, जिससे इलाके के लोगों में दहशत है।
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बरेली के शाही थाना क्षेत्र में 35 दिन के भीतर तीन महिलाओं की हत्या से पनपा भय खत्म नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों में डर इस बात का है कि किसी भी वारदात के आरोपी पकड़े नहीं गए हैं। यदि तीनों वारदात में किसी सीरियल किलर या एक ही गैंग का हाथ है तो यह और भी डराने वाली बात है। हत्यारा किसी नए शिकार की तलाश में हो सकता है। क्षेत्र में भय के इस माहौल के पीछे पुलिस की नाकामी है।
इलाके में तरह-तरह की बातें भी फैल रही हैं। महिलाओं में चर्चा है कि शिकारी व कुछ संदिग्ध लोग खेतों में घूमते रहते हैं। इनमें से कुछ तो महिलाओं की वेशभूषा में भी रहते हैं। वह उन लोगों से कहते हैं कि उनकी घास की गठरी उठवाकर सिर पर रखवा दें। वह लोग ऐसा करने पर चंगुल में फंस सकती हैं। इसलिए गांव की महिलाओं ने खेत पर अकेले जाना छोड़ दिया है। इसका असर उनके कामकाज और खेतीबाड़ी पर पड़ रहा है।
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हत्या के तीनों मामलों में मौके के हालात, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई में झोल होने से सही स्थिति सामने नहीं आ सकी है। एक मामला विसरा रिपोर्ट के इंतजार में अटका है। दो मामलों में नामजदों की गिरफ्तारी पर पेच फंसा है। खेतों में पकड़े संदिग्धों को शिकारी के तौर पर जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी को हटाकर नई तैनाती भी की जा चुकी है, लेकिन हत्यारे आजाद हैं।
धानवती हत्याकांड: पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
कुल्छा गांव में 19 जून को धानवती (50) का शव बेहद खराब हालत में मिला था। पोस्टमार्टम में विसरा सुरक्षित होने से परिवार के सवाल और मौके के हालात पर हो रही चर्चा पर विराम लग गया। पुलिस ने मौत सामान्य बताकर कार्रवाई नहीं की। परिवार ने अफसरों से लेकर मानवाधिकार आयोग तक शिकायतें कीं। एक महीने बाद एसएसपी के आदेश पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज हो सकी। अब पुलिस विसरा रिपोर्ट के इंतजार में है। सवाल है कि रास्ते से दूर खेत में धानवती खुद कैसे पहुंच गईं? इस तरह अनायास मौत कैसे हो गई?
प्रेमवती हत्याकांड: आरोपी पकड़कर छोड़े
29 जून को गांव आनंदपुर में प्रेमवती (50) की हत्या इसी तरह खेत में कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने परिवार से तहरीर ली। इसमें ईंट भट्ठा स्वामी समेत चार लोगों को नामजद किया गया। प्रेमवती के बेटे ने बताया कि खेत से मिट्टी जबरन उठाने को लेकर मां की इन लोगों से कुछ दिन पहले लड़ाई हुई थी।
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पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर छोड़ दिया। पुलिस जान रही है कि भट्ठा मालिक इतने मामूली विवाद में हत्या नहीं करेंगे। असली हत्यारोपियों की पहचान या तलाश के लिए भी कोई उपक्रम नहीं किया जा रहा। इसे लेकर प्रेमवती के परिवार में आक्रोश है।
कुसुमा देवी हत्याकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर ही सवाल
22 जुलाई को खजुरिया गांव की कुसुमा देवी (35) की भी खेत पर गला दबाकर हत्या की गई थी। कुसुमा के परिवार ने एक सुल्फा पीने वाले शख्स व उसके साथी की खेत पर मौजूदगी को लेकर उनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट कराई। पुलिस किसी आरोपी को नहीं पकड़ सकी है। इस मामले में परिवार व स्थानीय लोगों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं।
जब शव मिला था जब मृतका का एक हाथ टूटा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं मिला। इसी तरह बुरी तरह पीटने व घसीटने के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ खरोचें ही सामने आईं। परिवार पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है। मामले को हल्का दिखाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खेल किए जाने की बात कही जा रही है।
सीओ बोले- क्लू मिले, जल्द होंगे खुलासे
शाही की घटनाओं का पर्यवेक्षण कर रहे मीरगंज सीओ हर्ष मोदी का कहना है कि अभी तक पुलिस मुहर्रम की वजह से व्यस्त थी। अब जल्द खुलासे किए जाएंगे। दो मामलों में कुछ सुराग मिले हैं। इनके आधार पर सच्चाई सामने लाई जाएगी।