{"_id":"56fd811f4f1c1b234ef00123","slug":"plunder-march-last-day-lashed-billion","type":"story","status":"publish","title_hn":"मार्च लूट: आखिरी दिन बरसे एक अरब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मार्च लूट: आखिरी दिन बरसे एक अरब
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 01 Apr 2016 01:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन बैंक, ट्रेजरी और सरकारी दफ्तर देर रात तक खुले रहे। हालांकि स्टेट बैंक आफ इंडिया ने शाम आठ बजे तक ही क्लीयरेंस के आदेश किए थे लेकिन बाद में देर रात 12 बजे तक बिल पास करके चेक जारी करने का काम होता रहा। 31 मार्च को आखिरी समय करीब एक अरब रुपये के बिल आए,जिनको पास कर दिया गया। कई विभागों को पता ही नहीं था लेकिन उनके यहां अचानक धन वर्षा हुई। जिसको देखकर वह भौचक्के रह गए। बीएसए आफिस में तो 15 लाख रुपये दो बार रिलीज कर दिए गए। जिनमें से एक बार की राशि वापस करनी पड़ी। कई विभागों ने तो एन वक्त पर मिली रकम को इस्तेमाल करने से इंकार करते हुए वापस कर दिया।
सिंचाई विभाग को आखिरी दिन ठिकाने लगाने के लिए तीन करोड़ रुपये मिले हैं। इस राशि को अधिकारियों ने पुराने बिलों में समायोजित करके औपचारिकताएं पूरी कर लीं। ऐसी ही स्थिति अल्पसंख्यक कल्याण, जल निगम, रुहेलखंड विवि, पालिटेक्निक, आईटीआई, मनरेगा, कलक्ट्रेट, तथा अन्य विभागों को मिले हैं।
इन को मिली रकम
-4.77 करोड़ कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल
-3.00 करोड़ सिंचाई विभाग को सिल्ट सफाई
-1.61 करोड़ आईटीआई के कंप्यूटरीकरण तथा नए कोर्स के उपकरण को
-0.25 करोड़ रुहेलखंड विवि को
-0.55 करोड़ मनरेगा में निर्माण कार्य को
-0.31 करोड़ रुपये सामाजिक लाभ योजना में
-0.12 करोड़ बेसिक शिक्षा के लिए
-0.47 करोड़ नागरिक सुरक्षा को
आयकर दफ्तर में देर रात तक हुआ काम
आयकर कार्यालय में देर रात तक अधिकारी काम काज में जुटे रहे। टीडीएस को लेकर जो भी मामले आए, उनका निस्तारण हुआ। प्रदेश सरकार के सिंचाई, आरईएस सहित आधा दर्जन विभागों के टीडीएस के मामलों को निस्तारित किया गया। पुराने मामलों में नोटिस भेजकर भी जानकारी की गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंचाई विभाग को आखिरी दिन ठिकाने लगाने के लिए तीन करोड़ रुपये मिले हैं। इस राशि को अधिकारियों ने पुराने बिलों में समायोजित करके औपचारिकताएं पूरी कर लीं। ऐसी ही स्थिति अल्पसंख्यक कल्याण, जल निगम, रुहेलखंड विवि, पालिटेक्निक, आईटीआई, मनरेगा, कलक्ट्रेट, तथा अन्य विभागों को मिले हैं।
विज्ञापन
इन को मिली रकम
-4.77 करोड़ कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल
-3.00 करोड़ सिंचाई विभाग को सिल्ट सफाई
-1.61 करोड़ आईटीआई के कंप्यूटरीकरण तथा नए कोर्स के उपकरण को
-0.25 करोड़ रुहेलखंड विवि को
-0.55 करोड़ मनरेगा में निर्माण कार्य को
-0.31 करोड़ रुपये सामाजिक लाभ योजना में
-0.12 करोड़ बेसिक शिक्षा के लिए
-0.47 करोड़ नागरिक सुरक्षा को
आयकर दफ्तर में देर रात तक हुआ काम
आयकर कार्यालय में देर रात तक अधिकारी काम काज में जुटे रहे। टीडीएस को लेकर जो भी मामले आए, उनका निस्तारण हुआ। प्रदेश सरकार के सिंचाई, आरईएस सहित आधा दर्जन विभागों के टीडीएस के मामलों को निस्तारित किया गया। पुराने मामलों में नोटिस भेजकर भी जानकारी की गईं।
विज्ञापन