फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Playing with health .. Navratna Namkeen i.e. animal food

सेहत से खिलवाड़.. नवरत्न नमकीन यानी पशु आहार

Sat, 22 Feb 2020 01:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2020 01:10 AM IST
विज्ञापन
Playing with health .. Navratna Namkeen i.e. animal food
बरेली के बाजार में बिकती नमकीन। - फोटो : अमर उजाला, बरेली

सबसे ज्यादा बिकने वाली इस नमकीन में होती है सड़े हुए ड्राई फ्रूट्स की मिलावट, होली पर होती है सर्वाधिक खपत

विज्ञापन
बरेली। होली के बाजार में एक और खुलासा हुआ है जो लोगों को हैरान कर सकता है। दरअसल, नवरत्न और गट नाम से खपाई जाने वाली नमकीन भी उस रिजेक्टेड नमकीन से तैयार की जा रही है जिसे पशु आहार के नाम से बड़ी कंपनियों से खरीदा जाता है। मुनाफाखोर इसी पशु आहार में घटिया मेवा मिलाकर नवरत्न नमकीन तैयार कर देते हैं। बाजार के ही सूत्रों का दावा है कि नवरत्न सबसे ज्यादा बिकने वाली नमकीनों में से एक है। होली का सीजन शुरू होने के साथ गली-मोहल्लों में बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन शुरू हो गया है।
साधारण तौर पर प्रचारित है कि नवरत्न नमकीन में ड्राई फ्रूट्स के साथ पांच तरह का मिश्रण होता है। गट का मतलब बचे हुए माल से तैयारी होने वाली नमकीन समझा जाता है लेकिन इन दोनों नमकीन में सबसे ज्यादा धांधली होती है। नमकीन के ही कुछ बड़े कारोबारियों का दावा है कि पारले, हल्दीराम, बीकानेरी, बालाजी जैसी नामीगिरामी कंपनियों के रिजेक्ट उत्पादों से स्थानीय स्तर पर सिर्फ साधारण नमकीन ही नहीं बल्कि सबसे ज्यादा बिकने वाली नवरत्न और गट नमकीन भी तैयार की जा रही है। दरअसल ब्रांडेड कंपनियां अपने खराब माल को कम कीमतों पर नीलाम करती हैं जिसे मुनाफाखोर पशु आहार के तौर पर इस्तेमाल करने के बहाने खरीद लेते हैं। बाद में इसी रिजेक्टेड नमकीन में घटिया किशमिश, बादाम और काजू मिलाकर नवरत्न नमकीन बना दी जाती है। ब्रांडेड कंपनियों से काफी कम कीमतों पर जब यह नमकीन लोकल बाजार में उतरती है तो हाथोंहाथ बिक जाती है।
विज्ञापन

खरीदने वालों की नजर में फायदे का सौदा

बाजार के सूत्रों के मुताबिक शहर में तैयार की गई नवरत्न नमकीन का थोक रेट करीब 190 रुपये किलो है जिसे रिटेलर सवा दो सौ रुपये तक के रेट में बेचते हैं। इस नमकीन में सड़े और खराब ऐसे ड्राईफूट्स इस्तेमाल किए जाते हैं जिनकी मार्केट में आधी कीमत भी नहीं मिलती। मामूली रेट में नमकीन में मेवा मिक्स देखकर उसे खरीदने वाले लोग इसे फायदे का सौदा समझते हैं। उन्हें यह पता ही नहीं होता है कि वह न सिर्फ जाने अनजाने पशु आहार खा रहे हैं बल्कि मेहमाननवाजी के लिए भी उसे इस्तेमाल कर रहे हैं। यही स्थिति गट यानी मिक्स नमकीन में होती है। इसमें इस्तेमाल किए गए उत्पाद भी रिजेक्टेड होते हैं। भुजिया और मूंग की दाल जिसकी सबसे ज्यादा बिक्री होती है, उसमें भी पशु आहार यानी रिजेक्टेड माल की मिलावट होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नमकीन और दूसरी चीजों में मिलावट करने वाले लोग पूरे बाजार को प्रदूषित कर रहे हैं। व्यापार का नैतिक दायित्व है कि आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न किया जाए। प्रतिस्पर्धा बेहतर उत्पाद तैयार करने में होना चाहिए। उपभोक्ताओं को भी विश्वसनीय उत्पाद खरीदने चाहिए। - धर्मेंद्र देवनानी, उद्यमी


कारोबार में प्रतिस्पर्धा ठीक है लेकिन खाने-पीने की घटिया चीजें उपभोक्ताओं तक पहुंचाना अनुचित है। मिलावटीखोरी कुछ लोग करते हैं लेकिन बदनाम सभी व्यापारी होते हैं। घटतौली और मिलावट कतई नहीं होनी चाहिए। इसका असर आम लोगों के साथ बड़े उद्योगाें पर भी पड़ता है। - राजेंद्र गुप्ता, व्यापार मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed