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पीलीभीत सामूहिक हत्याकांड: किस्से कहानियों से डराया, फिर दूध पिलाकर ले ली जान

Fri, 11 Jan 2019 01:51 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पीलीभीत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पीलीभीत Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 11 Jan 2019 01:51 AM IST
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Pilibhit massacre killed five people through poisonous milk
पीलीभीत सामूहिक हत्याकांड का खुलासा करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

बेनीपुर गांव के नेम चंद ने एक बार अपने दुश्मनों को सबक सिखाने को पूजा पाठ कराने की इच्छा जताई। बस इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने एक हॉरर शो की कहानी रच डाली। तंत्र मंत्र करने के दौरान परिवार वालों को किस्से कहानियों से डराते रहे। ताकि वारदात को अंजाम देते समय किसी कोई शक न हो पाए। जब उन्होंने देखा कि सभी उनके वशीभूत हो गए तो उन्होंने जहरीला दूध पिलाया और पांचों की जान चली गई। 

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पुलिस के खुलासे के अनुसार गुलशेर ने पूछताछ में बताया कि नेमचंद भोजीपुरा में रेलवे में गेटमैन था। उसकी तैनाती स्थल के पास में ही आरोपी गुलशेर का गांव खंजनपुर है। यहीं दोनों की मुलाकात और दोस्ती की शुरूआत हुई। वह कई बार नेमचंद के साथ पहले भी उसके घर आ चुका था। नेमचंद ने प्लॉट के लिए घर पर लाखों की नकदी रखे होने की बात भी उसे बताई थी। कहा था कि आठ जनवरी को प्लॉट का बैनामा कराया जाएगा। इसके अलावा बातचीत के दौरान कई बार ये भी कहता था कि तंत्र विद्या के जरिए कोई ऐसा उपाय करा दो कि गांव में उसके कुछ दुश्मनों का बुरा हो जाए। 
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तंत्र विद्या पर नेमचंद का भरोसा देखते हुए घर पर रखी नकदी को लूटने की साजिश रच डाली। वह सोमवार रात इकरार के साथ नेमचंद के घर पूजापाठ करने के बहाने पहुंच गया। गुलशेर और इकरार ने पहले गूंथे आटे से मानव आकृति बनाकर तंत्र विद्या का नाटक किया। फिर नेमचंद से उस आकृति को तालाब में फिंकवा दिया। इसके बाद पूरे परिवार ने साथ बैठकर खाना खाया। इस दौरान गुलशेर सभी को तंत्रमंत्र की बातें करके भयभीत किए रहा, ताकि कोई भी उसकी बात का विरोध न कर सके। खाना खाने के बाद इकरार ने दूध में जहरीला पदार्थ मिला दिया और सभी को प्रसाद बताकर पीने के लिए दिया। कुछ ही देर में सभी लोग बेहोश हो गए। जब ये लोग रकम लूटकर जाने लगे तो नेमचंद अर्द्धबेहोशी की हालत में लड़खड़ाते हुए बाहर आ गया और दोनों को छोड़ने के लिए कुछ दूर चला, लेकिन फिर बेहोश होकर गिर गया। परिवार के लोग जहां साढ़े सात लाख की नकदी और एक लाख के जेवर लूटे जाने की बात कह रहे हैं, वहीं गुलशेर सिर्फ पांच लाख रुपये ही हाथ लगने की बात कह रहा है।
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गलत बयानी कर रहा आरोपी, गांव में नहीं किसी से बुराई

Pilibhit massacre killed five people through poisonous milk
पीलीभीत सामूहिक हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
नेमचंद को लेकर आरोपी की ओर से कही गई बात को परिजनों ने सिरे से गलत करार दिया है। उन्होंने पुलिस के खुलासे पर तो कोई सवाल खड़ा नहीं किया, लेकिन आरोपी पर खुद के बचाव के लिए गलत कहानी बताने का आरोप लगाया। परिजनों के मुताबिक नेमचंद अशिक्षित नहीं थे। वह एलएलबी पास थे। उनका तंत्र विद्या के प्रति कोई रुझान भी नहीं था। इसके लिए जिस परिवार का बुरा कराने के लिए तंत्रमंत्र कराने की बात गुलशेर कह रहा है, वह उनके संबंधी हैं। नेमचंद के भाई नरेश और चेतराम ने कहा कि इस तरह की बात कहकर गुलशेर उनके परिवार की गांव में रंजिश कराने की चाल चल रहा है।

गांव छोड़कर वेस्ट बंगाल भागने की फिराक में थे आरोपी 
एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या करने वाले आरोपी पुलिस से बचने के लिए अपनी संपरु बेचकर कहीं दूर जाने की प्लानिंग कर चुके थे। जगह भी चिह्नित की जा चुकी थी। उनके भागने से पहले ही सर्विलांस की मदद से पुलिस ने गुलशेर को धर दबोचा। उसके बाकी दोनों साथियों को भी जल्द गिरक्र्ततारी जल्द कर लेने के दावे किए जा रहे हैं।

एडीजी प्रेमप्रकाश ने बताया कि जिस संजीव की पुलिस को तलाश है, वह भोजीपुरा थाने का शातिर जहर खुरान है। उस पर पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज होने का भी पता लगा है। इसके अलावा गुलशेर और इकरार का आपराधिक इतिहास भी जुटाया जा रहा है। वैसे तो मुक्चय आरोपी गुलशेर मजदूरी करता है। इस घटना को अंजाम देने के बाद उसने भी गांव की संपत्ति बेचकर परिवार के साथ अपनी ससुराल वेस्ट बंगाल के मालदा जाकर रहने की योजना बना ली थी। उसके साथी भी वहीं जाने वाले थे। आरोपी गुलशेर बार-बार अपने बयान भी बदल रहा है। इसलिए दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई बिंदुओं की पुष्टि होगी। घर से लूटी गई रकम और जेवर को लेकर गुलशेर और परिवारीजनों के बयानों में विरोधाभास है, यह संजीव और इकरार की गिरक्र्ततारी के बाद ही दूर होगा।

पांच लोगों की हत्या नकदी लूटने के मकसद से की गई थी। मृतक नेमचंद के दोस्त गुलशेर ने ये घटना साथियों संग की है। उसको कुकरीखेड़ा से गिरक्र्ततारी 3.85 लाख, जहर की शीशी बरामद की गई है। बाकी दो आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी होगी। एसपी पीलीभीत मनोज कुमार सोनकर ने इसके लिए निर्देश दिए हैं।
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