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चार की मौत: जान लेने पर आमादी थी भीड़... पुलिसकर्मियों ने जान पर खेलकर चालक को बचाया; पुलिसवाले भी पिट गए

Sun, 02 Jun 2024 02:04 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 02 Jun 2024 02:04 PM IST
सार

बदायूं के बिसौली के गांव पैगा भीकमपुर में शनिवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार पिकअप सड़क किनारे पेड़ के चबूतरे से टकरा गई। पिकअप की चपेट में आने से पेड़ के नीचे बैठे रामप्रकाश (47), ज्ञानचंद्र (37) और धनपाल (50) की मौके पर ही मौत हो गई।

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Pickup driver beaten by mob in Badaun Policemen saved him in budaun
पिकअप ड्राइवर को पीटा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिसौली के गांव पैगा भीकमपुर में हुए हादसे के बाद पुलिस चालक के सामने भगवान बनकर आ गई। अगर, पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो शायद चालक भी मारा जाता। ग्रामीण चालक को पीट-पीटकर मार डालना चाहते थे। कोई ईंट उठाकर मार रहा था तो कोई अपने हाथों से ही चालक को पीट रहा था। पुलिस ने बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। इस चक्कर में कई पुलिस कर्मी तक पीट गए और उनको चोटें भी आईं।
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हादसा शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ। बिसौली-आंवला मार्ग पैगा भीकमपुर गांव से होकर निकलता है। गांव में ही एक पीपल का पेड़ है। उसके नीचे पक्का चबूतरा बना हुआ है। अक्सर लोग दोपहरी में उसके नीचे आकर बैठ जाते हैं। शनिवार की दोपहर भी कई लोग पेड़ के नीचे बैठे थे। 
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वो तो पिकअप वाहन की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे लोगों को उससे बचने का मौका नहीं मिला। तब तक उसकी चपेट में छह लोग आ गए थे। हादसा इतना बड़ा था कि ग्रामीण अपने गुस्से को काबू नहीं कर पाए। जब तक भीड़ मौके पर एकत्र हुई, तब तक चालक दौड़कर नजदीकी मक्का के खेत में जाकर छिप गया था। कुछ लोगों ने उसे मक्का के खेत में छिपते हुए देख लिया था। 
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इससे ग्रामीणों ने तुरंत ही चालक को ढूंढना शुरू कर दिया था। चार लोगों की मौत की सूचना पर चार सिपाही और एक एसआई गाड़ी से तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। उस दौरान ग्रामीण मक्का के खेत में चालक को तलाश कर रहे थे। खेत ज्यादा बड़ा नहीं था।

इससे चालक को जल्दी ढूंढ लिया गया और ग्रामीण उसके ऊपर टूट पड़े। उन्होंने चालक को पीटना शुरू कर दिया। वह चालक को पीटते हुए खेत से सड़क पर ले आए। पुलिस भी उसे बचाने के लिए दौड़ पड़ी और अपनी जान की परवाह न करते हुए चालक को सुरक्षा के घेरे में ले लिया। इसके बावजूद ग्रामीण चालक को पीटते रहे। ग्रामीण उसे अपनी ओर खींच रहे थे और पुलिस उसे गाड़ी में बैठाने की कोशिश कर रही थी।
 

एक हादसा और रो पड़ा पैगा भीकमपुर
इस हादसे में मरे तीन लोग एक ही परिवार के हैं। उनमें धनपाल और घायल रामवीर चचेरे-तहेरे भाई हैं। मृतक ब्रहमपाल, रामप्रकाश और धनपाल के परिवार भी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जबकि, ज्ञानचंद रामप्रकाश के सगे मौसेरे भाई हैं। दोनों लोगों की मां सगी बहनें हैं। इससे दोनों रिश्ते में सगे मौसेरे भाई थे। हादसा इतना जबरदस्त था कि जिसने भी सुना वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा।

जब ग्रामीणों ने चार अलग-अलग लोगों की लाशें देखीं तो वह अपने आप पर काबू नहीं कर पाए। जो परिवार के थे वह और गांव के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। सभी लोगों के परिवार वाले इधर-उधर सड़क पर पड़े रो रहे थे। ग्रामीण भी उन्हें शांति दिलाने की कोशिश कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ऐसा हादसा पहली बार हुआ है। इससे लोग और ज्यादा परेशान हैं।

शाम करीब 7:15 बजे मामला हुआ शांत, शवों को भेजा कराने पोस्टमार्टम
ग्राम पैगा भीकमपुर में हादसे के बाद दोपहर 2:30 से लेकर शाम 7:15 बजे तक जाम लग रहा। पांच घंटा 45 मिनट तक लगे जाम के दौरान पुलिस ने कई बार ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन, ग्रामीण नहीं माने। वजीरगंज, फैजगंज बेहटा, बिल्सी, इस्लामनगर समेत कई थानों की पुलिस बुला ली गई थी। दोपहर के समय पुलिस ने धनपाल के शव को ले जाने की कोशिश की। लेकिन, ग्रामीणों ने शव को उठने नहीं दिया। शाम करीब 7:15 बजे मामला शांत हुआ। तब कहीं चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
 

अधिकारी करते रहे कॉल, नहीं आई एंबुलेंस
इस हादसे के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कई बार एंबुलेंस को कॉल की, लेकिन मौके पर सरकारी एंबुलेंस नहीं आई। जब मामला शांत हुआ तो एक शव को इस्लामनगर इंस्पेक्टर ने अपनी गाड़ी में रखवा लिया और उसे लेकर बदायूं के लिए चल लिए। तब कहीं रास्ते में एंबुलेंस आई। उसके बाद शव को एंबुलेंस में रखा गया।
 

बदायूं के बिसौली के गांव पैगा भीकमपुर में शनिवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार पिकअप सड़क किनारे पेड़ के चबूतरे से टकरा गई। पिकअप की चपेट में आने से पेड़ के नीचे बैठे रामप्रकाश (47), ज्ञानचंद्र (37) और धनपाल (50) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, ब्रहमपाल (40) ने निजी अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बिसौली कस्बे के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। चार लोगों की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने पिकअप चालक को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उसे बचाने आए पुलिस कर्मियों को भी भीड़ ने पीट दिया और सड़क पर जाम लगा दिया।

 

शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे ग्राम पैगा भीकमपुर निवासी ब्रहमपाल, रामप्रकाश, ज्ञानचंद्र, धनपाल, रामवीर (45) और नेत्रपाल (36) समेत कई लोग पीपल के पेड़ के नीचे चबूतरे पर बैठे थे। सभी लोग पेड़ की छांव का आनंद लेते हुए आपस में बातें कर रहे थे। उसी दौरान आंवला की ओर से तेज रफ्तार आई पिकअप चबूतरे से टकरा गई, जिसकी चपेट में आने से रामप्रकाश, ज्ञानचंद्र और धनपाल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, ब्रहमपाल, रामवीर और नेत्रपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद चालक मौके पर गाड़ी छोड़कर भाग गया और नजदीक में एक मक्का के खेत में जाकर छिप गया।

हादसे की सूचना पर पूरे गांव के लोग एकत्र हो गए। उनमें कुछ लोगों ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी। परिवार वाले घायल ब्रहमपाल, रामवीर और नेत्रपाल को लेकर बिसौली चले गए, रास्ते में ही ब्रहमपाल ने दम तोड़ दिया। रामवीर और नेत्रपाल को निजी अस्पताल भेजा गया, जहां से उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर जाम लगा दिया और मक्का के खेत से चालक को ढूंढ निकाला। उसको सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। 
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