पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा: आम जनता की जेब पर पड़ेगा असर, बरेली के लोग बोले- महंगाई से हर तबका परेशान
पेट्रोल और डीजल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं, जिससे आम जनता को महंगाई का तगड़ा झटका लगा है। ईंधन के दाम बढ़ने पर बरेली के लोगों ने कहा कि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। महंगाई से हर तबका परेशान है।
विस्तार
पश्चिम एशिया में युद्ध का असर अब उद्यमियों, व्यापारियों के साथ आम आदमी पर भी दिखने लगा है। बरेली में शुक्रवार को पंप खुले तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये की बढ़ोतरी दिखी। पंप संचालक भी असमंजस में रहे। डिपो पर कॉल कर पहले पुष्टि की, फिर बिक्री शुरू हुई। इस दौरान पेट्रोल की छिटपुट बिक्री की गई। पर डीजल लेने पहुंचे पहुंचे ग्राकर परेशान रहे।
सीए अरविंद सिंह के मुताबिक डीजल महंगा होने से माल ढुलाई प्रभावित होगी। इसका असर सब्जी, दूध, किराना और निर्माण सामग्री जैसी आवश्यक वस्तुओं पर पहुंचेगा। यह स्थिति महंगाई को और बढ़ा सकती है। उद्यमियों का कहना है कि पहले से बढ़ी उत्पादन लागत के बीच ईंधन महंगा होने से दोहरी मार पड़ रही है। इसका असर बाजार और ग्राहकों पर पड़ेगा।
डीजल का रेट रुपये प्रति लीटर
पहले - अब
87.92 90.93
पेट्रोल का रेट रुपये प्रति लीटर
पहले - अब
94.80 97.66
जिले में प्रतिदिन ईंधन की खपत
- 1000 किलोलीटर पेट्रोल
- 3,200 किलोलीटर डीजल
- 20,000 एलपीजी सिलिंडर
- 14,000 क्यूसेक लीटर पीएनजी
- 45,000 किलोग्राम सीएनजी
(नोट : अनुमानित आंकड़े पूर्ति विभाग के अनुसार)
पांच लीटर पेट्रोल, सौ लीटर डीजल मिलने का शोर
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कीमत में तेजी के बाद अब कंपनियों ने कार, बाइक और मालवाहक वाहनों के लिए ईंधन की उपलब्धता की सीमा भी तय की है। एक बार में बाइक को अधिकतम पांच लीटर, कार को 15 लीटर पेट्रोल और मालवाहक वाहनों के लिए सौ लीटर डीजल देने की सीमा तय की है। हालांकि, जरूरत के अनुसार पंप संचालक भी निर्णय ले सकते हैं।
बरेली ट्रक ओनर्स ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शोभित सक्सेना ने बताया कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से अब माल ढुलाई का भाड़ा बढ़ेगा। नई रेट लिस्ट जल्द तय की जाएगी। उप्र ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष रामकृष्ण शुक्ला ने बताया कि ईंधन की कीमत बढ़ने से परिवहन महंगा होगा। विकास कार्य प्रभवित होने की आशंका है। रोजमर्रा के उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
समाज का हर तबका परेशान
पेट्रोल पंप संचालक अमितराज यादव ने बताया कि ईंधन की कीमत बढ़ने की वजह पश्चिम एशिया का युद्ध है। परिवहन महंगा होने से जनता की जेब पर बोझ बढ़ना तय है।
उपभोक्ता मुकेश कुमार ने बताया कि डीजल-पेट्रोल की कीमतों में बढ़त से आम जनता ही सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। आने वाले दिनों में धीरे-धीरे सब महंगा हो जाएगा।
गृहिणी नितिका ने कहा कि फिलहाल जो स्थिति है, उसी में तालमेल बिठाना होगा। दूसरे देशों की स्थिति और खराब है। रोजमर्रा की चीजें महंगी हो तो थाली भी महंगी हो जाएगी।
गृहिणी गार्गी पटेल ने कहा कि पहले ही महिलाएं घर से निकलकर नौकरी के लिए संघर्ष करती है। महंगाई के दौर में जॉब करने के बावजूद बचत करना संभव नहीं दिख रहा।