{"_id":"691b65a024ba0b71b20ca5f3","slug":"people-face-the-problems-bareilly-news-c-121-1-pbt1010-148226-2025-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: अल्ट्रासाउंड के लिए मिलती है तारीख, ओपीडी की लाइन में खाने पड़ रहे धक्के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: अल्ट्रासाउंड के लिए मिलती है तारीख, ओपीडी की लाइन में खाने पड़ रहे धक्के
Mon, 17 Nov 2025 11:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 17 Nov 2025 11:42 PM IST
विज्ञापन
अल्ट्रासाउंड कक्ष पर लगा ताला
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। जिला महिला अस्पताल में जांच और इलाज में गर्भवती और अन्य महिलाओं को हर कदम पर अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड के लिए 20 से 23 दिन बाद की तारीख मिल रही है। ओपीडी की लाइन में धक्कामुक्की का नजारा आम बात है। एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) में भी अव्यवस्थाएं हावी हैं।
स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना सहित जांच और बेहतर इलाज के लिए कई अन्य योजनाएं चला रहा है। विभागीय जिम्मेदारों की अनदेखी से यह योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही दौड़ रही हैं। जिला महिला अस्पताल आने वाली गर्भवती और अन्य महिला मरीजों को इलाज के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक से परामर्श के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। सोमवार सुबह करीब 11:35 बजे अस्पताल में ओपीडी कक्ष के बाहर महिलाओं की लाइन लगी थी। धक्का-मुक्की का नजारा दिखा। हालांकि कुछ महिलाएं कुर्सी पर बैठकर इंतजार करती दिखीं।
एएनसी जांच पैनल में 300 महिलाएं, अल्ट्रासाउंड का इंतजार
जिला महिला अस्पताल के एएनसी जांच पैनल में 300 महिलाएं हैं। इन महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए 20 से 25 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को रेडियोलॉजिस्ट के न होने से अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा रहा। अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची गर्भवती को 20 दिन बात की पांच दिसंबर की तारीख दी। यह भी बताया कि रेडियोलॉजिस्ट सप्ताह में तीन दिन सिर्फ तीन घंटे की सेवा दे पाते हैं।
विज्ञापन
लैब में किट की कमी, बिना जांच लौटीं महिलाएं
महिला अस्पताल आने वाली गर्भवती को जांच के लिए भी परेशान होना पड़ा। अस्पताल की लैब में एसीवी और एचबीएसएजी की किट की कमी से कई महिलाओं को लौटना पड़ा। बताया कि किट तो उपलब्ध हैं लेकिन पर्याप्त संख्या में नहीं हैं।
गर्भवती का तीन बार होता है अल्ट्रासाउंड
किसी भी गर्भवती का तीन बार अल्ट्रासाउंड होना अनिवार्य है। इसमें पहला एक से तीन माह के बीच, दूसरा पांच माह के उपरांत व आठ माह के बाद होता है। जिला अस्पताल में पहली बार के लिए अल्ट्रासाउंड में महिलाओं को बीस दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
एक दिन में होते हैं तीस अल्ट्रासाउंड
जिला महिला अस्पताल में रोजाना लगभग तीस अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। एक अल्ट्रासाउंड में महिला को 15-20 मिनट का समय लगता है। जबकि परामर्श में नियमित चिकित्सक 70 महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच लिख देते हैं, इससे महिलाओं को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
अल्ट्रासाउंड जांच के लिए आना हुआ था, चिकित्सक ने पांच दिसंबर की तारीख दी है। अब 20 दिन बाद होगा।- भानदेवी
बहू को लेकर जिला अस्पताल महिला अस्पताल आना हुआ। परामर्श के बाद जो दवाएं लिखी, उसमें से कुछ अधूरी हैं।- जशोदा देवी
गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड में अधिक समय लगता है, नियमित परामर्श अधिक होने के चलते महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए समय लग रहा है। अन्य जांचें हो रहीं है।- डॉ. राजेश कुमार, अधीक्षक जिला महिला अस्पताल
पूरनपुर। अल्ट्रासाउंड कराने सीएचसी आने वाली गर्भवती महिलाओं को तारीख मिल रही है। इसके लिए महीने में चार तिथियां तय की गई हैं। इन तिथियों में अवकाश होने पर अल्ट्रासाउंड का इंतजार और लंबा हो जाता है। गर्भवती को इधर से उधर भटकना पड़ता है। सोमवार को सीएचसी में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए गए। कई महिलाएं पूर्व में अल्ट्रासाउंड न हो पाने की वजह से दूसरी तारीख पर पहुंची थीं।
क्यूआर कोड आदि न मिलने से सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराने को दो बार वापस लौटना पड़ा। चिकित्सक ने 19 अक्तूबर को अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया था। सोमवार को सीएचसी में बमुश्किल अल्ट्रासाउंड हो सका। -- रामा देवी, गांव पिपरिया जयभद्र पूरनपुर
जांच में चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराने की तिथियां महीने की एक, नौ, 16 और 24 निर्धारित हैं। 16 नवंबर को रविवार का अवकाश था। सोमवार को सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराया है।- रचना देवी, मोहब्बतपुर पूरनपुर
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना सहित जांच और बेहतर इलाज के लिए कई अन्य योजनाएं चला रहा है। विभागीय जिम्मेदारों की अनदेखी से यह योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही दौड़ रही हैं। जिला महिला अस्पताल आने वाली गर्भवती और अन्य महिला मरीजों को इलाज के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक से परामर्श के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। सोमवार सुबह करीब 11:35 बजे अस्पताल में ओपीडी कक्ष के बाहर महिलाओं की लाइन लगी थी। धक्का-मुक्की का नजारा दिखा। हालांकि कुछ महिलाएं कुर्सी पर बैठकर इंतजार करती दिखीं।
विज्ञापन
एएनसी जांच पैनल में 300 महिलाएं, अल्ट्रासाउंड का इंतजार
जिला महिला अस्पताल के एएनसी जांच पैनल में 300 महिलाएं हैं। इन महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए 20 से 25 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को रेडियोलॉजिस्ट के न होने से अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा रहा। अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची गर्भवती को 20 दिन बात की पांच दिसंबर की तारीख दी। यह भी बताया कि रेडियोलॉजिस्ट सप्ताह में तीन दिन सिर्फ तीन घंटे की सेवा दे पाते हैं।
विज्ञापन
लैब में किट की कमी, बिना जांच लौटीं महिलाएं
महिला अस्पताल आने वाली गर्भवती को जांच के लिए भी परेशान होना पड़ा। अस्पताल की लैब में एसीवी और एचबीएसएजी की किट की कमी से कई महिलाओं को लौटना पड़ा। बताया कि किट तो उपलब्ध हैं लेकिन पर्याप्त संख्या में नहीं हैं।
गर्भवती का तीन बार होता है अल्ट्रासाउंड
किसी भी गर्भवती का तीन बार अल्ट्रासाउंड होना अनिवार्य है। इसमें पहला एक से तीन माह के बीच, दूसरा पांच माह के उपरांत व आठ माह के बाद होता है। जिला अस्पताल में पहली बार के लिए अल्ट्रासाउंड में महिलाओं को बीस दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
एक दिन में होते हैं तीस अल्ट्रासाउंड
जिला महिला अस्पताल में रोजाना लगभग तीस अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। एक अल्ट्रासाउंड में महिला को 15-20 मिनट का समय लगता है। जबकि परामर्श में नियमित चिकित्सक 70 महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच लिख देते हैं, इससे महिलाओं को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
अल्ट्रासाउंड जांच के लिए आना हुआ था, चिकित्सक ने पांच दिसंबर की तारीख दी है। अब 20 दिन बाद होगा।- भानदेवी
बहू को लेकर जिला अस्पताल महिला अस्पताल आना हुआ। परामर्श के बाद जो दवाएं लिखी, उसमें से कुछ अधूरी हैं।- जशोदा देवी
गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड में अधिक समय लगता है, नियमित परामर्श अधिक होने के चलते महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए समय लग रहा है। अन्य जांचें हो रहीं है।- डॉ. राजेश कुमार, अधीक्षक जिला महिला अस्पताल
पूरनपुर। अल्ट्रासाउंड कराने सीएचसी आने वाली गर्भवती महिलाओं को तारीख मिल रही है। इसके लिए महीने में चार तिथियां तय की गई हैं। इन तिथियों में अवकाश होने पर अल्ट्रासाउंड का इंतजार और लंबा हो जाता है। गर्भवती को इधर से उधर भटकना पड़ता है। सोमवार को सीएचसी में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए गए। कई महिलाएं पूर्व में अल्ट्रासाउंड न हो पाने की वजह से दूसरी तारीख पर पहुंची थीं।
क्यूआर कोड आदि न मिलने से सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराने को दो बार वापस लौटना पड़ा। चिकित्सक ने 19 अक्तूबर को अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया था। सोमवार को सीएचसी में बमुश्किल अल्ट्रासाउंड हो सका। -- रामा देवी, गांव पिपरिया जयभद्र पूरनपुर
जांच में चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराने की तिथियां महीने की एक, नौ, 16 और 24 निर्धारित हैं। 16 नवंबर को रविवार का अवकाश था। सोमवार को सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराया है।- रचना देवी, मोहब्बतपुर पूरनपुर
भानदेवी- फोटो : 1
भानदेवी- फोटो : 1
भानदेवी- फोटो : 1