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पुलिस की कड़ी मोर्चाबंदी से किसान आंदोलन ठंडा
सार
दिल्ली हाईवे पर 15 मिनट जाम, बाकी जगह बस अफसरों से ‘दुआ-सलाम’
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बरेली जंक्शन पर चेकिंग करती जीआरपी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विस्तार
किसान संगठनों ने देश भर में आंदोलन करने का किया था एलान
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जिले में ज्यादातर जगह सांकेतिक प्रदर्शन, ज्ञापन देकर लौटे किसान
बरेली। पुलिस और प्रशासन की कड़ी मोर्चाबंदी के कारण कृषि बिल के खिलाफ किसानों का आंदोलन जिले के कुछ ही हिस्सों में सिमटकर रह गया। किसानों ने जिले भर के हाईवे जाम कर धरना देने का एलान किया था लेकिन मीरगंज के सिंधौली चौराहे पर सिर्फ दिल्ली हाईवे पर बमुश्किल 15 मिनट धरना देकर जाम लगा पाए। बाकी जगह विरोध औपचारिकता के दायरे से बाहर नहीं निकल पाया। दोपहर बाद जब जिले के सारे कस्बों से हालात सामान्य होने की रिपोर्ट आई तो अफसरों ने राहत की सांस ली।
किसान संगठनों का सभी तहसीलों में विरोध प्रदर्शन के साथ हाईवे जाम करने का आह्वान जिले में कोई खास असर नहीं दिखा सका। शुक्रवार को किसानों की सर्वाधिक भीड़ मीरगंज में सिंधौली चौराहे पर इकट्ठी हुई। अफसरों की मौजूदगी के बीच किसानों ने यहां धरना देकर करीब 15 मिनट हाईवे जाम किया। इसके बाद ज्ञापन देकर धरना खत्म कर दिया गया। जाम में जो वाहन फंसे, उन्हें धरना खत्म होते ही फोर्स लगाकर निकलवा दिया गया।
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नवाबगंज में पीलीभीत हाईवे पर भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने जाम लगाने की कोशिश की लेकिन भारी फोर्स तैनात होने की वजह से कामयाब नहीं बो सके। एसडीएम ने ज्ञापन लेकर उन्हें लौटा दिया। बहेड़ी में नदेली रोड पर किसानों ने जाम लगाने के लिए ट्रैक्टर ट्राली खड़ी कर दी लेकिन यहां मौजूद अफसरों ने उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी तो ज्ञापन देकर रास्ता खोल दिया।
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आंवला में भी रामनगर रोड पर भूतेश्वर मंदिर के पास जाम लगाने की कोशिश की गई लेकिन अफसरों ने किसानों को सड़क पर ही नहीं आने दिया। ज्ञापन लेकर उन्हें हटा दिया गया। फरीदपुर में भाकियू के एक गुट ने ब्लॉक परिसर और दूसरे गुट ने किसान इंटर कॉलेज में बैठक कर सरकार की नीतियों को कोसा। दोनों जगह पहुंचे सीओ आलोक अग्रहरि ने ज्ञापन ले लिया। किसानों को सड़क पर आने का मौका ही नहीं मिला।
किसान आंदोलन की वजह से पुलिस-प्रशासन पूरे जिले में अलर्ट था। पूरे जिले में कहीं भी जाम लगने या किसानों से विवाद की सूचना नहीं है। मीरगंज में हाईवे पर विरोध भी सांकेतिक रहा। बाकी जगह ज्ञापन देकर किसान शांतिपूर्ण ढंग से लौट गए। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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जिले में ज्यादातर जगह सांकेतिक प्रदर्शन, ज्ञापन देकर लौटे किसान बरेली। पुलिस और प्रशासन की कड़ी मोर्चाबंदी के कारण कृषि बिल के खिलाफ किसानों का आंदोलन जिले के कुछ ही हिस्सों में सिमटकर रह गया। किसानों ने जिले भर के हाईवे जाम कर धरना देने का एलान किया था लेकिन मीरगंज के सिंधौली चौराहे पर सिर्फ दिल्ली हाईवे पर बमुश्किल 15 मिनट धरना देकर जाम लगा पाए। बाकी जगह विरोध औपचारिकता के दायरे से बाहर नहीं निकल पाया। दोपहर बाद जब जिले के सारे कस्बों से हालात सामान्य होने की रिपोर्ट आई तो अफसरों ने राहत की सांस ली।
किसान संगठनों का सभी तहसीलों में विरोध प्रदर्शन के साथ हाईवे जाम करने का आह्वान जिले में कोई खास असर नहीं दिखा सका। शुक्रवार को किसानों की सर्वाधिक भीड़ मीरगंज में सिंधौली चौराहे पर इकट्ठी हुई। अफसरों की मौजूदगी के बीच किसानों ने यहां धरना देकर करीब 15 मिनट हाईवे जाम किया। इसके बाद ज्ञापन देकर धरना खत्म कर दिया गया। जाम में जो वाहन फंसे, उन्हें धरना खत्म होते ही फोर्स लगाकर निकलवा दिया गया।
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नवाबगंज में पीलीभीत हाईवे पर भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने जाम लगाने की कोशिश की लेकिन भारी फोर्स तैनात होने की वजह से कामयाब नहीं बो सके। एसडीएम ने ज्ञापन लेकर उन्हें लौटा दिया। बहेड़ी में नदेली रोड पर किसानों ने जाम लगाने के लिए ट्रैक्टर ट्राली खड़ी कर दी लेकिन यहां मौजूद अफसरों ने उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी तो ज्ञापन देकर रास्ता खोल दिया।
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आंवला में भी रामनगर रोड पर भूतेश्वर मंदिर के पास जाम लगाने की कोशिश की गई लेकिन अफसरों ने किसानों को सड़क पर ही नहीं आने दिया। ज्ञापन लेकर उन्हें हटा दिया गया। फरीदपुर में भाकियू के एक गुट ने ब्लॉक परिसर और दूसरे गुट ने किसान इंटर कॉलेज में बैठक कर सरकार की नीतियों को कोसा। दोनों जगह पहुंचे सीओ आलोक अग्रहरि ने ज्ञापन ले लिया। किसानों को सड़क पर आने का मौका ही नहीं मिला।
किसान आंदोलन की वजह से पुलिस-प्रशासन पूरे जिले में अलर्ट था। पूरे जिले में कहीं भी जाम लगने या किसानों से विवाद की सूचना नहीं है। मीरगंज में हाईवे पर विरोध भी सांकेतिक रहा। बाकी जगह ज्ञापन देकर किसान शांतिपूर्ण ढंग से लौट गए। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी