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Bareilly News: शहर का हिस्सा, फिर भी गांव जैसी समस्याओं से तंग बिधौलिया
Thu, 08 Feb 2024 03:30 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 08 Feb 2024 03:30 AM IST
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बरेली। नगर निगम के वार्ड संख्या 73 बिधौलिया मेंं सड़कों की हालत गांव से भी ज्यादा खराब है। कई रास्ते कच्चे हैं। चालीस हजार से अधिक लोग परेशान हो रहे हैं। मिनी बाइपास से सनौआ रोड मुख्य मार्ग है, जो आठ महीने पहले लोक निर्माण विभाग ने बनाया था। जिसका एक हिस्सा धंस गया। सड़क के धंसे हुए हिस्से में हादसे का खतरा बरकरार है, लेकिन जिम्मेदार अभियंता ने ध्यान नहीं दिया।
पार्षद गुलबशर ने जेई को फोन करके समस्या के समाधान कराने के लिए कहा, लेकिन जेई ने सड़क ठीक नहीं कराई। नगर निगम के खस्ताहाल मार्गों पर पार्षद ने अपने खर्चे पर मिट्टी डलवाई तब आवागमन कुछ हद तक सुचारू हो सका। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता शादाब का कहना है कि सड़क जहां धंसी और टूटी है, उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। ठेकेदार का भुगतान रोका गया है। ताकि सड़क ठीक कराई जाए।
क्या कहते हैं लोग
बिधौलिया वार्ड के गोविंदपुर निवासी मुख्तैयार का कहना है कि 10-12 साल हो गए। उनके मोहल्ले में न नई सड़कें बनीं न ही टूटी फूटी सड़कों की मरम्मत हुई। पार्षद से आठ हजार रुपये खर्च किए तब चलने लायक सड़क बन सकी।
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बिधौलिया निवासी मुन्ने अंसारी ने कहा कि गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गईं। अभी तक ठीक नहीं हुईं। ठीक कराने की जिनकी जिम्मेदारी थी वे चुप रहे।
बड़ाबाग निवासी मोहम्मद बाबू का कहना है कि एक ऐसे पार्षद रहे, जिनका प्लाटिंग का कारोबार था। उन्होंने सड़कें वहीं बनवाईं, जहां पर पार्षद को भूखंड बेचने थे।
पार्षद गुलबशर ने बताया कि नगर निगम में उनका क्षेत्र शामिल हुए 35 साल से ज्यादा हो गए, लेकिन हालात अभी तक गांव जैसे हैं। उनकी जिम्मेदारी मुद्दे उठानी की है तो वह तो उठा रहे हैं पर आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता।
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पार्षद गुलबशर ने जेई को फोन करके समस्या के समाधान कराने के लिए कहा, लेकिन जेई ने सड़क ठीक नहीं कराई। नगर निगम के खस्ताहाल मार्गों पर पार्षद ने अपने खर्चे पर मिट्टी डलवाई तब आवागमन कुछ हद तक सुचारू हो सका। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता शादाब का कहना है कि सड़क जहां धंसी और टूटी है, उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। ठेकेदार का भुगतान रोका गया है। ताकि सड़क ठीक कराई जाए।
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क्या कहते हैं लोग
बिधौलिया वार्ड के गोविंदपुर निवासी मुख्तैयार का कहना है कि 10-12 साल हो गए। उनके मोहल्ले में न नई सड़कें बनीं न ही टूटी फूटी सड़कों की मरम्मत हुई। पार्षद से आठ हजार रुपये खर्च किए तब चलने लायक सड़क बन सकी।
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बिधौलिया निवासी मुन्ने अंसारी ने कहा कि गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गईं। अभी तक ठीक नहीं हुईं। ठीक कराने की जिनकी जिम्मेदारी थी वे चुप रहे।
बड़ाबाग निवासी मोहम्मद बाबू का कहना है कि एक ऐसे पार्षद रहे, जिनका प्लाटिंग का कारोबार था। उन्होंने सड़कें वहीं बनवाईं, जहां पर पार्षद को भूखंड बेचने थे।
पार्षद गुलबशर ने बताया कि नगर निगम में उनका क्षेत्र शामिल हुए 35 साल से ज्यादा हो गए, लेकिन हालात अभी तक गांव जैसे हैं। उनकी जिम्मेदारी मुद्दे उठानी की है तो वह तो उठा रहे हैं पर आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता।