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एक तिहाई बजट में खेल कागजों में ही होंगे
बरेली।
Updated Thu, 03 Mar 2016 01:25 AM IST
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जिला विकास योजना 2015-16 मजाक बनकर रह गई है। इस योजना के तहत युवा कल्याण विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए ब्लाक और जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने के लिए मात्र 10 लाख के प्रोजेक्ट शामिल किए थे। ये प्रोजेक्ट स्वीकृत भी हो गए लेकिन शासन से बजट मिला मात्र 3.70 लाख रुपये। इसमें 15 ब्लाकों में वॉलीबाल, फुटबाल, सौ, दो सौ, पांच सौ मीटर लंबी दौड़, ऊंची कूद, चक्का फेंक, गोला फेंक प्रतियोगिताएं कराने के लिए 15-15 हजार रुपये खर्च दिखाकर खानापूरी हो गई। जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं अब तक हुई नहीं हैं। 31 मार्च से पहले किसी तरह चंद खिलाड़ियों को प्रतियोगिता कराने के नाम पर बुलाकर ये बजट भी ठिकाने लगाने की तैयारी है।
युवा कल्याण विभाग हर साल ब्लाकों में 16 से 35 साल के खिलाड़ियों की वॉलीबाल, कबड्डी, दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, फुटबाल आदि की प्रतियोगिताएं कराता है। कागजी खानापूरी में प्रत्येक ब्लाक में होने वाली इन प्रतियोगिताओं में 150 खिलाड़ी शामिल किए जाते हैं। इनको स्पोर्ट्स ड्रेस, शूज, खाना, नाश्ता से लेकर तमाम सुविधाएं दिए जाने का प्रावधान है। जिला योजना में इसी हिसाब से प्रति ब्लाक खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने के लिए 1.5 लाख का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। बजट कम मिलने पर एक ब्लाक में डेढ़ सौ खिलाड़ियों की प्रतियोगिताएं कराने के लिए मात्र 15 हजार रुपये ही हिस्से में आए। हैरानी की बात ये कि मात्र दो क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों ऋषिपाल सिंह और सत्येंद्र सिंह ने कागजों में सभी ब्लाकों में खेलकूद प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक करा दीं। अभी इनकी डिटेल विभाग में नहीं आई है लेकिन फाइलों में ये प्रतियोगिताएं संपन्न हो चुकी हैं। अब इन प्रतियोगिताएं से निकले 225 खिलाड़ियों की जिला स्तरीय प्रतियोगिता होनी है जिसकी तारीख अभी तय नहीं है। इस प्रतियोगिता पर 1.45 रुपये खर्च होंगे।
‘ब्लाक और जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने के लिए जिला योजना में 10 लाख के प्रोजेक्ट बनाकर भेजे थे। शासन से बजट कम मिला। जितना बजट मिला, उसी में प्रतियोगिताएं कराई गईं। जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता होनी अभी बाकी है। ये 31 मार्च से पहले करा ली जाएगी।’
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विवेक श्रीवास्तव, जिला युवा कल्याण अधिकारी
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युवा कल्याण विभाग हर साल ब्लाकों में 16 से 35 साल के खिलाड़ियों की वॉलीबाल, कबड्डी, दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, फुटबाल आदि की प्रतियोगिताएं कराता है। कागजी खानापूरी में प्रत्येक ब्लाक में होने वाली इन प्रतियोगिताओं में 150 खिलाड़ी शामिल किए जाते हैं। इनको स्पोर्ट्स ड्रेस, शूज, खाना, नाश्ता से लेकर तमाम सुविधाएं दिए जाने का प्रावधान है। जिला योजना में इसी हिसाब से प्रति ब्लाक खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने के लिए 1.5 लाख का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। बजट कम मिलने पर एक ब्लाक में डेढ़ सौ खिलाड़ियों की प्रतियोगिताएं कराने के लिए मात्र 15 हजार रुपये ही हिस्से में आए। हैरानी की बात ये कि मात्र दो क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों ऋषिपाल सिंह और सत्येंद्र सिंह ने कागजों में सभी ब्लाकों में खेलकूद प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक करा दीं। अभी इनकी डिटेल विभाग में नहीं आई है लेकिन फाइलों में ये प्रतियोगिताएं संपन्न हो चुकी हैं। अब इन प्रतियोगिताएं से निकले 225 खिलाड़ियों की जिला स्तरीय प्रतियोगिता होनी है जिसकी तारीख अभी तय नहीं है। इस प्रतियोगिता पर 1.45 रुपये खर्च होंगे।
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‘ब्लाक और जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने के लिए जिला योजना में 10 लाख के प्रोजेक्ट बनाकर भेजे थे। शासन से बजट कम मिला। जितना बजट मिला, उसी में प्रतियोगिताएं कराई गईं। जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता होनी अभी बाकी है। ये 31 मार्च से पहले करा ली जाएगी।’
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विवेक श्रीवास्तव, जिला युवा कल्याण अधिकारी