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टीबी की दहशत, घरवाले शव छोड़कर भाग गए
बरेली
Updated Mon, 11 Jan 2016 01:54 AM IST
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बरेली। टीबी को लेकर अब भी गांवों में भ्रांतियां हैं। लोग इसे संक्रमित और कभी ठीक नहीं होने वाली बीमारी मानते हैं। यही कारण है कि जिला अस्पताल में भर्ती टीबी मरीज की मौत होने के बाद घर वाले शव छोड़कर भाग गए। अस्पताल प्रशासन ने कुछ देर इंतजार किया उसके बाद शव को मोरचरी में रखवा दिया गया। करीब 20 घंटे तक लाश वहीं पड़ रही। हालांकि मामला पुलिस तक पहुंचने पर दूसरे दिन घर वाले लाश उठा ले गए।
फतेहगंज पूर्वी के काराखास गांव के रहने वाले 43 साल के ओमप्रकाश को परिवार के लोग आठ जनवरी को जिला अस्पताल लेकर आए थे। जांच कराई गई तो मल्टी ड्रग रजिसटेंट (एडीआर) टीबी यानी खतरनाक स्टेज पाई गई। उसे एमडीआर वार्ड में भर्ती कर दिया गया। रात में मरीज को अकेेले छोड़कर घर वाले चले गए। अस्पताल स्टाफ के मुताबिक तब से एक-दो बार भी उसका हालचाल लेने आए। शनिवार रात 10 बजकर सात मिनट पर ओमप्रकाश की मौत हो गई। इसकी खबर मिली तो परिवार के सदस्य चले गए। सूचना के बाद भी उन्होंने आना मुनासिब नहीं समझा। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी और शव को मोरचरी में रखवा दिया गया। प्रभारी सीएमएस डॉ. डीपी शर्मा ने सोमवार तक का समय देकर कहा कि इसके बाद पुलिस को सुपुर्द कर अंत्येष्टि करवा दी जाएगी। इसकी भनक लगते ही रविवार शाम छह बजे परिवार वाले जिला अस्पताल पहुंच गए और शव को अपने साथ ले गए।
क्या है एमडीआर
एमडीआर टीबी की दूसरी स्टेज और खतरनाक बीमारी है। मरीज अगर एमडीआर से पीड़ित है तो उसका एक साल तक सरकारी अस्पताल में लगातार इलाज चलता है। यह बीमारी ठीक हो सकती है, केवल मरीज इलाज न छोड़े तो। सरकारी अस्पताल में इसका इलाज मुफ्त है जबकि प्राइवेट अस्पतालों में एक साल का खर्च एक लाख रुपये से अधिक है।
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आसानी से ठीक हो सकती है बीमारी
टीबी अब खतरनाक बीमारी नहीं है। यह ठीक हो सकती है, बस मरीज को इलाज पूरी तरह से करना होगा। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके धस्माना के अनुसार टीबी के बैक्टीरिया अधिकतर लोगाें के अंदर होते हैं, अगर जरा सी भी लापरवाही की तो ये हावी हो जाते हैं। अगर दो सप्ताह तक खांसी आए तो बलगम की जांच कराएं। टीबी का पता चलने पर लगातार एक साल तक डाट्स इलाज चलेगा। इसमें एक दिन छोड़कर अस्पताल में आकर टीबी की दवा खानी होती है। इलाज पूरी तरह मुफ्त है। यह बीमारी इस दवा से 100 फीसदी ठीक हो सकती है, लेकिन दवा नहीं छोड़नी चाहिए। अगर टीबी का इलाज छोड़ा तो एमडीआर यानी खतरनाक टीबी हो सकती है। टीबी खांसने से फैलता है, इसलिए हमेशा मुंह में हाथ रखें।
टीबी के लक्षण
-दो सप्ताह तक लगातार खांसी आना
-सुबह और शाम को बुखार आना
-अचानक वजन कम हो जाना
-बलगम के साथ कभी-कभी खून आना
-भूख कम लगना, कमजोरी आना
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फतेहगंज पूर्वी के काराखास गांव के रहने वाले 43 साल के ओमप्रकाश को परिवार के लोग आठ जनवरी को जिला अस्पताल लेकर आए थे। जांच कराई गई तो मल्टी ड्रग रजिसटेंट (एडीआर) टीबी यानी खतरनाक स्टेज पाई गई। उसे एमडीआर वार्ड में भर्ती कर दिया गया। रात में मरीज को अकेेले छोड़कर घर वाले चले गए। अस्पताल स्टाफ के मुताबिक तब से एक-दो बार भी उसका हालचाल लेने आए। शनिवार रात 10 बजकर सात मिनट पर ओमप्रकाश की मौत हो गई। इसकी खबर मिली तो परिवार के सदस्य चले गए। सूचना के बाद भी उन्होंने आना मुनासिब नहीं समझा। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी और शव को मोरचरी में रखवा दिया गया। प्रभारी सीएमएस डॉ. डीपी शर्मा ने सोमवार तक का समय देकर कहा कि इसके बाद पुलिस को सुपुर्द कर अंत्येष्टि करवा दी जाएगी। इसकी भनक लगते ही रविवार शाम छह बजे परिवार वाले जिला अस्पताल पहुंच गए और शव को अपने साथ ले गए।
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क्या है एमडीआर
एमडीआर टीबी की दूसरी स्टेज और खतरनाक बीमारी है। मरीज अगर एमडीआर से पीड़ित है तो उसका एक साल तक सरकारी अस्पताल में लगातार इलाज चलता है। यह बीमारी ठीक हो सकती है, केवल मरीज इलाज न छोड़े तो। सरकारी अस्पताल में इसका इलाज मुफ्त है जबकि प्राइवेट अस्पतालों में एक साल का खर्च एक लाख रुपये से अधिक है।
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आसानी से ठीक हो सकती है बीमारी
टीबी अब खतरनाक बीमारी नहीं है। यह ठीक हो सकती है, बस मरीज को इलाज पूरी तरह से करना होगा। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके धस्माना के अनुसार टीबी के बैक्टीरिया अधिकतर लोगाें के अंदर होते हैं, अगर जरा सी भी लापरवाही की तो ये हावी हो जाते हैं। अगर दो सप्ताह तक खांसी आए तो बलगम की जांच कराएं। टीबी का पता चलने पर लगातार एक साल तक डाट्स इलाज चलेगा। इसमें एक दिन छोड़कर अस्पताल में आकर टीबी की दवा खानी होती है। इलाज पूरी तरह मुफ्त है। यह बीमारी इस दवा से 100 फीसदी ठीक हो सकती है, लेकिन दवा नहीं छोड़नी चाहिए। अगर टीबी का इलाज छोड़ा तो एमडीआर यानी खतरनाक टीबी हो सकती है। टीबी खांसने से फैलता है, इसलिए हमेशा मुंह में हाथ रखें।
टीबी के लक्षण
-दो सप्ताह तक लगातार खांसी आना
-सुबह और शाम को बुखार आना
-अचानक वजन कम हो जाना
-बलगम के साथ कभी-कभी खून आना
-भूख कम लगना, कमजोरी आना