Bareilly News: शत्रु संपत्ति पर दे दिया मालिकाना हक, बिकती रही जमीन, बेखबर रहे अफसर; अब बन गया अस्पताल
बरेली में शत्रु संपत्ति में खेल किया गया। यह संपत्ति कई बार बेची गई और अब अस्पताल बन गया है। इसकी शिकायत की तो जांच में पूरा मामला खुला।
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बरेली के शाहदाना क्षेत्र में स्थित शत्रु संपत्ति का नाम अभिलेखों में खारिज कर अन्य व्यक्ति को मालिकाना हक दे दिया गया। इसके बाद यह संपत्ति कई बार बिकती रही। अब उस पर अस्पताल बन गया है। वर्तमान में भी इस अस्पताल के दूसरे तल पर निर्माण चल रहा है। इसकी पुष्टि तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने की है। तहसीलदार सदर ने भी शत्रु संपत्ति पर अस्पताल बनने की पुष्टि की है। अभी इस मामले में कार्रवाई शून्य है।
दरअसल, शाहदाना हॉस्पिटल के विरुद्ध हजियापुर के शोएब मलिक ने जुलाई 2025 में शिकायत की थी। डीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। कमेटी की जांच और तहसीलदार सदर की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि शाहदाना हॉस्पिटल गाटा-224 और 226 की 0.0195 हेक्टेयर (194.81 वर्गमीटर) जमीन पर बना है, जो शत्रु संपत्ति के रूप में अभिलेखों में दर्ज है।
हॉस्पिटल संचालक ने जांच टीम को जमीन के दो बैनामे भी दिखाए। इसमें एक बैनामा हॉस्पिटल संचालक रजपुरा माफी निवासी हसरत अली और दूसरा उनकी पत्नी अकीला के नाम है। बैनामों के मुताबिक, हसरत अली ने गढ़ी रफियाबाद निवासी अशरफ खां और उसके बेटों अजमल व अरमान से जमीन खरीदी है।
ये हैं अहम सवाल
तत्कालीन एडीएम ने राजस्व अभिलेख में शत्रु संपत्ति का नाम खारिज कर अतहर हुसैन का नाम किस आधार पर दर्ज किया?
जब खतौनी पर अशरफ खां और उनके दोनों बेटों अजमल व अरमान के नाम ही नहीं हैं तो उन्होंने शत्रु संपत्ति को शाहदाना हॉस्पिटल के संचालक और उसकी पत्नी के हाथ बेचा कैसे?
एडीएम ने अतहर हुसैन को दिया था मालिकाना हक
बताया जा रहा है कि यह शत्रु संपत्ति खतौनी फसली वर्ष 1425-30 में पाकिस्तान निवासी मोहम्मद उल्ला खां के छह बेटों के नाम दर्ज है। फिर 16 अप्रैल 1984 और 17 अप्रैल 1987 को इंचार्ज शत्रु संपत्ति ने राजस्व अभिलेखों में इन छह लोगों के नाम खारिज कर जमीन शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज करने का आदेश जारी किया था।
वर्ष 2000 में एडीएम के यहां से राजस्व अभिलेख में शत्रु संपत्ति का नाम खारिज कर अतहर हुसैन का नाम दर्ज करने का आदेश जारी हुआ था। हालांकि, एडीएम के इस आदेश को 24 साल बाद 28 मई 2025 को मंडलायुक्त ने निरस्त किया है। अब राजस्व अभिलेख में जमीन फिर शत्रु संपत्ति के नाम से दर्ज हो गई है।
एसीएम-द्वितीय/जांच अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि शाहदाना हॉस्पिटल शत्रु संपत्ति पर बना है। इसकी पुष्टि तहसीलदार सदर ने की है। अब कार्रवाई के लिए रिपोर्ट प्रभारी अधिकारी को भेज दी है।
एडीएम सिटी/प्रभारी अधिकारी शत्रु संपत्ति सौरभ दुबे ने बताया कि जांच रिपोर्ट अभी देखी नहीं है। हॉस्पिटल शत्रु संपत्ति पर बना है तो उसे नोटिस देंगे। शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय लखनऊ को जानकारी देकर अन्य कार्रवाई की जाएगी।