{"_id":"5dd81dff8ebc3e549c3371fb","slug":"others-in-pilibhit-bareilly-news-bly385112012","type":"story","status":"publish","title_hn":"टाइगर रिजर्व में एक दिसंबर से होगी बाघों की गणना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टाइगर रिजर्व में एक दिसंबर से होगी बाघों की गणना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत/लखीमपुर खीरी। टाइगर रिजर्व में वर्ष 2018 में बाघों की न्यूनतम संख्या के अनुमानीकरण (टाइगर एस्टीमेशन) की पुष्टि के लिए चौथे चरण की गणना का काम एक दिसंबर से शुरू होगा। दुधवा टाइगर रिजर्व में शुक्रवार को अधिकारियों की हुई बैठक में गणना की तिथि तय करने के अलावा कई अन्य मुद्दों पर भी मंथन किया गया। फिलहाल टाइगर रिजर्व की सभी पांच रेंजों में 378 स्थानों पर 676 कैमरे लगाकर गणना की तैयारी शुरू की जा चुकी है।
गत वर्ष पूरे देश के सभी 51 टाइगर रिजर्व वन क्षेत्रों में बाघों की गणना एक साथ हुई थी। तीन चरणों में हुई गणना का गत माह ही परिणाम घोषित किया गया। वर्ष 2018 में हुई गणना के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अधिकारी यहां 65 से अधिक बाघ होने का दावा कर रहे हैं, जबकि दुधवा में सौ से अधिक का दावा है। दोनों टाइगर रिजर्व में इस बार कई बाघिनों को शावकों के साथ देखे जाने से बाघों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब भारतीय वन्यजीव संस्थान की देखरेख में चौथे चरण में स्थानीय स्तर पर टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना की तैयारी शुरू की गई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के साथ ही दुधवा टाइगर रिजर्व में पाए जाने वाले बाघों की भी गणना इसी के साथ होनी है। इसको लेकर कैमरे तैयार करने के साथ ही सभी रेंजों में कैमरा लगाने के स्थान को चिह्नित कर लिए गए हैं। पहले ये कैमरे बाघों के मूवमेंट वाले स्थानों पर लगेंगे और फिर निर्धारित समय तक लगे रहने के बाद दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे।
विज्ञापन
टाइगर एस्टीमेशन कार्य में तीन माह का समय लगेगा, 31 मार्च को बाघ गणना का काम समाप्त होगा। दुधवा में हुई बैठक में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एफडी राजामोहन, डीएफओ नवीन खंडेलवाल, डीडी दुधवा मनोज सोनकर, डीएफओ साउथ खीरी समीर कुमार आदि थे।
अप्रैल के अंत में पता चलेगी सही संख्या
गणना के दौरान जंगलों में लगे कैमरों में कैद होने वाले बाघों की तस्वीर देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजी जाएगी। वहां छानबीन के बाद कैमरों में ट्रैप हुई बाघों की न्यूनतम सही संख्या का परिणाम अप्रैल माह के अंत तक सामने आ पाएगा।
चौथे चरण की बाघ गणना में पांच रेंजों में 378 स्थानों पर 676 कैमरे लगाए जाएंगे। दुधवा टाइगर रिजर्व में गणना की तिथि आदि तय करने को लेकर बैठक हुई है। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
गत वर्ष पूरे देश के सभी 51 टाइगर रिजर्व वन क्षेत्रों में बाघों की गणना एक साथ हुई थी। तीन चरणों में हुई गणना का गत माह ही परिणाम घोषित किया गया। वर्ष 2018 में हुई गणना के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अधिकारी यहां 65 से अधिक बाघ होने का दावा कर रहे हैं, जबकि दुधवा में सौ से अधिक का दावा है। दोनों टाइगर रिजर्व में इस बार कई बाघिनों को शावकों के साथ देखे जाने से बाघों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन
अब भारतीय वन्यजीव संस्थान की देखरेख में चौथे चरण में स्थानीय स्तर पर टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना की तैयारी शुरू की गई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के साथ ही दुधवा टाइगर रिजर्व में पाए जाने वाले बाघों की भी गणना इसी के साथ होनी है। इसको लेकर कैमरे तैयार करने के साथ ही सभी रेंजों में कैमरा लगाने के स्थान को चिह्नित कर लिए गए हैं। पहले ये कैमरे बाघों के मूवमेंट वाले स्थानों पर लगेंगे और फिर निर्धारित समय तक लगे रहने के बाद दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे।
विज्ञापन
टाइगर एस्टीमेशन कार्य में तीन माह का समय लगेगा, 31 मार्च को बाघ गणना का काम समाप्त होगा। दुधवा में हुई बैठक में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एफडी राजामोहन, डीएफओ नवीन खंडेलवाल, डीडी दुधवा मनोज सोनकर, डीएफओ साउथ खीरी समीर कुमार आदि थे।
अप्रैल के अंत में पता चलेगी सही संख्या
गणना के दौरान जंगलों में लगे कैमरों में कैद होने वाले बाघों की तस्वीर देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजी जाएगी। वहां छानबीन के बाद कैमरों में ट्रैप हुई बाघों की न्यूनतम सही संख्या का परिणाम अप्रैल माह के अंत तक सामने आ पाएगा।
चौथे चरण की बाघ गणना में पांच रेंजों में 378 स्थानों पर 676 कैमरे लगाए जाएंगे। दुधवा टाइगर रिजर्व में गणना की तिथि आदि तय करने को लेकर बैठक हुई है। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व