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मस्जिद में ताला खुलवाने की दो तरफा कोशिश
बरेली
Updated Thu, 18 Jun 2015 01:54 AM IST
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कुतबखाना मस्जिद का ताला खुलवाने की कोशिश फिर शुरू हो गई है। दोनों पक्ष रमजान से पहले नमाज शुरू कराने की मंशा लेकर अफसरों से मिले और सुलह की बात की।
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बरेलवी मसलक के प्रतिनिधिमंडल ने मौलाना तसलीम रजा खां कादरी की अगुवाई में कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि पवित्र माह रमजान में मस्जिद के अंदर नमाज न होना अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अंजुमन इस्लामियां की ओर से नियुक्त इमाम से नमाज पढ़ाने की अनुमति देनी चाहिए। प्रशासन कानून को ध्यान में रखकर मामले का समाधान जल्द कराए। कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन इस समस्या का समधान कराने के लिए प्रयासरत है। प्रतिनिधिमंडल में काजी उवैस एडवोकेट, डॉ. नफीस खां, नुसरत खां, तसव्वर हुसैन, खलील कादरी, कुरबान अली, हाजी मलिक आदि थे।
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उधर, कुतबखाना मस्जिद में रमजान से नमाज पढ़ने की मांग करते हुए देवबंदी मसलक के लोग डीएम से मिले। उन्होंने जिला जमीयतुल उलमा हिंद के अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी की ओर से ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि मस्जिद उनके हवाले की जाए। ज्ञापन में कहा है कि आसपास के इलाके में सुन्नी हनफी (देवबंदी) की केवल एक छोटी मस्जिद कुतबखाना है, जबकि उसी इलाके में लगभग पांच सौ मीटर के दायरे में सुन्नी हनफी बरेलवियों की कम से कम 20-25 मस्जिदें हैं। उनकी किसी भी मस्जिद में देवबंदियों और वहाबियों को नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं है। वहीं हमारी मस्जिद में कोई भी मुसलमान चाहे वह किसी भी मसलक का हो आजादी से नमाज पढ़ सकता है। ज्ञापन देने वालों में मुफ्ती मोहम्मद मियां सहित हाफिज मोहम्मद आसिफ, नदीमुल हसन, मोहम्मद मुजाहिद, एम आकिल आदि थे।
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