{"_id":"5dbb92598ebc3e01451c37de","slug":"other-bareilly-news-bly3822058199","type":"story","status":"publish","title_hn":"सितारगंज हाईवे की जद में आया गुरुद्वारा बुड्डा साहिब, कलक्ट्रेट पहुंचे सिख समाज के लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सितारगंज हाईवे की जद में आया गुरुद्वारा बुड्डा साहिब, कलक्ट्रेट पहुंचे सिख समाज के लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बहेड़ी में सिखों का प्रमुख गुरुद्वारा बुड्डा साहिब सितारगंज मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। बृहस्पतिवार को भारी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचे सिख समाज के लोगों ने जिला प्रशासन के अफसरों के सामने आरोप लगाया कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में नक्शे में हाईवे को टेढ़ा कर दिया गया है, इस वजह से अब गुरुद्वारा हाईवे की जद में आ रहा है। उन्होंने नक्शे में हाईवे को सीधा कराकर गुरुद्वारे को बचाने की मांग की।
बहेड़ी के गांव उत्तमनगर स्थित बुड्डा साहिब के गुरुद्वारे की सिख समाज में काफी मान्यता है। बताया जाता है कि बंटवारे के बाद यहां पाकिस्तान से लाए गए हस्तलिखित गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना की गई है। मगर अब यह गुरुद्वारा बरेली से पीलीभीत होकर सितारगंज तक जाने वाले एनएच-74 के चौड़ीकरण में फंस गया है। कलक्ट्रेट पहुंचे सिख समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि पूर्व में गुरुद्वारे से जुड़े रहे कुछ लोगों ने मिलीभगत करके हाईवे का नक्शा टेढ़ा करा दिया है, जिसकी वजह से गुरुद्वारा इसके दायरे में आ गया है। उन लोगों का कहना है कि पूर्व में एसडीएम बहेड़ी की जांच में यह बात सामने भी आई है कि यह हाईवे पहले सीधा था। मगर सांठगांठ कर मुआवजे का लाभ पाने के लिए कुछ लोगों ने इस हाईवे को टेढ़ा करा दिया। उन्होंने कहा कि अगर यह हाईवे पुराने नक्शे के मुताबिक सीधा बनाया जाएगा तो गुरुद्वारा इसकी चपेट में आने से बच सकता है। इसके अलावा पास ही कुछ लोगों की जमीन भी पड़ी है, जरूरत पड़ेगी तो गुरुद्वारा बचाने के लिए वे लोग अपनी जमीनें भी देने को तैयार हैं। एसएलएओ ने सिख समाज के लोगों की बात सुनकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
बहेड़ी के गांव उत्तमनगर स्थित बुड्डा साहिब के गुरुद्वारे की सिख समाज में काफी मान्यता है। बताया जाता है कि बंटवारे के बाद यहां पाकिस्तान से लाए गए हस्तलिखित गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना की गई है। मगर अब यह गुरुद्वारा बरेली से पीलीभीत होकर सितारगंज तक जाने वाले एनएच-74 के चौड़ीकरण में फंस गया है। कलक्ट्रेट पहुंचे सिख समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि पूर्व में गुरुद्वारे से जुड़े रहे कुछ लोगों ने मिलीभगत करके हाईवे का नक्शा टेढ़ा करा दिया है, जिसकी वजह से गुरुद्वारा इसके दायरे में आ गया है। उन लोगों का कहना है कि पूर्व में एसडीएम बहेड़ी की जांच में यह बात सामने भी आई है कि यह हाईवे पहले सीधा था। मगर सांठगांठ कर मुआवजे का लाभ पाने के लिए कुछ लोगों ने इस हाईवे को टेढ़ा करा दिया। उन्होंने कहा कि अगर यह हाईवे पुराने नक्शे के मुताबिक सीधा बनाया जाएगा तो गुरुद्वारा इसकी चपेट में आने से बच सकता है। इसके अलावा पास ही कुछ लोगों की जमीन भी पड़ी है, जरूरत पड़ेगी तो गुरुद्वारा बचाने के लिए वे लोग अपनी जमीनें भी देने को तैयार हैं। एसएलएओ ने सिख समाज के लोगों की बात सुनकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन