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रिकार्ड में मैनुअल एंट्री के बजाय चस्पा हो रहे विवरण
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बरेली। फौजदारी अभिलेखागार के रजिस्टर पर एंट्री दर्ज कराने के बजाय ट्रेजरी से मिलने वाले विवरण ही उस पर चस्पा किए जा रहे हैं। सरकारी रिकार्ड के रखरखाव को लेकर सामने आई इस गंभीर गड़बड़ी पर एडीएम प्रशासन ने फौजदारी अभिलेखागार के मुख्य प्रतिपालक नरेंद्र कुमार कोली से स्पष्टीकरण मांगा है।
एडीएम प्रशासन वीके सिंह को जिला आबकारी अधिकारी ने यह आपत्ति दर्ज कराई थी कि कई माह से जी-छह रजिस्टर स्वयं न बनाकर कोषागार से प्राप्त विवरण को रजिस्टर पर चस्पा कर सत्यापित कराया जा रहा है, जबकि रजिस्टर मैनुअल बनाने के आदेश हैं, ताकि विभागीय प्राप्तियों को श्रेणीवार दर्ज किया जा सके। इससे सत्यापन करने में भी आसानी होगी।
जिला आबकारी अधिकारी की यह भी शिकायत है कि सरकारी रिकार्ड ढंग से तैयार नहीं किए जा रहे। इससे शासन और आबकारी आयुक्त को समय से रिपोर्ट नहीं जा पा रही है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि मुख्य प्रतिपालक नरेंद्र कुमार फरवरी 2019 से आबकारी पटल देखते हुए विभाग से संबंधी पत्रावली का रखरखाव कर रहे हैं। एडीएम ने आबकारी अधिकारी की आपत्ति के बाद मुख्य प्रतिपालक से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
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एडीएम प्रशासन वीके सिंह को जिला आबकारी अधिकारी ने यह आपत्ति दर्ज कराई थी कि कई माह से जी-छह रजिस्टर स्वयं न बनाकर कोषागार से प्राप्त विवरण को रजिस्टर पर चस्पा कर सत्यापित कराया जा रहा है, जबकि रजिस्टर मैनुअल बनाने के आदेश हैं, ताकि विभागीय प्राप्तियों को श्रेणीवार दर्ज किया जा सके। इससे सत्यापन करने में भी आसानी होगी।
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जिला आबकारी अधिकारी की यह भी शिकायत है कि सरकारी रिकार्ड ढंग से तैयार नहीं किए जा रहे। इससे शासन और आबकारी आयुक्त को समय से रिपोर्ट नहीं जा पा रही है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि मुख्य प्रतिपालक नरेंद्र कुमार फरवरी 2019 से आबकारी पटल देखते हुए विभाग से संबंधी पत्रावली का रखरखाव कर रहे हैं। एडीएम ने आबकारी अधिकारी की आपत्ति के बाद मुख्य प्रतिपालक से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
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