{"_id":"672800f3961c458a060da405","slug":"opposition-to-merger-of-schools-with-enrollment-less-than-50-bareilly-news-c-4-lko1064-514096-2024-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों के संविलियन का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों के संविलियन का विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को उनके पास के विद्यालयों में संविलियन (मर्ज) करने के शासन के निर्णय का जिले के शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उन्होंने संसाधनों के अभाव के बीच छात्र संख्या बढ़ाने पर भी सवाल उठाए हैं।
शासन स्तर से 50 से कम नामांकन वाले विद्यालयों को चिह्नित कर उनके पास के विद्यालय में भेजने को लेकर जिलों को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षक नेता हरीश बाबू शर्मा ने कहा कि विद्यालयों की स्थापना आबादी के आधार पर होती हैं। नए स्कूल खोलने के स्थान पर छात्र संख्या को आधार बनाकर स्कूल बंद करना गलत है।
शहर के विद्यालयों में ही भवन की स्थिति खराब व शिक्षक संख्या कम है। कई विद्यालयों में एकल शिक्षकों के भरोसे काम चल रहा है। इस संबंध में संगठन बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर निर्णय को वापस लेने की मांग करेगा।
विज्ञापन
वर्जन...
जिन विद्यालयों का संविलियन किया जाएगा, वहां के विद्यार्थी तीन से चार किलोमीटर दूर विद्यालय में पढ़ने कैसे जाएंगे? साथ ही हेड मास्टर पद भी प्रभावित होगा। - नरेश गंगवार, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ (अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ से संबद्ध)
मुख्य सचिव ने विद्यालयों के संविलियन के निर्णय पर रोक लगा रखी है। समिति में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा सदस्य हैं। महानिदेशक के निर्णय के विरुद्ध मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।- मुकेश सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार 50 से कम नामांकन वाले विद्यालयों को मर्ज करने की प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है। इसमें विभिन्न मानकों पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।- संजय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
संवाद
विज्ञापन
शासन स्तर से 50 से कम नामांकन वाले विद्यालयों को चिह्नित कर उनके पास के विद्यालय में भेजने को लेकर जिलों को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षक नेता हरीश बाबू शर्मा ने कहा कि विद्यालयों की स्थापना आबादी के आधार पर होती हैं। नए स्कूल खोलने के स्थान पर छात्र संख्या को आधार बनाकर स्कूल बंद करना गलत है।
विज्ञापन
शहर के विद्यालयों में ही भवन की स्थिति खराब व शिक्षक संख्या कम है। कई विद्यालयों में एकल शिक्षकों के भरोसे काम चल रहा है। इस संबंध में संगठन बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर निर्णय को वापस लेने की मांग करेगा।
विज्ञापन
वर्जन...
जिन विद्यालयों का संविलियन किया जाएगा, वहां के विद्यार्थी तीन से चार किलोमीटर दूर विद्यालय में पढ़ने कैसे जाएंगे? साथ ही हेड मास्टर पद भी प्रभावित होगा। - नरेश गंगवार, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ (अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ से संबद्ध)
मुख्य सचिव ने विद्यालयों के संविलियन के निर्णय पर रोक लगा रखी है। समिति में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा सदस्य हैं। महानिदेशक के निर्णय के विरुद्ध मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।- मुकेश सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार 50 से कम नामांकन वाले विद्यालयों को मर्ज करने की प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है। इसमें विभिन्न मानकों पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।- संजय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
संवाद