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ऑपरेशन सिंदूर : नापाक हरकत पर एयर स्ट्राइक करारा जबाव, प्रतिशोध अभी बाकी
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बरेली। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद कार्रवाई का इंतजार कर रहे पूर्व सैन्य अधिकारियों को मंगलवार की देर रात भारत की वायुसेना की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर पर गर्व है। उनका कहना है कि बार-बार हो रही इस नापाक हरकत पर पुरजोर अंकुश के लिए मुंहतोड़ जवाब देना जरूरी है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद चले ऑपरेशन सिंदूर से जिन सुहागिनों का सिंदूर मिटा, उनकी मनोभावना के अनुकूल होने की उम्मीद पूर्व सैनिकों ने जताई है। हालांकि, कुछ सालों बाद फिर से ऐसी हरकत दुश्मन देश न कर सके, इसके लिए ऑपरेशन को और जोरदार चलाने की बात कही। ताकि लाइन ऑफ कंट्रोल पर भारत का कब्जा हो सके। ब्यूरो
स्ट्राइक में नकार नहीं सकते बरेली एयरबेस की भूमिका
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) एके गोयल के मुताबिक पिछली सर्जिकल स्ट्राइक में एयरफोर्स स्टेशन बरेली की अहम भूमिका थी। सुनियोजित तरीके से बरेली से लड़ाकू विमान अंबाला गए और वहां से उड़ान भरी और स्ट्राइक काे अंजाम दिया था। जो अब स्पष्ट है। इस बार भी बरेली एयरबेस की स्ट्राइक में भूमिका को नकार नहीं सकते हैं। कहा कि एयर स्ट्राइक शुरुआत है, संभावना है देश की सेना इस बार बड़ा निर्णय ले।
भारत में पूर्वाभ्यास के शोर के बीच स्ट्राइक सराहनीय
वायुसेना के सेवानिवृत्त सार्जेंट राकेश विद्यार्थी का कहना है कि पूर्व में देश के प्रधानमंत्री ने सात मई को युद्ध के दौरान बचाव के लिए मॉकडि्रल की बात कही थी। जिससे पाकिस्तान निश्चिंत था, लेकिन एयर स्ट्राइक ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकी ठिकाने रक्तरंजित कर सुहागिनों के ह्दयविदारक कष्ट का बदला लिया है। इस बार स्ट्राइक से भारत सरकार ने संदेश दिया कि शुरुआत नहीं करेंगे पर खत्म हम ही करेंगे।
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एयर स्ट्राइक के वीडियो साक्ष्य से सवालों पर अंकुश
लेफ्टीनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) एलएन त्रिवेदी के मुताबिक पिछली बार जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी, तब लोगों के मन में संदेह था। उसके साक्ष्य मांगे गए। पर अब वीडियो साक्ष्य हैं। बेवजह के सवालों पर अंकुश लगा दिया है। पाकिस्तान भी स्ट्राइक को नकार नहीं कर सकता। पहलगाम में जो हुआ था, उसके अनुरूप दंड है पर पूर्ण प्रतिशोध नहीं कहा जा सकता। आगे हमले न हों इसलिए इस बार मुंहतोड़ जवाब मिलना चाहिए।
एयर स्ट्राइक से बढ़ा देशवासियों का मनोबल
लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) डाॅ. आरपी सिंह ने कहा कि आतंकी शिविरों पर एयर स्ट्राइक देशवासियों का मनोबल बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी थी। भारत किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। सेना हर परिस्थिति में दुश्मन का मुकाबला करने की ताकत रखती है। सेना के पास अत्याधुनिक संसाधन, तकनीक हैं। युद्ध जैसी परिस्थिति में सभी को शांत और शासन, प्रशासन के दिशानिर्देश का पालन करना चाहिए।
जरूरत पड़ेगी तो पूर्व सैनिक देश सेवा के लिए तत्पर
भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त जेएस भाकुनी ने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से ही देशवासियों को सरकार और सेना की प्रतिक्रिया का इंतजार था। मंगलवार देर रात जब देशवासी सो रहे थे, उस दौरान भारतीय वायु, जल और थल सेना दुश्मन देश के आतंकी ठिकाने राख कर रही थी। सुबह आंख खुलने पर लोगों को देश की सेना और सरकार के निर्णय पर गर्व हुआ।
तिरंगा फहराकर पूर्व सैनिकों ने जाहिर की खुशी
बरेली। ऑपरेशन सिंदूर एयर स्ट्राइक पर बुधवार दोपहर निर्मल ग्राम भरतौल के पंचायत सचिवालय पर पूर्व सैनिक और ग्रामवासी जुटे। उन्होंने सेना की कार्रवाई पर गर्व जताया और तिरंगा फहराकर जय हिंद के नारे लगाए। इस दौरान सूबेदार मेजर खेम सिंह बथ्याल, खुशाल सिंह रौतेला, कैप्टन जगत सिंह घुगत्याल, चंचल सिंह पिलख्वाल, ईश्वरी दत्त मिश्रा, नंदन सिंह, सूबेदार चमन सिंह, ग्राम प्रधान प्रवेश, रीतरात व अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो
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स्ट्राइक में नकार नहीं सकते बरेली एयरबेस की भूमिका
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) एके गोयल के मुताबिक पिछली सर्जिकल स्ट्राइक में एयरफोर्स स्टेशन बरेली की अहम भूमिका थी। सुनियोजित तरीके से बरेली से लड़ाकू विमान अंबाला गए और वहां से उड़ान भरी और स्ट्राइक काे अंजाम दिया था। जो अब स्पष्ट है। इस बार भी बरेली एयरबेस की स्ट्राइक में भूमिका को नकार नहीं सकते हैं। कहा कि एयर स्ट्राइक शुरुआत है, संभावना है देश की सेना इस बार बड़ा निर्णय ले।
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भारत में पूर्वाभ्यास के शोर के बीच स्ट्राइक सराहनीय
वायुसेना के सेवानिवृत्त सार्जेंट राकेश विद्यार्थी का कहना है कि पूर्व में देश के प्रधानमंत्री ने सात मई को युद्ध के दौरान बचाव के लिए मॉकडि्रल की बात कही थी। जिससे पाकिस्तान निश्चिंत था, लेकिन एयर स्ट्राइक ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकी ठिकाने रक्तरंजित कर सुहागिनों के ह्दयविदारक कष्ट का बदला लिया है। इस बार स्ट्राइक से भारत सरकार ने संदेश दिया कि शुरुआत नहीं करेंगे पर खत्म हम ही करेंगे।
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एयर स्ट्राइक के वीडियो साक्ष्य से सवालों पर अंकुश
लेफ्टीनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) एलएन त्रिवेदी के मुताबिक पिछली बार जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी, तब लोगों के मन में संदेह था। उसके साक्ष्य मांगे गए। पर अब वीडियो साक्ष्य हैं। बेवजह के सवालों पर अंकुश लगा दिया है। पाकिस्तान भी स्ट्राइक को नकार नहीं कर सकता। पहलगाम में जो हुआ था, उसके अनुरूप दंड है पर पूर्ण प्रतिशोध नहीं कहा जा सकता। आगे हमले न हों इसलिए इस बार मुंहतोड़ जवाब मिलना चाहिए।
एयर स्ट्राइक से बढ़ा देशवासियों का मनोबल
लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) डाॅ. आरपी सिंह ने कहा कि आतंकी शिविरों पर एयर स्ट्राइक देशवासियों का मनोबल बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी थी। भारत किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। सेना हर परिस्थिति में दुश्मन का मुकाबला करने की ताकत रखती है। सेना के पास अत्याधुनिक संसाधन, तकनीक हैं। युद्ध जैसी परिस्थिति में सभी को शांत और शासन, प्रशासन के दिशानिर्देश का पालन करना चाहिए।
जरूरत पड़ेगी तो पूर्व सैनिक देश सेवा के लिए तत्पर
भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त जेएस भाकुनी ने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से ही देशवासियों को सरकार और सेना की प्रतिक्रिया का इंतजार था। मंगलवार देर रात जब देशवासी सो रहे थे, उस दौरान भारतीय वायु, जल और थल सेना दुश्मन देश के आतंकी ठिकाने राख कर रही थी। सुबह आंख खुलने पर लोगों को देश की सेना और सरकार के निर्णय पर गर्व हुआ।
तिरंगा फहराकर पूर्व सैनिकों ने जाहिर की खुशी
बरेली। ऑपरेशन सिंदूर एयर स्ट्राइक पर बुधवार दोपहर निर्मल ग्राम भरतौल के पंचायत सचिवालय पर पूर्व सैनिक और ग्रामवासी जुटे। उन्होंने सेना की कार्रवाई पर गर्व जताया और तिरंगा फहराकर जय हिंद के नारे लगाए। इस दौरान सूबेदार मेजर खेम सिंह बथ्याल, खुशाल सिंह रौतेला, कैप्टन जगत सिंह घुगत्याल, चंचल सिंह पिलख्वाल, ईश्वरी दत्त मिश्रा, नंदन सिंह, सूबेदार चमन सिंह, ग्राम प्रधान प्रवेश, रीतरात व अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो