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घर में बचे सिर्फ महिलाएं और बच्चे तो पुलिस ने दिया कंधा
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प्रतीकात्मक ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
परिवार की आर्थिक स्थिति को देखकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी कराई
सुभाषनगर में मारपीट के बाद युवक की मौत का मामला
बरेली। सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी में रहने वाले नरेश की मौत के बाद परिवार में सिर्फ महिलाएं और बच्चे बचे। आर्थिक स्थित भी बहुत खराब थी। ऐसे में सुभाषनगर पुलिस उनकी मदद को आगे आई और अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराने के साथ ही उनकी अर्थी को कंधा देकर श्मशान तक पहुंचाया।
सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी में रहने वाले 25 वर्षीय नरेश वाल्मीकि की शुक्रवार रात मौत हो गई थी। परिवार वालों का आरोप था कि 18 नवंबर को रेलवे स्टेशन रोड पर पनीर व्यापारी संजय और उसके भाई ने उनके साथ मारपीट की थी। इलाज के लिए रुपये न होने पर परिवार वाले उन्हें घर ले गए, जहां आठ दिन बाद उनकी मौत हो गई। हालांकि पोस्टमार्टम में नरेश की मौत का कारण हार्टअटैक बताया गया लेकिन अंतिम संस्कार न करने की धमकी के चलते इस मामले में संजय और उसके भाई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नरेश की मां पार्वती का कहना है कि रविवार सुबह उन लोगों को अंतिम संस्कार करना था लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। उनके पास भी रुपये नहीं थे। इस पर सुभाषनगर पुलिस वहां पहुंची और अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था कराकर अर्थी को कंधा भी दिया।
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सुभाषनगर में मारपीट के बाद युवक की मौत का मामला
बरेली। सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी में रहने वाले नरेश की मौत के बाद परिवार में सिर्फ महिलाएं और बच्चे बचे। आर्थिक स्थित भी बहुत खराब थी। ऐसे में सुभाषनगर पुलिस उनकी मदद को आगे आई और अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराने के साथ ही उनकी अर्थी को कंधा देकर श्मशान तक पहुंचाया।
सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी में रहने वाले 25 वर्षीय नरेश वाल्मीकि की शुक्रवार रात मौत हो गई थी। परिवार वालों का आरोप था कि 18 नवंबर को रेलवे स्टेशन रोड पर पनीर व्यापारी संजय और उसके भाई ने उनके साथ मारपीट की थी। इलाज के लिए रुपये न होने पर परिवार वाले उन्हें घर ले गए, जहां आठ दिन बाद उनकी मौत हो गई। हालांकि पोस्टमार्टम में नरेश की मौत का कारण हार्टअटैक बताया गया लेकिन अंतिम संस्कार न करने की धमकी के चलते इस मामले में संजय और उसके भाई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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नरेश की मां पार्वती का कहना है कि रविवार सुबह उन लोगों को अंतिम संस्कार करना था लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। उनके पास भी रुपये नहीं थे। इस पर सुभाषनगर पुलिस वहां पहुंची और अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था कराकर अर्थी को कंधा भी दिया।
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