फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   On the lines of Indore, drainage arrangements will be made in the city.

Bareilly News: इंदौर की तर्ज पर शहर में कराएंगे जलनिकासी की व्यवस्था

Sun, 02 Mar 2025 02:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Mar 2025 02:49 AM IST
विज्ञापन
On the lines of Indore, drainage arrangements will be made in the city.
बरेली। इंदौर की तर्ज पर शहर में जलनिकासी की व्यवस्था करने की तैयारी है। जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन डिवीजन ने निजी कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्तावों का अध्ययन करने के बाद किसी एक कंपनी को जिम्मेदारी दी जाएगी। जिसे जिम्मेदारी मिलेगी, उसे चार महीने में मास्टर प्लान तैयार करना होगा। उसी प्लान के अनुरूप शासन से जल निकासी की परियोजना के लिए मंजूरी ली जाएगी।
विज्ञापन

एकीकृत वर्षा जल निकासी मास्टर प्लान के लिए जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन डिवीजन ने टेंडर निकाले हैं। इसमें मास्टर प्लान बनाने का अनुभव रखने वाली कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। वह टेंडर सात मार्च को खुलेगा। इसमें जो फर्में उपयुक्त मिलेंगी, उनकी वित्तीय बिड खुलेगी। तुलनात्मक रूप से न्यूनतम दर वाली फर्म को जिम्मेदारी मिलेगी। कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन डिवीजन के परियोजना निदेशक रघुवंश राम ने बताया कि 2031 की महायोजना में 501.72 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में जल निकासी के लिए मास्टर प्लान बनेगा। इसमें नगर निगम का 106 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल शामिल है। यह महायोजना बनने के बाद जल निकासी की परियोजनाओं पर चरणबद्ध तरीके से काम होगा और भविष्य में लोगों को जलभराव की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
विज्ञापन



क्यों बनी योजना

एक जगह जलभराव रोकने के लिए नाला निर्माण करते हैं तो दूसरी जगह जलभराव शुरू हो जाता है। शहर में पानी का ढलान किस ओर है? कहां किस तरह से नाले बनाए जाएं कि जलभराव न होने पाए। इस पर अब तक समग्र तरीके से कोई काम नहीं हुआ। इसके विपरीत इंदौर में मास्टर प्लान के आधार पर जल निकासी का सिस्टम विकसित किया गया है। शासन ने इस बात को महसूस किया और प्रदेश के नगर निगमों के लिए महायोजना बनाई जाय। महायोजना के लिए नौ करोड़ रुपये का बजट नगर आयुक्त ने शासन से मांगा था। शासन ने कहा कि पहले रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) प्राप्त कर लें। निजी कंपनियों से ही पूछें कि कितनी लागत में वह मास्टर प्लान बनाकर देंगे। उसके बाद बजट जारी होगा। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
अबकी बारिश में जलभराव से होकर ही निकलेंगे लोग

शहर में मास्टर प्लान लागू करने की तैयारी है लेकिन जलभराव की समस्या नहीं दूर हो रही है। अगले एक साल तक जलभराव की समस्या रहेगी। ज्यादा समस्या हजियापुर, मुंशीनगर और कर्मचारी नगर में है। सिकलापुर में आजाद मंदिर वाली गली तो ऐसी है जहां बिन बारिश ही जलभराव होता है। पार्षद जयप्रकाश बार-बार शिकायत कर रहे हैं। जनसुनवाई पोर्टल पर नागरिकों ने भी शिकायत की लेकिन अब तक जल निकासी का इंतजाम नहीं हो सका। अब इससे राहत देने की तैयारी है लेकिन चार महीने सर्वेक्षण में लग जाएंगे। उसके बाद प्रस्तावित नालों के कार्यों के टेंडर और फिर निर्माण में कम से कम तीन महीने लग जाएंगे। इस तरह इस साल की आने वाली बारिश में मुसीबत झेलने की मजबूरी सामने है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed