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Bareilly News: पुरानी धाराओं की छुट्टी, आज से नया कानून
Mon, 01 Jul 2024 06:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 01 Jul 2024 06:24 AM IST
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बरेली। अंग्रेजों के बनाए गए कानून रविवार रात 12 बजे से गुजरे जमाने की बात हो गए। अब भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारत साक्ष्य अधिनियम लागू हो गया है। रविवार रात 12 बजे के बाद नई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने की व्यवस्था शुरू हो गई है। हालांकि, क्राइम नंबर नहीं बदला जाएगा। जो क्राइम नंबर चल रहा है, क्रमवार उसके आगे का ही नंबर पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि सभी थानों में नए कानून की पीडीएफ भेज दी गई है। अगर किसी मुंशी को धाराओं के बारे में पता नहीं हो तो पीडीएफ देखकर वे रिपोर्ट दर्ज कर सकेंगे।
शहर में 14 दिन पहले से इसकी कवायद शुरू हो गई थी। पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। अब तक 3,500 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें थानाध्यक्षों के साथ ही मुंशी, पैरोकार व सिपाही आदि शामिल हैं। जरूरत के मुताबिक सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) में बदलाव किया जा चुका है। नए कानून के तहत दस साल से ज्यादा सजा की धाराओं में जैसे ही कोई मुकदमा दर्ज होगा, सीसीटीएनएस से सीधे संबंधित थाना प्रभारी को मौके पर फील्ड यूनिट भेजने का मेसेज चला जाएगा।
मोबाइल फोन को मिली कानूनी मान्यता, हर गतिविधि होगी रिकाॅर्ड
नोडल अधिकारी शिवराज ने बताया कि नए कानून के तहत मोबाइल फोन से की गई वीडियोग्राफी को कानून व्यवस्था में शामिल कर लिया गया है। अब घटना होने के बाद घटनास्थल की वीडियोग्राफी की जाएगी। इसके अलावा गिरफ्तारी, बयान, बरामदगी, सर्च अभियान आदि सबकी वीडियोग्राफी होगी। अगर कोई व्यक्ति थाने में घायल अवस्था में आया है तो उसकी भी वीडियोग्राफी होगी। मोबाइल फोन से बनाया गया उसका वीडियो अब मान्य होगा। अब गिरफ्तारी के समय आरोपी के रिश्तेदार का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद सीधे आरोपी के रिश्तेदार के नंबर पर गिरफ्तारी का संदेश भेजा जा सकेगा। अदालत को भी इलेक्ट्राॅनिक सुबूतों की जानकारी देनी होगी।
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30 जून तक की घटनाएं आईपीसी में ही दर्ज होंगी
नया कानून लागू होने के बाद भी 30 जून या उससे पहले की घटनाएं भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धाराओं में ही दर्ज होंगी। भले ही उसकी तहरीर एक जुलाई या उसके और बाद में आए।
नाबालिग से दुष्कर्म पर अब मृत्युदंड की सजा
जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के सैकड़ों मुकदमे अदालतों में चल रहे हैं। इन मामलों में अभी तक 20 साल या आजीवन कारावास का प्रावधान था। अब इसमें आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है।
वारदात- भादवि- बीएनएस
हत्या- 302- 103 (1)
हत्या का प्रयास- 307- 109
दुष्कर्म- 376 (1)- 63
ठगी व धोखाधड़ी- 420- 318 (4)
छेड़छाड़- 354- 74
चोरी- 379-303 (2)
दहेज उत्पीड़न- 498 (ए)- 85
दहेज हत्या- 304 बी- 80 (2)
लूट - 392-309 (4)
डकैती- 310 (2)
पुलिस नए कानून का स्वागत करने के लिए तैयार है। जिले में 3,500 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। रात 12 बजे के बाद से नए कानून के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा रही हैं।- शिवराज, नोडल अधिकारी
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शहर में 14 दिन पहले से इसकी कवायद शुरू हो गई थी। पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। अब तक 3,500 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें थानाध्यक्षों के साथ ही मुंशी, पैरोकार व सिपाही आदि शामिल हैं। जरूरत के मुताबिक सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) में बदलाव किया जा चुका है। नए कानून के तहत दस साल से ज्यादा सजा की धाराओं में जैसे ही कोई मुकदमा दर्ज होगा, सीसीटीएनएस से सीधे संबंधित थाना प्रभारी को मौके पर फील्ड यूनिट भेजने का मेसेज चला जाएगा।
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मोबाइल फोन को मिली कानूनी मान्यता, हर गतिविधि होगी रिकाॅर्ड
नोडल अधिकारी शिवराज ने बताया कि नए कानून के तहत मोबाइल फोन से की गई वीडियोग्राफी को कानून व्यवस्था में शामिल कर लिया गया है। अब घटना होने के बाद घटनास्थल की वीडियोग्राफी की जाएगी। इसके अलावा गिरफ्तारी, बयान, बरामदगी, सर्च अभियान आदि सबकी वीडियोग्राफी होगी। अगर कोई व्यक्ति थाने में घायल अवस्था में आया है तो उसकी भी वीडियोग्राफी होगी। मोबाइल फोन से बनाया गया उसका वीडियो अब मान्य होगा। अब गिरफ्तारी के समय आरोपी के रिश्तेदार का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद सीधे आरोपी के रिश्तेदार के नंबर पर गिरफ्तारी का संदेश भेजा जा सकेगा। अदालत को भी इलेक्ट्राॅनिक सुबूतों की जानकारी देनी होगी।
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30 जून तक की घटनाएं आईपीसी में ही दर्ज होंगी
नया कानून लागू होने के बाद भी 30 जून या उससे पहले की घटनाएं भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धाराओं में ही दर्ज होंगी। भले ही उसकी तहरीर एक जुलाई या उसके और बाद में आए।
नाबालिग से दुष्कर्म पर अब मृत्युदंड की सजा
जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के सैकड़ों मुकदमे अदालतों में चल रहे हैं। इन मामलों में अभी तक 20 साल या आजीवन कारावास का प्रावधान था। अब इसमें आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है।
वारदात- भादवि- बीएनएस
हत्या- 302- 103 (1)
हत्या का प्रयास- 307- 109
दुष्कर्म- 376 (1)- 63
ठगी व धोखाधड़ी- 420- 318 (4)
छेड़छाड़- 354- 74
चोरी- 379-303 (2)
दहेज उत्पीड़न- 498 (ए)- 85
दहेज हत्या- 304 बी- 80 (2)
लूट - 392-309 (4)
डकैती- 310 (2)
पुलिस नए कानून का स्वागत करने के लिए तैयार है। जिले में 3,500 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। रात 12 बजे के बाद से नए कानून के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा रही हैं।- शिवराज, नोडल अधिकारी