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पुरानी जेल की जमीन के लिए नए सिरे से तैयार होंगे प्रस्ताव
बरेली।
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:51 AM IST
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पुरानी जिला जेल की जमीन पर अब नए सिरे से प्रस्ताव तैयार होंगे। इस वजह से बरेली सेंट्रल के डिजाइन में कुछ फेरबदल हो सकता है। लखनऊ में हुई मुख्य सचिव की बैठक में यह बात तय हुई है। इस बैठक में बरेली के डेवलपर्स की समस्याओं पर भी चर्चा हुई लेकिन त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन से 20 किमी के दायरे में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के नक्शों को एनओसी न मिलने का मामला नहीं निपट पाया। अब इस संबंध में भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय को लिखा जाएगा।
मुख्य सचिव ने विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बरेली, कानपुर, इलाहाबाद आदि महानगरों के प्राधिकरण उपाध्यक्ष, जिलाधिकारी और मंडलायुक्तों की मंगलवार को बैठक बुलाई थी। इसमें बरेली से मंडलायुक्त कमिश्नर पीवी जगनमोहन, डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह और प्राधिकरण उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार पांडेय शामिल हुए। अधिकारियों के अनुसार मुख्य सचिव ने जिला जेल की जमीन पर भेजे गए प्रस्ताव को नए सिरे से तैयार करने को कहा है। इसका डिजाइन भी नया बनेगा। बरेली जिला जेल की जमीन पर हेरिटेज पार्क, आईटी पार्क, दीनदयाल प्रतिष्ठान (कला संगीत और नाट्य अकादमी का कन्वेंशन सेंटर), कामर्शियल कांप्लेक्स, हाई स्ट्रीट शॉप्स, शोरूम, होटल, पर्यटन विभाग दफ्तर, एडवांस स्किल सेंटर और ई-लाइब्रेरी, प्रशासनिक न्यायिक भवन, पार्किंग, ग्रीन एरिया, परिवहन विभाग का दफ्तर, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, महिला शरणालय, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, विद्युत स्टेशन, रेंजीडेंशियल टावर, स्कूल, यूथ हास्टल, कामर्शियल भूखंड, आवासीय भूखंड, सड़क और पैदल पथ और मुख्य सड़क निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए थे। सबके लिए अलग-अलग डिजाइन भी बनाकर भेजी गई थी। मगर, अब इन प्रस्तावों की संशोधित डिजाइन तैयार होगी।
पुरानी जेल की जमीन के लिए आए प्रस्तावों में कुछ बदलाव कराया जाएगा। हमने मुख्य सचिव से इस पर अधिकारियों को बुलाकर बात करने को कहा था। दो दिन से अधिकारी बात कर रहे हैं। लखनऊ में बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति के दौैरे के बाद मैं खुद भी अधिकारियों के साथ बैठकर पुरानी जेल की जमीन के प्रोजेक्ट को फाइनल करा दूंगा। -राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार
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मुख्य सचिव ने विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बरेली, कानपुर, इलाहाबाद आदि महानगरों के प्राधिकरण उपाध्यक्ष, जिलाधिकारी और मंडलायुक्तों की मंगलवार को बैठक बुलाई थी। इसमें बरेली से मंडलायुक्त कमिश्नर पीवी जगनमोहन, डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह और प्राधिकरण उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार पांडेय शामिल हुए। अधिकारियों के अनुसार मुख्य सचिव ने जिला जेल की जमीन पर भेजे गए प्रस्ताव को नए सिरे से तैयार करने को कहा है। इसका डिजाइन भी नया बनेगा। बरेली जिला जेल की जमीन पर हेरिटेज पार्क, आईटी पार्क, दीनदयाल प्रतिष्ठान (कला संगीत और नाट्य अकादमी का कन्वेंशन सेंटर), कामर्शियल कांप्लेक्स, हाई स्ट्रीट शॉप्स, शोरूम, होटल, पर्यटन विभाग दफ्तर, एडवांस स्किल सेंटर और ई-लाइब्रेरी, प्रशासनिक न्यायिक भवन, पार्किंग, ग्रीन एरिया, परिवहन विभाग का दफ्तर, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, महिला शरणालय, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, विद्युत स्टेशन, रेंजीडेंशियल टावर, स्कूल, यूथ हास्टल, कामर्शियल भूखंड, आवासीय भूखंड, सड़क और पैदल पथ और मुख्य सड़क निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए थे। सबके लिए अलग-अलग डिजाइन भी बनाकर भेजी गई थी। मगर, अब इन प्रस्तावों की संशोधित डिजाइन तैयार होगी।
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पुरानी जेल की जमीन के लिए आए प्रस्तावों में कुछ बदलाव कराया जाएगा। हमने मुख्य सचिव से इस पर अधिकारियों को बुलाकर बात करने को कहा था। दो दिन से अधिकारी बात कर रहे हैं। लखनऊ में बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति के दौैरे के बाद मैं खुद भी अधिकारियों के साथ बैठकर पुरानी जेल की जमीन के प्रोजेक्ट को फाइनल करा दूंगा। -राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार
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