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पुराना वायदा भूले प्रभु, नया भी किया नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Mon, 12 Dec 2016 01:11 AM IST
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Old futures forgotten the Lord, not the new one
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने पिछले साल दक्षिण भारत को एक नई ट्रेन चलाने और मंडोर, पुष्पक एक्सप्रेस बरेली से संचालित करने का वायदा किया था, इस बार इसे भी भूल गए। वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने दोबारा इन मांगों को उठाया लेकिन उन्होंने तरजीह नहीं दी और न कोई नया वायदा किया।
रविवार को एक साल बाद दोबारा आए रेल मंत्री से बरेली के लोग और उत्साहित भाजपाई रेल सुविधा की नई घोषणा और पुराने वायदे पूरे होने की उम्मीद लगाए थे, लेकिन यहां पहुंचे सुरेश प्रभु ने अपने संबोधन में बरेली से कोई नई ट्रेन देना तो दूर लखनऊ और दिल्ली में पूरे दिन खड़ी रहने वाली दो ट्रेनों को बरेली से चलाने की हामी तक नहीं भरी। गोरखपुर से आनंद विहार तक अगले सप्ताह से चलने वाली नई ट्रेन हमसफर एक्सप्रेस की घोषणा की, लेकिन इसका मार्ग बरेली होकर नहीं है। हालांकि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने मंडोर और पुष्पक एक्सप्रेस बरेली से चलाने का आग्रह किया। शाहदाना रेलवे माल गोदाम की खाली पड़ी भूमि पर कोई योजना लाने, शाहदाना से इज्जतनगर तक रेल मार्ग पर सड़क बनाने, उत्तराखंड को वाया बरेली दक्षिण भारत को जोड़ने, आगरा फोर्ट कुमाऊं एक्सप्रेस की स्थिति बहाल करने, भोजीपुरा रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज बनाने, बरेली से सभी ट्रेनों में आरक्षण कोटा बढ़ाने, केंद्रीय रेलवे कैंटीन व्यवस्था शुरू करने आदि प्रमुख मामले मंच से उठाए। गंगवार ने विशेष ध्यान देने का आग्रह भी किया। अपने संबोधन में रेल मंत्री ने मंत्रालय और सरकार से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मौजूद जनता और भाजपाई आस लगाए बैठे थे कि केंद्रीय राज्य मंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रभु जी कुछ न कुछ हामी जरूर भरेंगे, लेकिन उन्होंने आंकड़े बाजी पेश करके विभाग की पीठ थपथपाई। बरेली को कोई तरजीह न दिए जाने पर लोगों में निराशा साफ झलक रही थी। प्रेस वार्ता में जब मामला रखा गया तब भी रेल मंत्री कन्नी काट गए। अपने मंच से गिनाई गईं उपलब्धियां ही उन्होंने प्रेसवार्ता में दोहराई। हर सवाल को टालते रहे और उठकर चल दिए।
नहीं बजी ताली
रेल मंत्री का संबोधन सरकारी आंकड़ों पर ही आधारित होने के कारण जनता इतना निराश रही कि इस बीच किसी ने ताली तक नहीं बजाई। स्थानीय भाजपाई भी कोई नया वायदा न होने से मायूस रह गए।
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सिटी स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार का लोकार्पण
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रविवार को सिटी स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार, इज्जतनगर मंडल के 11 स्टेशनों पर टैप वाटर सप्लाई, बिल्हौर, बर्राजपुर, कायमगंज स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज का लोकार्पण और इज्जतनगर स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार का शिलान्यास किया। इस मौके पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार, जीएम रेलवे राजीव मिश्र, डीआरएम निखिल पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र राठौर, गुलशन आनंद आदि मौजूद रहे।
पीलीभीत के लिए अगले सप्ताह से चलेगी ट्रेन
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने तैयार हो चुके भोजीपुरा-पीलीभीत ब्राडगेज ट्रैक पर अगले सप्ताह से ट्रेन चलाने की मंच से घोषणा की। यहां बता दें कि इससे पहले भी इस ट्रैक पर कई बार ट्रेन चलाने की घोषणा हो चुकी है। सीआरएस भी हरी झंडी दे चुके हैं, लेकिन ट्रेन नहीं चल पाई है। अब रेल मंत्री की घोषणा के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी है।
उत्तर प्रदेश की जय जयकार
बरेली। रेल मंत्री ने विधान सभा चुनाव को देखते हुए अपना भाषण भी यूपी में भाजपा की साख को मजबूत करने तक सीमित रखा। न सिर्फ प्रदेश के लिए चलाई गई योजनाओं का बखान किया बल्कि अपने भाषण का समापन भी जय भारत के बजाय जय उत्तर प्रदेश कहकर किया।
अपने विभाग की ओर से यूपी के लिए चलाई गई योजनाओं का जिक्र करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि पिछले ढाई साल में प्रदेश में 950 करोड़ रुपये की लागत से 213 किमी रेल खंड ब्राडगेज, 393 करोड़ की लागत से 74 किमी रेल खंड का दोहरीकरण, 900 करोड़ की लागत से 987 किमी रेल खंड का विद्युतीकरण कार्य पूरा किया गया। जिसमें पूर्वोत्तर रेलवे पर बलिया-आनंद विहार टर्मिनस, भृगु एक्सप्रेस, गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, गाजीपुर-कोलकाता शब्दभेदी एक्सप्रेस, गाजीपुर-आनंद विहार टर्मिनस सुहेलदेव एक्सप्रेस, गोरखपुर आनंद-विहार एक्सप्रेस, गोरखपुर- गोमती नगर एक्सप्रेस, गोरखपुर-बादशाह नगर एक्सप्रेस, बस्ती-इलाहाबाद मनवर-संगम एक्सप्रेस, लखनऊ-आनंद विहार टर्मिनस डबल डेकर गाड़ियां चलाई गईं। इसके अलावा एक्सप्रेस गाड़ियों का अतिरिक्त ठहराव किया गया। रेल मंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में 36689 करोड़ लागत से अमान परिवर्तन, दोहरीकरण, नई लाइन निर्माण के 37 कार्य स्वीकृत किए गए। 4155 करोड़ की लागत से 307 रेलवे पुलों को मजूरी दी गई। यात्री सुविधाओं में विस्तार के लिए 508 करोड़ की लागत से 451 कार्यों को स्वीकृति दी गई।
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रविवार को एक साल बाद दोबारा आए रेल मंत्री से बरेली के लोग और उत्साहित भाजपाई रेल सुविधा की नई घोषणा और पुराने वायदे पूरे होने की उम्मीद लगाए थे, लेकिन यहां पहुंचे सुरेश प्रभु ने अपने संबोधन में बरेली से कोई नई ट्रेन देना तो दूर लखनऊ और दिल्ली में पूरे दिन खड़ी रहने वाली दो ट्रेनों को बरेली से चलाने की हामी तक नहीं भरी। गोरखपुर से आनंद विहार तक अगले सप्ताह से चलने वाली नई ट्रेन हमसफर एक्सप्रेस की घोषणा की, लेकिन इसका मार्ग बरेली होकर नहीं है। हालांकि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने मंडोर और पुष्पक एक्सप्रेस बरेली से चलाने का आग्रह किया। शाहदाना रेलवे माल गोदाम की खाली पड़ी भूमि पर कोई योजना लाने, शाहदाना से इज्जतनगर तक रेल मार्ग पर सड़क बनाने, उत्तराखंड को वाया बरेली दक्षिण भारत को जोड़ने, आगरा फोर्ट कुमाऊं एक्सप्रेस की स्थिति बहाल करने, भोजीपुरा रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज बनाने, बरेली से सभी ट्रेनों में आरक्षण कोटा बढ़ाने, केंद्रीय रेलवे कैंटीन व्यवस्था शुरू करने आदि प्रमुख मामले मंच से उठाए। गंगवार ने विशेष ध्यान देने का आग्रह भी किया। अपने संबोधन में रेल मंत्री ने मंत्रालय और सरकार से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मौजूद जनता और भाजपाई आस लगाए बैठे थे कि केंद्रीय राज्य मंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रभु जी कुछ न कुछ हामी जरूर भरेंगे, लेकिन उन्होंने आंकड़े बाजी पेश करके विभाग की पीठ थपथपाई। बरेली को कोई तरजीह न दिए जाने पर लोगों में निराशा साफ झलक रही थी। प्रेस वार्ता में जब मामला रखा गया तब भी रेल मंत्री कन्नी काट गए। अपने मंच से गिनाई गईं उपलब्धियां ही उन्होंने प्रेसवार्ता में दोहराई। हर सवाल को टालते रहे और उठकर चल दिए।
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नहीं बजी ताली
रेल मंत्री का संबोधन सरकारी आंकड़ों पर ही आधारित होने के कारण जनता इतना निराश रही कि इस बीच किसी ने ताली तक नहीं बजाई। स्थानीय भाजपाई भी कोई नया वायदा न होने से मायूस रह गए।
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सिटी स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार का लोकार्पण
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रविवार को सिटी स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार, इज्जतनगर मंडल के 11 स्टेशनों पर टैप वाटर सप्लाई, बिल्हौर, बर्राजपुर, कायमगंज स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज का लोकार्पण और इज्जतनगर स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार का शिलान्यास किया। इस मौके पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार, जीएम रेलवे राजीव मिश्र, डीआरएम निखिल पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र राठौर, गुलशन आनंद आदि मौजूद रहे।
पीलीभीत के लिए अगले सप्ताह से चलेगी ट्रेन
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने तैयार हो चुके भोजीपुरा-पीलीभीत ब्राडगेज ट्रैक पर अगले सप्ताह से ट्रेन चलाने की मंच से घोषणा की। यहां बता दें कि इससे पहले भी इस ट्रैक पर कई बार ट्रेन चलाने की घोषणा हो चुकी है। सीआरएस भी हरी झंडी दे चुके हैं, लेकिन ट्रेन नहीं चल पाई है। अब रेल मंत्री की घोषणा के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी है।
उत्तर प्रदेश की जय जयकार
बरेली। रेल मंत्री ने विधान सभा चुनाव को देखते हुए अपना भाषण भी यूपी में भाजपा की साख को मजबूत करने तक सीमित रखा। न सिर्फ प्रदेश के लिए चलाई गई योजनाओं का बखान किया बल्कि अपने भाषण का समापन भी जय भारत के बजाय जय उत्तर प्रदेश कहकर किया।
अपने विभाग की ओर से यूपी के लिए चलाई गई योजनाओं का जिक्र करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि पिछले ढाई साल में प्रदेश में 950 करोड़ रुपये की लागत से 213 किमी रेल खंड ब्राडगेज, 393 करोड़ की लागत से 74 किमी रेल खंड का दोहरीकरण, 900 करोड़ की लागत से 987 किमी रेल खंड का विद्युतीकरण कार्य पूरा किया गया। जिसमें पूर्वोत्तर रेलवे पर बलिया-आनंद विहार टर्मिनस, भृगु एक्सप्रेस, गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, गाजीपुर-कोलकाता शब्दभेदी एक्सप्रेस, गाजीपुर-आनंद विहार टर्मिनस सुहेलदेव एक्सप्रेस, गोरखपुर आनंद-विहार एक्सप्रेस, गोरखपुर- गोमती नगर एक्सप्रेस, गोरखपुर-बादशाह नगर एक्सप्रेस, बस्ती-इलाहाबाद मनवर-संगम एक्सप्रेस, लखनऊ-आनंद विहार टर्मिनस डबल डेकर गाड़ियां चलाई गईं। इसके अलावा एक्सप्रेस गाड़ियों का अतिरिक्त ठहराव किया गया। रेल मंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में 36689 करोड़ लागत से अमान परिवर्तन, दोहरीकरण, नई लाइन निर्माण के 37 कार्य स्वीकृत किए गए। 4155 करोड़ की लागत से 307 रेलवे पुलों को मजूरी दी गई। यात्री सुविधाओं में विस्तार के लिए 508 करोड़ की लागत से 451 कार्यों को स्वीकृति दी गई।