Amar Ujala Impact: कटरी को भूमाफिया से मुक्त कराएंगे अफसर, जमीन वापसी की उम्मीद से किसान खुश
कटरी की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए तिहरे हत्याकांड के बाद जब अमर उजाला ने आम किसानों की विवशता सार्वजनिक की तो अफसरों ने भी इसे गंभीरता से लिया। आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि किसानों को उनकी जमीन पर हक मिलना चाहिए।
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बरेली जिले में सरकारी जमीन खाली कराने की खानापूरी कर रहे प्रशासन को अब कटरी के पीड़ित किसानों की जमीन से कब्जा छुड़वाने की सुध आई है। अमर उजाला की सिलसिलेवार खबरों के बाद पुलिस ने पीड़ित किसानों के घर जाकर जमीन के कागजात मांगे हैं, जो माफिया के चंगुल में हैं। इधर, आईजी ने दावा किया है कि वह इस बारे में कमिश्नर से बात कर जमीन का बंदोबस्त कराएंगे ताकि बदायूं सीमा से सटी जमीन पर वास्तविक लोगों को हक मिल सके।
कटरी में सरकारी और किसानों की जमीन पर कब्जे का खेल बरसों पुराना है। फरीदपुर थाना क्षेत्र में रामगंगा पार जमीन पर कब्जे को लेकर हुए तिहरे हत्याकांड के बाद जब अमर उजाला ने आम किसानों की विवशता सार्वजनिक की तो अफसरों ने भी इसे गंभीरता से लिया। आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि किसानों को उनकी जमीन पर हक मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चूंकि फरीदपुर की सीमाएं बदायूं के दातागंज तहसील क्षेत्र से जुड़ती हैं और रामगंगा किनारे की जमीन नदी के दोनों पार है, इसलिए इसमें दो जिलों के पुलिस-प्रशासन को मिलकर काम करने की जरूरत है। पुलिस विभाग को वह निर्देशित कर ही चुके हैं। अब वह कमिश्नर से भी बात करके हकीकत से अवगत कराएंगे। उनके साथ पूरा रोडमैप बनाकर संयुक्त टीम काम करेगी। उम्मीद है कि किसानों को उनका हक मिल सकेगा।
पुलिस ने कागजात मांगे, अब अफसरों से मिलेंगे किसान
रायपुर हंस गांव के किसानों के घर बुधवार को फरीदपुर थाने की देवरनिया चौकी पुलिस पहुंची और जमीन के स्वामित्व से संबंधित कागजात मांगे। लोगों से पूछा गया कि उनकी कितनी जमीन पर कब्जा है। लोगों ने जानकारी के साथ कुछ कागजात भी पुलिस को सौंपे। पुलिस ने उनसे कहा कि अधिकारियों ने यह जानकारी जुटाने को कहा है।
सौ बीघा के जोतदारों से लेकर सोलह पट्टाधारकों तक की जमीन परमवीर सिंह के कब्जे में बताई जा रही हैं। किसानों ने बताया कि वे तो बरसों से जमीन वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे। वह बृहस्पतिवार को कमिश्नर व डीएम से मिलकर शिकायत करेंगे और अपनी जमीन के मालिकाना हक से संबंधित रिकॉर्ड सौंपेंगे।
आईजी डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि कमिश्नर से वार्ता के बाद अभियान शुरू करेंगे। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मिलकर काम करेंगी तो सच्चाई पता लगेगी कि किसानों की कितनी जमीन दबाई गई है। प्रयास करेंगे कि किसानों को उनका हक मिल सके।