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Bareilly News: अफसर नहीं जिम्मेदार, तकनीकी स्टाफ पर गाज गिरना तय
Thu, 07 Dec 2023 01:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 07 Dec 2023 01:46 AM IST
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बरेली। महिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में हुए हादसे की जांच पूरी हो गई है। इस बार भी अफसर अपनी जिम्मेदारी से बचने में कामयाब रहे। रिपोर्ट में डि्रलिंग से वायरिंग क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई गई है। इस लिहाज से अस्पताल के तकनीकी स्टाफ पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट डीएम को सौंपी जा सकती है। वही जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करेंगे। एसएनसीयू के संचालन पर भी वही निर्णय लेंगे।
पिछले सप्ताह मंगलवार को एसएनसीयू में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। हादसे की वजह से एसएनसीयू में भर्ती 11 नवजात को बदायूं मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। रास्ते में ही बहेड़ी के एक नवजात की मौत हो गई थी। प्रकरण में डीएम रविंद्र कुमार ने जांच के निर्देश दिए थे। तब तक एसएनसीयू का संचालन बंद रखने के लिए कहा था। विद्युत सुरक्षा निदेशालय, पीडब्ल्यूडी और हाइडिल के अभियंता ने संयुक्त जांच की। इसमें कई खामियां सामने आई हैं।
शॉर्ट सर्किट से जल गए थे कई उपकरण
अब तक की जांच में पता चला है कि शॉर्ट सर्किट के दौरान एमसीबी ट्रिपिंग नहीं हुई। फायर अलार्म भी नहीं बजा। निर्माण पूरा होने के बाद अस्पताल की ओर से कई बदलाव कराए गए। कहीं पंखे तो कहीं बल्ब समेत अन्य उपकरण लगाने के लिए दीवारों में जगह-जगह डि्रलिंग कराई गई थी। इस वजह से सीलन वायरिंग तक पहुंची और शॉर्ट सर्किट की वजह बनी। पंखा, बल्ब कई उपकरण भी फुंके।
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उपनिदेशक ने भी देखा था घटनास्थल
विद्युत सुरक्षा निदेशालय के उप निदेशक ओमप्रकाश ने भी दो दिन पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया था। सहायक निदेशक सुंदरलाल ने मौके के हालात देखे। संबंधित पक्षों के बयान लिए। साक्ष्य जुटाए। इसके आधार पर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया गया है, लेकिन अभी सभी अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। इसलिए रिपोर्ट बुधवार को डीएम को सौंपी जाएगी। खामियां दुरुस्त कराने के बाद ही एसएनसीयू संचालित होगा।
वर्जन
जांच पूरी हुई है या नहीं, इसके बारे में काेई जानकारी नहीं है। जो दिशानिर्देश मिलेंगे, उनका अनुपालन कराया जाएगा। - डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, सीएमएस, महिला अस्पताल
जांच टीम से मिली जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट सीधे डीएम को सौंपी जाएगी। डीएम ही एसएनसीयू के संचालन पर निर्णय लेंगे। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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पिछले सप्ताह मंगलवार को एसएनसीयू में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। हादसे की वजह से एसएनसीयू में भर्ती 11 नवजात को बदायूं मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। रास्ते में ही बहेड़ी के एक नवजात की मौत हो गई थी। प्रकरण में डीएम रविंद्र कुमार ने जांच के निर्देश दिए थे। तब तक एसएनसीयू का संचालन बंद रखने के लिए कहा था। विद्युत सुरक्षा निदेशालय, पीडब्ल्यूडी और हाइडिल के अभियंता ने संयुक्त जांच की। इसमें कई खामियां सामने आई हैं।
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शॉर्ट सर्किट से जल गए थे कई उपकरण
अब तक की जांच में पता चला है कि शॉर्ट सर्किट के दौरान एमसीबी ट्रिपिंग नहीं हुई। फायर अलार्म भी नहीं बजा। निर्माण पूरा होने के बाद अस्पताल की ओर से कई बदलाव कराए गए। कहीं पंखे तो कहीं बल्ब समेत अन्य उपकरण लगाने के लिए दीवारों में जगह-जगह डि्रलिंग कराई गई थी। इस वजह से सीलन वायरिंग तक पहुंची और शॉर्ट सर्किट की वजह बनी। पंखा, बल्ब कई उपकरण भी फुंके।
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उपनिदेशक ने भी देखा था घटनास्थल
विद्युत सुरक्षा निदेशालय के उप निदेशक ओमप्रकाश ने भी दो दिन पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया था। सहायक निदेशक सुंदरलाल ने मौके के हालात देखे। संबंधित पक्षों के बयान लिए। साक्ष्य जुटाए। इसके आधार पर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया गया है, लेकिन अभी सभी अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। इसलिए रिपोर्ट बुधवार को डीएम को सौंपी जाएगी। खामियां दुरुस्त कराने के बाद ही एसएनसीयू संचालित होगा।
वर्जन
जांच पूरी हुई है या नहीं, इसके बारे में काेई जानकारी नहीं है। जो दिशानिर्देश मिलेंगे, उनका अनुपालन कराया जाएगा। - डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, सीएमएस, महिला अस्पताल
जांच टीम से मिली जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट सीधे डीएम को सौंपी जाएगी। डीएम ही एसएनसीयू के संचालन पर निर्णय लेंगे। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ