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Bareilly News: हुनर भूलते जा रहे अफसर बने विशेषज्ञ डॉक्टर

Tue, 23 May 2023 02:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 23 May 2023 02:41 AM IST
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Officers are forgetting their skills and become expert doctors
बरेली। मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ''अफसरशाही'' भारी पड़ रही है। एक ताे उनकी विशेषज्ञता का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है, ऊपर से ये विशेषज्ञ अपना हुनर भूलते जा रहे हैं। लिहाजा, अब शासन ने अफसर बने बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों और चिकित्साधिकारियों को मरीज देखने और कौशल संरक्षण, संवर्धन के निर्देश दिए हैं। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सक और चिकित्सक आदि की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इनसे प्रतिमाह चार दिन ओपीडी कराई जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ, एसीएमओ, डिप्टी एसीएमओ, सीएमएस समेत यूपीएचसी, सीएचसी और पीएचसी पर तैनात कई चिकित्साधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं। मगर प्रशासनिक दायित्व मिलने के बाद कार्य अधिकता या अन्य वजहों से ओपीडी में मरीजों को नहीं देखते। बतौर अधिकारी सिर्फ कागजों तक सीमित रहते हैं।
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दूसरी वजह, विशेषज्ञ चिकित्सकों के तैनाती स्थल पर संसाधनों का अभाव होने से भी वह कौशल संरक्षण नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति भांपकर अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा की महानिदेशक रेनू श्रीवास्तव ने दिशानिर्देश जारी किए हैं, ताकि मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श का मौका मिले और उनका कौशल संरक्षण हो सके।
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सीएमओ, डीटीओ भी देंगे मरीजों को परामर्श, बन रही सूची
सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि प्राप्त निर्देशों के तहत अब वह भी ओपीडी करेंगे। बताया कि वह क्षय रोग विशेषज्ञ हैं। ऐसे में वह क्षय रोग से ग्रसित मरीजों की सप्ताह में एक दिन मंगलवार को ओपीडी करेंगे। जिला अस्पताल में ओपीडी की व्यवस्था के लिए सीएमएस से विचार विमर्श किया जाएगा। डीटीओ (जिला क्षय रोग अधिकारी) डॉ. केसी जोशी बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिक) हैं। उन्हें भी जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में सेवाएं देने के लिए कहा जाएगा।

लापरवाही पर की जाएगी कार्रवाई
जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। चिकित्सकों की विशेषज्ञता के आधार पर ओपीडी करने के निर्देश दिए जाएंगे। शीशगढ़ के एक डॉक्टर पीडियाट्रिशियन हैं, उनकी सेवाएं भी ली जाएंगी। करीब सप्ताहभर बाद औचक निरीक्षण कर ओपीडी हो रही है या नहीं इसका पता लगाया जाएगाा। जो लापरवाही बरतेंगे, उन पर कार्रवाई हो सकती है।


विशेषज्ञता पर संभाल रहे प्रशासनिक दायित्व
महिला अस्पताल की प्रभारी सीएमएस डॉ. पुष्पलता सम्मी गायनी सर्जन हैं। जिला अस्पताल की एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा पीडियाट्रिशियन हैं। मगर अस्पताल का प्रशासनिक, वित्तीय शक्तियाें का दायित्व भी इन्हीं पर है। डॉ. पुष्पलता का कहना है कि कार्यालय के कार्य समाप्त कर जरूरत पर वे गायनी सर्जन संबंधी कार्य करती हैं। इधर, डॉ. अलका शर्मा ने भी कार्यालय में मरीजों को देखने की बात कही है।
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